Chaibasa Loot: सावधान, एटीएम में फेविक्विक लगाकर ठगी, बिहार के नवादा का शातिर जालसाज गिरफ्तार, लाखों उड़ाए
चाईबासा पुलिस ने एटीएम कार्ड चिपकाकर और क्लोनिंग के जरिए लाखों रुपये उड़ाने वाले एक खतरनाक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बिहार के गया से दबोचे गए ठग प्रिंस कुमार और उसके फेविक्विक वाले इस शातिराना जाल की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी बैंक से पैसा निकालते वक्त अपनी जमापूंजी से हाथ धो बैठेंगे।
चाईबासा, 10 जनवरी 2026 – पश्चिम सिंहभूम की चाईबासा पुलिस ने डिजिटल ठगी और एटीएम क्लोनिंग के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जिसने पुलिस की रातों की नींद उड़ा रखी थी। एटीएम मशीन में फेविक्विक लगाकर कार्ड फंसाने और फिर मदद के बहाने क्लोनिंग कर लाखों रुपये उड़ाने वाले इस गिरोह का एक मुख्य सदस्य अब पुलिस की गिरफ्त में है। बिहार के नवादा से ताल्लुक रखने वाले इस शातिर अपराधी ने झारखंड और बिहार के कई जिलों में अपना जाल फैला रखा था। इस गिरफ्तारी ने न केवल एक बड़ी गुत्थी सुलझाई है, बल्कि एटीएम इस्तेमाल करने वाले हर आम नागरिक के लिए एक बड़ा अलर्ट भी जारी किया है।
फेविक्विक वाली 'डिजिटल डकैती': कैसे फंसाया मुकु बारी को?
यह पूरा मामला किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। चाईबासा के सदर थाना क्षेत्र के जैन मार्केट स्थित केनरा बैंक के एटीएम में अपराधियों ने एक बेहद अजीब लेकिन घातक तरीका अपनाया।
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कार्ड जाम करने की साजिश: अपराधियों ने एटीएम कार्ड डालने वाली स्लॉट में पहले ही फेविक्विक लगा दिया था।
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शिकार की तलाश: जैसे ही पीड़ित मुकु बारी पैसे निकालने पहुँचे, उनका कार्ड मशीन में फंस गया। वहां पहले से मौजूद ठगों ने मदद का नाटक किया और चालाकी से उनका पिन देख लिया।
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खाता साफ: जैसे ही मुकु वहां से हटे, ठगों ने कार्ड निकालकर उसकी क्लोनिंग की और देखते ही देखते उनके खाते से 1 लाख 54 हजार 390 रुपये उड़ा दिए।
गया से नवादा के 'प्रिंस' की गिरफ्तारी
निकासी का मैसेज मिलते ही मुकु बारी के होश उड़ गए और उन्होंने 17 दिसंबर को सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
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स्पेशल टीम का एक्शन: चाईबासा डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ठगों का पीछा किया।
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बिहार में रेड: पुलिस ने बिहार के गयाजी (गया) में छापेमारी कर प्रिंस कुमार (26 वर्ष) को धर दबोचा। वह मूल रूप से नवादा का रहने वाला है।
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बरामदगी: पुलिस ने उसके पास से अपराध में इस्तेमाल मोबाइल और एक जैकेट जब्त की है। प्रिंस ने कबूल किया है कि वह अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर झारखंड और बिहार में सैकड़ों लोगों को चूना लगा चुका है।
एटीएम ठगी गिरोह: चाईबासा पुलिस की सफलता (Fraud Case Summary)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| गिरफ्तार आरोपी | प्रिंस कुमार (26), नवादा, बिहार |
| ठगी का तरीका | फेविक्विक से कार्ड फंसाना और क्लोनिंग |
| लूटी गई राशि | ₹1,54,390 |
| जब्त सामान | 01 मोबाइल, 01 जैकेट |
| गिरफ्तारी की जगह | गया (बिहार) |
सावधान: एटीएम में घुसते ही करें ये जांच
चाईबासा पुलिस ने प्रेस वार्ता के दौरान लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी है।
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स्लॉट की जांच: कार्ड डालने से पहले स्लॉट को हिलाकर देखें कि वहां कुछ चिपका तो नहीं है।
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पिन की सुरक्षा: पिन डालते समय की-पैड को दूसरे हाथ से ढकें।
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अजनबियों से दूरी: एटीएम के अंदर किसी भी अनजान व्यक्ति की मदद न लें और न ही उन्हें अपना कार्ड छूने दें।
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शिकायत: अगर कार्ड फंस जाए, तो तुरंत बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर कार्ड ब्लॉक कराएं, न कि किसी बाहरी व्यक्ति पर भरोसा करें।
गिरोह के दूसरे सदस्य की तलाश जारी
प्रिंस कुमार की गिरफ्तारी इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट के लिए एक बड़ा झटका है। पुलिस अब प्रिंस के साथी की तलाश में जुटी है, जो फरार बताया जा रहा है। चाईबासा डीएसपी ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही पूरे गिरोह को सलाखों के पीछे पहुँचाया जाएगा।
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