Chaibasa Fraud: फर्जी इंस्पेक्टर, चाईबासा में CID अफसर बनकर वसूली करने वाला गिरफ्तार, व्हाट्सएप पर लगाता था बड़े साहबों की फोटो
चाईबासा में खुद को सीआईडी इंस्पेक्टर बताकर लोगों को लूटने वाले एक शातिर ठग और उसके नाबालिग साथी को पुलिस ने धर दबोचा है। पुलिस के लोगो वाली बाइक और व्हाट्सएप पर बड़े अधिकारियों की डीपी लगाकर ठगी करने के इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे का पूरा सच यहाँ दिया गया है वरना आप भी इन फर्जी वर्दीधारियों के जाल में फंस सकते हैं।
चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम), 15 जनवरी 2026 – झारखंड के चाईबासा में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो वर्दी की धौंस दिखाकर आम जनता की जेबें ढीली कर रहा था। पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है जो खुद को CID (सीआईडी) का बड़ा अधिकारी बताकर लोगों को डराता-धमकाता और उनसे मोटी रकम वसूलता था। गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान रोशन एक्का (38 वर्ष) के रूप में हुई है। ताज्जुब की बात यह है कि इस खेल में उसने एक नाबालिग को भी शामिल कर रखा था। पुलिस ने इनके पास से फर्जी नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल और चोरी के मोबाइल बरामद किए हैं, जो इनके अपराध की गवाही दे रहे हैं।
टुंगरी पुल पर फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में एक संदिग्ध बाइक घूम रही है, जिस पर पुलिस का लोगो लगा है लेकिन सवार व्यक्ति की हरकतें संदेहास्पद हैं।
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घेराबंदी और तलाशी: मुफ्फसिल थाना पुलिस ने गुरुवार को टुंगरी पुल के पास जाल बिछाया। जैसे ही संदिग्ध बाइक वहां पहुँची, पुलिस ने उसे रोक लिया।
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नंबर प्लेट का खेल: बाइक पर लगी नंबर प्लेट फर्जी निकली। कड़ाई से जांच करने पर पता चला कि आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए असली नंबर प्लेट को सीट के नीचे छिपाकर रखा था।
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व्हाट्सएप प्रोफाइल का मायाजाल: आरोपी रोशन एक्का इतना शातिर था कि उसने अपने व्हाट्सएप पर झारखंड के वरीय पुलिस अधिकारियों की तस्वीरें लगा रखी थीं ताकि वह किसी को भी फोन करे तो सामने वाला उसे सचमुच का बड़ा अफसर समझ ले।
नोवामुंडी में 'CID इंस्पेक्टर' बनकर की थी ठगी
पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले दो महीनों से वे चाईबासा और आसपास के इलाकों में सक्रिय थे।
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पिछला कांड: करीब दो महीने पहले इन्होंने नोवामुंडी थाना क्षेत्र में खुद को सीआईडी इंस्पेक्टर बताकर एक युवक को अपने जाल में फंसाया और उससे हजारों रुपये की ठगी की।
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पुराना इतिहास: पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि रोशन एक्का कोई नौसिखिया नहीं है। उसका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी जेल की हवा खा चुका है।
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मोबाइल चोरी: इनके पास से बरामद मोबाइल फोन भी चोरी के निकले, जिनका इस्तेमाल ये ठगी के लिए करते थे।
चाईबासा फर्जी पुलिस केस: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| मुख्य आरोपी | रोशन एक्का (38 वर्ष) |
| सहयोगी | एक नाबालिग (हिरासत में) |
| मोडस ऑपरेंडी | खुद को सीआईडी अधिकारी बताना |
| बरामदगी | फर्जी लोगो वाली बाइक, चोरी के मोबाइल |
| दर्ज मामला | मुफ्फसिल थाना (चाईबासा) |
प्रशासन की अपील: वर्दी देखकर न डरें, पहचान मांगें
मुफ्फसिल थाना पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आगे की जांच की जा रही है।
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जनता के लिए चेतावनी: पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस अधिकारी बताकर रुपयों की मांग करता है या डराता है, तो तुरंत उसका आईडी कार्ड मांगें।
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सतर्कता ही बचाव: किसी भी अनजान व्यक्ति के व्हाट्सएप प्रोफाइल पर लगी फोटो देखकर उसे अधिकारी न मान लें।
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सूचना केंद्र: चाईबासा पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय थाने को दें।
सलाखों के पीछे 'नकली साहब'
रोशन एक्का की गिरफ्तारी ने साफ कर दिया है कि अपराध का रास्ता कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथ वहां तक पहुँच ही जाते हैं। चाईबासा पुलिस अब उन अन्य लोगों की तलाश कर रही है जो इस गिरोह के शिकार हुए हैं।
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