Chaibasa Raid: चाईबासा की झाड़ियों में मिनी शराब फैक्ट्री मिली, 22 लाख की अवैध शराब जब्त हुई
पश्चिमी सिंहभूम के झींकपानी थाना अंतर्गत चाडाबासा गांव में उत्पाद विभाग ने गुरुवार सुबह 4 बजे छापामारी की। उस पुराने घर में अवैध शराब बनाने की मिनी फैक्ट्री चल रही थी। 101 पेटी तैयार शराब, 500 लीटर स्पिरिट और हजारों रैपर बरामद हुए। इस अवैध शराब की बाजार कीमत 20 से 22 लाख रुपये है। फैक्ट्री का मालिक मनोज साहनी और हरीश बेहरा है, और उन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। जानिए चाईबासा में अवैध शराब के इस बड़े कारोबार का पूरा खुलासा।
चाईबासा, 13 नवंबर 2025 – झारखंड में अवैध शराब का खतरनाक कारोबार कितनी जड़ें जमा चुका है, इसका खुलासा आज पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी थाना क्षेत्र में हुआ। उत्पाद विभाग ने गुरुवार तड़के चडाबासा गांव में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध मिनी शराब फैक्ट्री को नष्ट कर दिया। इस फैक्ट्री से लगभग 20 से 22 लाख रुपये बाजार कीमत की भारी मात्रा में अवैध शराब, रैपर, ढक्कन और 500 लीटर स्पिरिट जब्त किया गया है। यह कार्रवाई केवल शराब जब्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात पर जोर देती है कि अवैध शराब का यह जहर बाजार में किस कदर पहुंचने वाला था। आखिर यह मिनी फैक्ट्री गांव के एक पुराने घर में गुप्त रूप से क्यों चल रही थी, और उत्पाद विभाग के हाथ अब तक इसके मालिक क्यों नहीं आए?
तड़के 4 बजे छापामारी: पुराने घर में चलता था काला धंधा
चाईबासा उत्पाद विभाग के आयुक्त अरविंद कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि चडाबासा गांव में अवैध शराब का कारोबार चल रहा है।
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टीम गठन: गुप्त सूचना के आधार पर चाईबासा उत्पादन आयुक्त अरविंद कुमार के निर्देश में उत्पाद विभाग की टीम ने गुरुवार सुबह 4 बजे झींकपानी थाना क्षेत्र के चाडाबासा गांव में छापामारी की।
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फैक्ट्री का खुलासा: काफी खोजबीन के बाद एक पुराने घर में अवैध शराब बनाने की मिनी फैक्ट्री के रूप में सामग्री बरामद की गई, जो गुप्त रूप से चलाई जा रही थी।
22 लाख की अवैध शराब जब्त: जहर बनने से पहले पकड़ी गई
उत्पाद विभाग की टीम ने मौके से भारी मात्रा में तैयार और अर्ध-तैयार सामग्री जब्त की।
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जब्ती: घटनास्थल से 101 पेटी तैयार अवैध शराब, 500 लीटर अवैध शराब बनाने के लिए रखा स्पिरिट, हजारों खाली बोतल, ढक्कन, रैपर आदि भारी मात्रा में बरामद की गई।
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बाजार कीमत: जब्त अवैध शराब की बाजार कीमत लगभग 20 से 22 लाख रुपए हो सकती है।
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उद्देश्य: अरविंद कुमार ने कहा कि आज जो अवैध शराब बरामद किया गया है, उन्हें बाजार में ही बेचा जाने वाला था।
मालिक फरार: मनोज साहनी और हरीश बेहरा पर निशाना
छापामारी के दौरान मिनी फैक्ट्री में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, लेकिन विभाग को मालिकों की जानकारी मिली है।
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मालिकों की पहचान: प्रथम दृष्टया मनोज साहनी और हरीश बेहरा नामक व्यक्ति की जानकारी मिली है, जो इस फैक्ट्री के मालिक बताए जा रहे हैं।
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गिरफ्तारी के लिए छापामारी: विभाग उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी कर रहा है, और जल्द ही उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्पाद आयुक्त ने चेतावनी दी है कि चाईबासा जिला में किसी भी हालत में अवैध शराब का संचालन नहीं करने दिया जाएगा और विभाग पूरी तरह मुस्तैद है।
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