Dhanbad Accident: सहिया जुबेदा की मौत के बाद हंगामा, मुआवजा और महिला सहिया की नियुक्ति की मांग

धनबाद के गोविंदपुर में सड़क हादसे में सहिया जुबेदा की मौत, अस्पताल में हंगामा और मुआवजे की मांग। पढ़ें पूरा मामला और प्रशासन का बयान।

Jan 25, 2025 - 10:11
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Dhanbad Accident: सहिया जुबेदा की मौत के बाद हंगामा, मुआवजा और महिला सहिया की नियुक्ति की मांग
Dhanbad Accident: सहिया जुबेदा की मौत के बाद हंगामा, मुआवजा और महिला सहिया की नियुक्ति की मांग

धनबाद के गोविंदपुर क्षेत्र में शुक्रवार को एक सड़क हादसे में सहिया जुबेदा खातून (55 वर्ष) की मौत हो गई। यह हादसा जीटी रोड पर हुआ, जब एक अज्ञात वाहन ने जुबेदा को टक्कर मारी। घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में तीन घंटे तक हंगामा किया, और मृतका के परिवार को मुआवजा देने तथा उसकी जगह महिला सहिया को नियुक्त करने की मांग की।

कैसे हुआ हादसा?

जुबेदा खातून, जो अमरपुर गांव की रहने वाली थीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोविंदपुर में सहिया के तौर पर कार्यरत थीं। शुक्रवार को जब उन्हें सड़क पार करते समय अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, तो वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद, उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिए बिना ही रेफर कर दिया। इसके बाद, ममता वाहन ने जुबेदा को सीएमएमसीएच की बजाय एक प्राइवेट नर्सिंग होम में भेज दिया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

अस्पताल परिसर में हंगामा

हादसे के बाद, स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचे और आरोप लगाया कि अस्पताल की लापरवाही के कारण जुबेदा की जान चली गई। उनका कहना था कि दुर्घटना के तुरंत बाद, बिना इलाज किए ही जुबेदा को रेफर कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए लोगों ने मुआवजे की मांग की और साथ ही यह भी कहा कि मृतका के परिवार की किसी महिला को सहिया नियुक्त किया जाए। इसके विरोध में लोग तीन घंटे तक अस्पताल परिसर में हंगामा करते रहे।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलने पर गोविंदपुर पुलिस इंस्पेक्टर रुस्तम अली और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी विशेश्वर कुमार मौके पर पहुंचे। दोनों ने पीड़ित परिवार को 10-10 हजार रुपये की व्यक्तिगत सहायता दी और उन्हें आश्वासन दिया कि यदि पंचायत की आमसभा में परिवार की किसी महिला को सहिया नियुक्त किया जाता है, तो अस्पताल प्रशासन इसे स्वीकार करेगा और सरकारी सहायता भी प्रदान की जाएगी।

क्या कहता है अस्पताल प्रशासन?

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह हादसा जीटी रोड पर हुआ था, जहां जुबेदा गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उनके सिर पर चोट थी, और स्थिति गंभीर देख उन्हें तुरंत रेफर किया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस दुर्घटना के लिए स्वास्थ्य केंद्र प्रशासन दोषी नहीं है, और घटना के बाद जुबेदा को सबसे अच्छा इलाज देने की कोशिश की गई थी।

क्या है इस हादसे का इतिहास?

धनबाद जैसे बड़े शहरों में सड़क हादसे दुर्भाग्यवश अक्सर होते रहते हैं। इन घटनाओं के बाद अस्पतालों में हंगामे का होना भी एक आम बात है, खासकर जब लापरवाही का आरोप अस्पतालों पर लगता है। इस हादसे ने एक बार फिर से यह सवाल उठाया है कि क्या हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है?

समाज और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

जुबेदा की मौत ने न सिर्फ अस्पताल प्रशासन को सवालों के घेरे में खड़ा किया है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि हमारे स्वास्थ्य सेवाओं में कितनी कमियां हैं। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने यह आवाज उठाई है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अस्पतालों में अधिक सर्तकता बरतनी चाहिए।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।