Chakulia Raid: बड़ा एक्शन, चाकुलिया में बालू माफिया का साम्राज्य ध्वस्त, नदी घाट पर पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक
चाकुलिया के श्यामसुंदरपुर में पुलिस ने स्वर्णरेखा नदी के किनारे चल रहे अवैध बालू खनन के काले धंधे पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। कैनाल के पास छिपाकर रखे गए 10 हाइवा बालू की ज़ब्ती और माफियाओं के बीच मचे हड़कंप की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ दी गई है वरना आप भी सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले इस खेल को कभी नहीं समझ पाएंगे।
चाकुलिया/जमशेदपुर, 5 जनवरी 2026 – झारखंड के चाकुलिया क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी की कोख उजाड़ रहे बालू माफियाओं के खिलाफ सोमवार को पुलिस ने 'ऑपरेशन क्लीन' चलाकर उनके हौसले पस्त कर दिए। श्यामसुंदरपुर थाना क्षेत्र के चंदनपुर स्वर्णरेखा नदी घाट से अवैध रूप से निकाले गए बालू के विशाल स्टॉक को पुलिस ने ज़ब्त कर लिया है। माफियाओं ने कैनाल के बगल में बड़ी चालाकी से बालू का ढेर लगा रखा था, जिसे वे ऊंचे दामों पर बाजार में खपाने की तैयारी में थे। थाना प्रभारी सुनील भोक्ता के नेतृत्व में हुई इस औचक कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि सरकारी राजस्व की चोरी करने वालों के दिन अब गिनती के रह गए हैं।
कैनाल के पास 'खजाना': पुलिस की खुफिया स्ट्राइक
लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि चंदनपुर घाट से बालू का अवैध खनन कर उसे सुरक्षित स्थानों पर स्टोर किया जा रहा है।
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सटीक सूचना: सोमवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कैनाल के पास झाड़ियों और सुनसान जगह का फायदा उठाकर माफियाओं ने बालू का बड़ा स्टॉक जमा किया है।
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बड़ी बरामदगी: मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने जब जांच शुरू की, तो वहां 10 हाइवा (लगभग 2000-2500 क्यूबिक फीट) अवैध बालू का विशाल स्टॉक मिला।
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माफिया फरार: पुलिस की गाड़ी देखते ही वहां मौजूद मजदूर और माफिया के गुर्गे भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने पूरे स्टॉक को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है।
स्वर्णरेखा की 'रेत' और माफिया का 'सेटअप'
बालू माफियाओं ने नदी से बालू निकालने और उसे खपाने का एक संगठित ढांचा तैयार कर रखा था।
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रात का खेल: नदी घाट से रात के अंधेरे में बालू निकाला जाता था और उसे ट्रैक्टरों के जरिए मुख्य सड़क से दूर स्टॉक किया जाता था।
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राजस्व का नुकसान: इस अवैध परिवहन से सरकार को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
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अगला निशाना: थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि बालू किसका है, इसका पता लगाया जा रहा है। जमीन के मालिक और स्टॉक करने वाले मुख्य सरगना की पहचान होते ही FIR दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
चाकुलिया बालू जब्ती: कार्रवाई का ब्योरा (Raid Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| स्थान | कैनाल के पास, श्यामसुंदरपुर (चाकुलिया) |
| जब्त मात्रा | 10 हाइवा बालू (अवैध स्टॉक) |
| मुख्य घाट | चंदनपुर स्वर्णरेखा नदी घाट |
| कार्रवाई प्रमुख | सुनील भोक्ता (थाना प्रभारी) |
| असर | माफियाओं में हड़कंप, परिवहन ठप |
इतिहास और रंजिश: चाकुलिया-बहरागोड़ा बेल्ट का 'सफेद सोना'
चाकुलिया और बहरागोड़ा से गुजरने वाली स्वर्णरेखा नदी का बालू अपनी गुणवत्ता के कारण पूरे झारखंड और पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में प्रसिद्ध है। इसे स्थानीय भाषा में 'सफेद सोना' कहा जाता है। ऐतिहासिक रूप से, 2010 के बाद जब निर्माण कार्यों में तेजी आई, तब से यह इलाका बालू माफियाओं का गढ़ बन गया। 2018 में भी इसी बेल्ट में बड़े पैमाने पर छापेमारी हुई थी, जिसमें कई माफियाओं पर PMLA के तहत कार्रवाई की गई थी। चंदनपुर घाट माफियाओं के लिए इसलिए पसंदीदा है क्योंकि यहाँ से बंगाल की सीमा करीब है, जिससे अवैध परिवहन करना आसान हो जाता है। पुलिस की ताज़ा कार्रवाई इसी पुराने सिंडिकेट की कमर तोड़ने की एक कड़ी है।
हड़कंप का माहौल: गश्ती दल हुआ सक्रिय
प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई से पूरे श्यामसुंदरपुर क्षेत्र के बालू माफिया भूमिगत हो गए हैं।
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चेतावनी: पुलिस ने नदी घाटों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों से अपील की है कि वे बालू चोरी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
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सख्ती का संदेश: पुलिस अब उन वाहनों की सूची बना रही है जो अक्सर इस रूट पर रात के समय बिना चालान (Mining Challan) के बालू लेकर गुजरते हैं।
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आगे की रणनीति: ज़ब्त बालू की नीलामी प्रक्रिया के लिए जिला खनन विभाग (DMO) को रिपोर्ट भेज दी गई है, ताकि सरकारी खजाने में पैसा जमा हो सके।
नदी की चीख और पुलिस की मुस्तैदी
चाकुलिया की यह कार्रवाई केवल 10 हाइवा बालू की जब्ती नहीं है, बल्कि उस पर्यावरण विनाश को रोकने की कोशिश है जो स्वर्णरेखा नदी के अस्तित्व को खतरे में डाल रहा है। माफियाओं के खिलाफ सुनील भोक्ता की यह मुहिम अगर इसी तरह जारी रही, तो आने वाले दिनों में सफेद सोने की यह लूट पूरी तरह बंद हो सकती है।
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