Dhanbad Blaze: बरवाअड्डा की रुई फैक्ट्री में आग का तांडव, जिंदा जलते बचे मजदूर, घंटों बाद पहुंची दमकल की गाड़ी और राख हो गए लाखों रुपये
धनबाद के बरवाअड्डा में शॉर्ट सर्किट के कारण एक रुई फैक्ट्री में भीषण आग लग गई है। एक मजदूर के झुलसने और लाखों के नुकसान की यह पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप कोयलांचल की इस बड़ी और दहला देने वाली घटना की हकीकत मिस कर देंगे।
धनबाद/बरवाअड्डा, 20 फरवरी 2026 – कोयला राजधानी धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र अंतर्गत शिमराटांड़ में शुक्रवार को उस वक्त मौत का साया मंडराने लगा, जब एक रुई फैक्ट्री अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई। लपटें इतनी ऊंची थीं कि आसमान काले धुएं की चादर से ढंक गया। इस हादसे ने न केवल फैक्ट्री मालिक की सालों की मेहनत को राख कर दिया, बल्कि वहां काम कर रहे मजदूरों की जान पर भी बन आई। शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई एक छोटी सी चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
शॉर्ट सर्किट और तबाही: जब मौत बनकर बरसीं लपटें
हादसा शुक्रवार दोपहर का बताया जा रहा है। फैक्ट्री में रोजाना की तरह पुराने कपड़ों से रुई बनाने का काम चल रहा था।
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अचानक भड़की चिंगारी: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिजली के बोर्ड में शॉर्ट सर्किट हुआ और वहां रखी सूखी रुई ने तुरंत आग पकड़ ली।
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मजदूर झुलसा: आग लगते ही फैक्ट्री के अंदर भगदड़ मच गई। इस अफरा-तफरी में एक मजदूर बुरी तरह झुलस गया, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुँचाया गया है।
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संसाधनों की कमी: आग बुझाने के लिए न तो फैक्ट्री के पास पर्याप्त पानी था और न ही अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers)। लोग बाल्टियों से पानी डालते रहे, लेकिन आग की भीषण लपटों के सामने सब बेअसर साबित हुआ।
प्रशासन की सुस्ती: "एक घंटे बाद पहुंची दमकल"
इस घटना ने एक बार फिर धनबाद के अग्निशमन विभाग की मुस्तैदी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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देरी से पहुंची गाड़ी: सूचना देने के करीब एक घंटे से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुँची। तब तक आग फैक्ट्री से निकलकर आसपास की झाड़ियों तक फैल चुकी थी।
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पुलिस की भूमिका: बरवाअड्डा थाना पुलिस मौके पर डटी रही और भीड़ को नियंत्रित किया, लेकिन पानी की कमी के कारण वे भी बेबस नजर आए।
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लाखों की मशीनरी राख: फैक्ट्री संचालक तारिक अनवर ने बताया कि आग में रुई बनाने वाली कीमती मशीनें, कच्चा माल और कीमती मोबाइल फोन जलकर खाक हो गए हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब 4 से 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
बरवाअड्डा फैक्ट्री हादसा: मुख्य विवरण (Fire Incident Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | शिमराटांड़, बरवाअड्डा (धनबाद) |
| हादसे की वजह | बिजली का शॉर्ट सर्किट |
| नुकसान का अनुमान | ₹4 लाख से ₹5 लाख |
| हताहत | एक मजदूर गंभीर रूप से झुलसा |
| दमकल की देरी | लगभग 1 घंटा 15 मिनट |
सुरक्षा पर उठे सवाल: क्या सबक मिलेगा?
फैक्ट्री संचालक और प्रशासन दोनों की लापरवाही इस हादसे में साफ नजर आती है।
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फायर ऑडिट: क्या इन छोटी फैक्ट्रियों का कभी फायर ऑडिट होता है?
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पानी की व्यवस्था: औद्योगिक क्षेत्रों में कम से कम एक बड़ा वॉटर टैंक होना अनिवार्य है, जिसकी कमी यहाँ साफ़ दिखी।
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मजदूरों की सुरक्षा: झुलसे हुए मजदूर के इलाज का खर्च और उसकी सुरक्षा का जिम्मा अब कौन उठाएगा?
बड़ी त्रासदी टली
गनीमत रही कि आग रिहायशी मकानों तक नहीं पहुँची, वरना धनबाद को एक बड़ी मानवीय त्रासदी झेलनी पड़ सकती थी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के तकनीकी कारणों की जांच की जा रही है।
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