Saraikela Arrest : सरायकेला डाकघर के दो अधिकारी घूस लेते रंगेहाथ पकड़े गए, सीबीआई के जाल में फंसे
सरायकेला डाकघर के पोस्टल असिस्टेंट और इंस्पेक्टर को सीबीआई ने ₹20,000 की घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा। ग्रामीण डाक सेवक के पद पर योगदान स्वीकार करने के एवज में रिश्वत मांगी गई थी। सीबीआई की ट्रैप टीम ने दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार किया। इन अधिकारियों के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें थीं। सीबीआई की तलाशी में आवास और कार्यालयों से महत्वपूर्ण दस्तावेज और नगदी मिली। जानिए भ्रष्टाचार के इस बड़े रैकेट का पूरा खुलासा।
सरायकेला, 13 नवंबर 2025 – केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सफल कार्रवाई करते हुए सरायकेला डाकघर के दो उच्चाधिकारियों को घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में पोस्टल असिस्टेंट और इंस्पेक्टर शामिल हैं, जिन्हें ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए सीबीआई की ट्रैप टीम ने दबोचा। यह मामला केवल रिश्वत लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी विभागों में फैले गहरे भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है, जहां ईमानदार कर्मचारी बनने के लिए भी घूस देनी पड़ती है। सूत्रों के अनुसार, इन दोनों के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें थीं। सवाल यह है कि क्या सीबीआई की जांच में इनके पिछले भ्रष्टाचार की कहानियां भी सामने आएँगी, और इस रिश्वतखोरी के रैकेट में और कौन-कौन शामिल है?
20,000 रुपये की घूस: ट्रैप करके किया पर्दाफाश
सीबीआई को दोनों अधिकारियों के खिलाफ एक विशिष्ट शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर उन्होंने यह जाल बिछाया।
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रिश्वत की मांग: दोनों अधिकारियों ने ग्रामीण डाक सेवक के पद पर रंजन दास का योगदान स्वीकार करने के एवज में ₹20,000 की घूस मांगी थी।
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ट्रैप: शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने पूरी योजना बनाकर ट्रैप लगाया।
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गिरफ्तारी: दोनों अधिकारियों को घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया और उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
तलाशी अभियान: नगदी और दस्तावेज बरामद
गिरफ्तारी के बाद, सीबीआई ने भ्रष्टाचार के साक्ष्यों को इकट्ठा करने के लिए तुरंत तलाशी अभियान चलाया।
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तलाशी: सीबीआई ने गिरफ्तारी के बाद दोनों के आवास और कार्यालयों की तलाशी ली।
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बरामदगी: इस तलाशी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और कुछ नकदी भी बरामद हुई है, जो उनकी अवैध गतिविधियों की पुष्टि करती है।
सीबीआई की पूछताछ: भ्रष्टाचार के पुराने राज खुलेंगे
बताया जाता है कि ये दोनों अधिकारी लंबे समय से रिश्वतखोरी में शामिल थे, जिसकी जांच अब गहनता से की जा रही है।
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पुरानी शिकायतें: बताया जाता है कि इन दोनों के खिलाफ कई सारी शिकायतें पहले से थीं, लेकिन वे पकड़ में नहीं आ रहे थे।
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जांच का दायरा: सीबीआई द्वारा उनसे पूछताछ की जा रही है कि और कहां-कहां से उन लोगों ने घूस की रकम ली है, ताकि इस भ्रष्टाचार के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
फिलहाल दोनों अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है। इस कार्रवाई से सरकारी महकमों में काम करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के बीच दहशत का माहौल बन गया है।
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