chauparan Accident: हजारीबाग में तीन ट्रक पलटे, जीटी रोड पर 7 KM लंबा जाम
हजारीबाग के चौपारण दनुआ घाटी में देर रात दो ट्रक और एक कंटेनर पलट गए। हादसे के बाद जीटी रोड पर 7 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने चालकों को सुरक्षित बचाया। जानिए पूरी खबर।

हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र स्थित दनुआ घाटी में कल देर रात एक बड़े सड़क हादसे ने हड़कंप मचा दिया। बुधवार की रात एनएच-02 (जीटी रोड) पर लगातार तीन बड़े वाहन — दो ट्रक और एक कंटेनर — अनियंत्रित होकर पलट गए। हादसे के बाद गुरुवार सुबह से ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया और यात्री घंटों तक परेशान रहे।
हादसे की सूचना और पुलिस की तत्परता
सूत्रों के अनुसार, रात लगभग 11 बजे दनुआ घाटी के पास पहले एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा, जिसके तुरंत बाद पीछे से आ रहे दूसरे ट्रक और कंटेनर ने भी नियंत्रण खो दिया और पलट गए। घटनास्थल पर स्थिति गंभीर हो गई, लेकिन गनीमत रही कि बड़ी जानहानि नहीं हुई।
जैसे ही घटना की सूचना चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी को मिली, वे दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने फंसे हुए चालकों को वाहन से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि तीनों चालक गंभीर रूप से घायल नहीं हुए, बल्कि मामूली चोटें आई हैं।
जीटी रोड पर 7 किलोमीटर लंबा जाम
गुरुवार की सुबह होते ही हादसे का असर साफ दिखने लगा। जीटी रोड (एनएच-02) पर दनुआ घाटी से लेकर लोहाबर तक करीब 7 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। भारी वाहनों और यात्री बसों की कतारें कई घंटों तक जाम में फंसी रहीं। यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देर तक परेशान होते रहे।
स्थानीय प्रशासन लगातार जाम हटाने में जुटा हुआ है। पुलिस ने क्रेन बुलाकर पलटे हुए ट्रकों और कंटेनर को हटाने का काम शुरू कर दिया है। हालांकि, सुबह से दोपहर तक जाम पूरी तरह नहीं खुल पाया था।
दनुआ घाटी: हादसों का हॉटस्पॉट
गौरतलब है कि दनुआ घाटी पहले से ही सड़क दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात मानी जाती है। यह क्षेत्र ऊँचे-नीचे मोड़ों और खतरनाक ढलानों से भरा हुआ है। पिछले कई वर्षों में इस इलाके में दर्जनों सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान भी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटी में रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही बेहद खतरनाक होती है। कई बार चालक थकान और तेज रफ्तार की वजह से नियंत्रण खो बैठते हैं। यही वजह है कि यहां हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दनुआ घाटी में ट्रैफिक मैनेजमेंट मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस इलाके में रात के समय भारी वाहनों के संचालन पर रोक लगनी चाहिए या फिर चालकों के लिए अनिवार्य विश्राम स्थल बनाया जाना चाहिए।
इसके अलावा, जगह-जगह स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी जरूरत बताई जा रही है, ताकि चालक सावधानी से वाहन चला सकें और हादसे रोके जा सकें।
प्रशासन की पहल
पुलिस प्रशासन ने बताया कि हादसे के बाद लगातार जाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है। दुर्घटनाग्रस्त ट्रकों को सड़क से हटाने के लिए जेसीबी और बड़ी क्रेनों की मदद ली जा रही है। वहीं, यातायात पुलिस छोटे वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकालने की कोशिश कर रही है।
प्रशासन ने अपील की है कि इस रूट से गुजरने वाले यात्री और चालक धैर्य बनाए रखें और आवश्यकतानुसार वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।
चौपारण का दनुआ घाटी इलाका एक बार फिर सड़क हादसे और जाम की वजह से सुर्खियों में है। हालांकि, पुलिस की तत्परता से किसी की जान नहीं गई, लेकिन यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि आखिर कब तक दनुआ घाटी जैसे खतरनाक इलाकों में लापरवाही से वाहन चलाने की वजह से सड़क हादसे होते रहेंगे।
What's Your Reaction?






