Bahragora Suicide: खौफनाक धोखा, प्यार में टूटा मैक्स मिलन का दम, फंदे पर झूला युवक, परिजनों ने शव लेने से किया साफ इनकार
बहरागोड़ा के इंचड़ासोल में 24 वर्षीय युवक मैक्स मिलन राणा ने प्रेम प्रसंग में मिले धोखे के कारण किराए के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी है। परिजनों द्वारा शव को अपनाने से इनकार करने और पुलिस द्वारा सामाजिक संस्था की मदद से अंतिम संस्कार कराए जाने की पूरी मर्मस्पर्शी हकीकत यहाँ दी गई है वरना आप भी इस अनसुलझी प्रेम कहानी के दर्दनाक अंत से अनजान रह जाएंगे।
बहरागोड़ा, 24 दिसंबर 2025 – पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा प्रखंड में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने न केवल रिश्तों की गहराई पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर दिया है। इंचड़ासोल गांव के एक किराए के मकान में ओडिशा निवासी मैक्स मिलन राणा (24 वर्ष) का शव फंदे से लटका मिला। यह मामला केवल एक आत्महत्या तक सीमित नहीं रहा; इसकी त्रासदी तब और बढ़ गई जब खुद के खून यानी परिजनों ने ही युवक के पार्थिव शरीर को अपनाने से हाथ खड़े कर दिए। प्रेम में मिला कथित धोखा और फिर अपनों का यह परायापन—मैक्स की मौत की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कहीं अधिक दर्दनाक और उलझी हुई है।
इतिहास: कोल्हान-ओडिशा सीमा पर पलायन और मानसिक एकाकीपन
ऐतिहासिक रूप से बहरागोड़ा झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा का त्रिकोणीय संगम रहा है। 2000 के दशक के बाद रोजगार और शिक्षा की तलाश में ओडिशा के सीमावर्ती जिलों (जैसे झारपोखरिया) से युवाओं का पलायन बहरागोड़ा की ओर बढ़ा है। यहाँ के इंचड़ासोल और आसपास के गांवों में किराए पर रहने वाले युवा अक्सर सामाजिक परिवेश से कट जाते हैं। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, बाहरी राज्यों से आए युवाओं में 'सपोर्ट सिस्टम' की कमी और प्रेम प्रसंगों में असफलता उन्हें आत्मघाती कदमों की ओर ढकेलती है। मैक्स मिलन राणा की घटना इसी आधुनिक सामाजिक अलगाव का एक दुखद उदाहरण है।
इंचड़ासोल का वो बंद कमरा: जब सन्नाटा चीखने लगा
मंगलवार की शाम इंचड़ासोल गांव में हलचल तब शुरू हुई जब मैक्स के कमरे से घंटों तक कोई आवाज नहीं आई।
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पुलिस की दस्तक: सूचना पाकर थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे।
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दिल दहला देने वाला मंजर: दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर मैक्स का शव फंदे से झूल रहा था। कमरे की तलाशी में मिले दस्तावेजों से पता चला कि वह मूल रूप से झारपोखरिया (ओडिशा) का रहने वाला था।
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धोखे की दास्तां: शुरुआती जांच और स्थानीय इनपुट के अनुसार, मैक्स एक गंभीर प्रेम संबंध में था। चर्चा है कि प्रेम में मिले धोखे ने उसे इस कदर तोड़ दिया कि उसने मौत को गले लगाना बेहतर समझा।
अपनों का इनकार: जब रिश्तों ने मुंह मोड़ लिया
इस मामले का सबसे काला अध्याय बुधवार को लिखा गया। थाना प्रभारी ने काफी प्रयासों के बाद मृतक के मामा और पैतृक परिजनों को बहरागोड़ा थाना बुलाया। लेकिन जो हुआ उसकी उम्मीद पुलिस को भी नहीं थी।
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लिखित इनकार: मृतक के मामा और पिता पक्ष के लोगों ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर कह दिया कि वे शव को स्वीकार करने में असमर्थ हैं और उसे अपने साथ नहीं ले जाएंगे।
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संवेदनहीनता की हद: 24 साल के बेटे की लाश को इस तरह लावारिस छोड़ देना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। अपनों के इस व्यवहार ने पुलिस की जांच को और भी पेचीदा बना दिया है।
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सम्मानजनक विदाई: परिजनों के इनकार के बाद पुलिस ने एक स्थानीय सामाजिक संस्था से संपर्क किया है। पोस्टमार्टम के बाद संस्था के सहयोग से ही मैक्स का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान से कराया जाएगा।
घटना का संक्षिप्त विवरण (Case Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| मृतक का नाम | मैक्स मिलन राणा (24 वर्ष) |
| मूल निवास | झारपोखरिया, ओडिशा |
| घटना स्थल | इंचड़ासोल (किराए का मकान) |
| संभावित कारण | प्रेम प्रसंग में मिला धोखा |
| पुलिस कार्रवाई | पोस्टमार्टम के बाद संस्था द्वारा अंतिम संस्कार |
पुलिस की अपील: संवाद ही है समाधान
बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने इस घटना पर दुख जताते हुए युवाओं से खास अपील की है। उन्होंने कहा कि "जीवन में समस्याएं चाहे पारिवारिक हों या प्रेम संबंधी, आत्महत्या कभी विकल्प नहीं हो सकती। मानसिक तनाव की स्थिति में परामर्श और अपनों से संवाद का रास्ता अपनाएं।" पुलिस अब मैक्स के मोबाइल फोन के जरिए उस 'तीसरे शख्स' की तलाश कर रही है जिसके कारण उसने यह कदम उठाया।
एक अनसुनी चीख का अंत
मैक्स मिलन राणा की मौत ने समाज के सामने कई सवाल छोड़ दिए हैं। क्या प्रेम और फिर परिवार का त्याग एक युवा को इतना मजबूर कर सकता है? इंचड़ासोल के उस किराए के कमरे में जो हुआ, वह केवल एक मौत नहीं बल्कि एक उम्मीद का कत्ल है। अब पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही इस रहस्य से पर्दा उठाएगी कि मैक्स की आखिरी बातें क्या थीं।
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