Chaibasa Crash: भीषण टक्कर, खड़े ट्रैक्टर में घुसी तेज रफ्तार बाइक, तीन दोस्तों की एक साथ मौत, आचु गांव में मची चीख-पुकार
चाईबासा के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत आचु गांव में देर रात लकड़ी लदे ट्रैक्टर से टकराकर तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई है जबकि एक जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। सिंहपोखरिया और टोंटो के इन परिवारों पर टूटे दुखों के पहाड़ और रात के अंधेरे में हुए इस खौफनाक हादसे की पूरी हकीकत यहाँ दी गई है वरना आप भी असुरक्षित सड़कों पर छिपे इस मौत के जाल से अनजान रह जाएंगे।
चाईबासा, 24 दिसंबर 2025 – पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में मंगलवार की काली रात तीन घरों के चिरागों को हमेशा के लिए बुझा गई। आचु गांव के पास हुए एक हृदयविदारक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को सन्न कर दिया है। एक ही बाइक पर सवार चार युवक रात के अंधेरे में सड़क किनारे खड़े लकड़ी लदे ट्रैक्टर को देख नहीं पाए और उनकी बाइक सीधे काल के गाल में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीन दोस्तों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने एक बार फिर कोल्हान की सड़कों पर खड़े लावारिस वाहनों और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इतिहास: चाईबासा की सड़कें और 'खड़े ट्रक' का खूनी रिकॉर्ड
ऐतिहासिक रूप से चाईबासा-मुफ्फसिल का इलाका लौह अयस्क और लकड़ियों के परिवहन के लिए जाना जाता है। 1990 के दशक से जब यहाँ खनन और वन संपदा का व्यापार बढ़ा, तो सड़कों पर भारी वाहनों की कतारें आम हो गईं। लेकिन दुखद पहलू यह है कि आचु और सिंहपोखरिया जैसे इलाकों में रात के समय बिना 'रिफ्लेक्टर' या 'पार्किंग लाइट' के वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करना एक जानलेवा परंपरा बन गई है। पिछले 5 वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि चाईबासा में होने वाली 30% सड़क दुर्घटनाएं केवल सड़क किनारे खड़े वाहनों से टकराने के कारण होती हैं। कल रात का हादसा इसी ऐतिहासिक लापरवाही की एक और दर्दनाक कड़ी है।
मौत का सन्नाटा: जब एक बाइक पर सवार थे चार दोस्त
मंगलवार की देर रात करीब 11 बजे के आसपास चारों युवक अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे थे।
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अचानक हुई भिड़ंत: आचु गांव के पास सड़क किनारे लकड़ी लदा एक ट्रैक्टर खड़ा था। अंधेरा अधिक होने और संभवतः ट्रैक्टर पर कोई रिफ्लेक्टर न होने के कारण बाइक चालक नियंत्रण खो बैठा और पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
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ग्रामीणों की मदद: धमाके की आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण मौके पर दौड़े। उन्होंने लहूलुहान पड़े युवकों को उठाकर तुरंत सदर अस्पताल चाईबासा पहुँचाया।
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चिकित्सकों की पुष्टि: अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक की धड़कनें अभी भी चल रही हैं।
शिनाख्त: मातम में डूबा सिंहपोखरिया और टोंटो
पुलिस ने मृतकों की शिनाख्त कर ली है, जिससे पता चला है कि ये सभी युवक आसपास के गांवों के ही रहने वाले थे।
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भगवान सवैंया: निवासी सिंहपोखरिया, मुफ्फसिल थाना।
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संतु बुड़िउली: निवासी टोंटो।
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तीसरा युवक: इसकी पहचान के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।
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घायल भगवान कुदादा: उलीझारी निवासी भगवान कुदादा की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और वे फिलहाल सदर अस्पताल के आईसीयू में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
सड़क हादसे का संक्षिप्त विवरण (Quick Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| हादसे का स्थान | आचु गांव, मुफ्फसिल थाना, चाईबासा |
| मौत का कारण | लकड़ी लदे खड़े ट्रैक्टर से टक्कर |
| मृतकों की संख्या | 03 युवक |
| गंभीर घायल | 01 (भगवान कुदादा) |
| पोस्टमार्टम | बुधवार (24 दिसंबर) को निर्धारित |
पुलिस की जांच: ट्रैक्टर मालिक पर गिरेगी गाज?
मुफ्फसिल थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर ट्रैक्टर और क्षतिग्रस्त बाइक को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या ट्रैक्टर को गलत तरीके से सड़क पर खड़ा किया गया था। चाईबासा पुलिस ने पहले भी कई बार चेतावनी दी है कि रात के समय सड़कों पर वाहन खड़ा करना अपराध है, लेकिन नियम तोड़ने वालों की वजह से मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। बुधवार सुबह मृतकों का पोस्टमार्टम किया जाएगा जिसके बाद उनके शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।
कब थमेगा सड़कों पर यह खूनी खेल?
आचु गांव का यह हादसा केवल एक एक्सीडेंट नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता है। तीन युवाओं की मौत ने सिंहपोखरिया और टोंटो गांव में सन्नाटा पसरा दिया है। क्रिसमस और नए साल की तैयारियों के बीच इन घरों में अब केवल मातम और सिसकियां हैं। यह घटना हम सभी के लिए एक सबक है कि सड़कों पर सावधानी और सुरक्षा नियमों का पालन कितना अनिवार्य है।
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