Chaibasa Elephant: बेनागाड़िया गांव में हाथी का खूनी तांडव, बुजुर्ग महिला को पटककर उतारा मौत के घाट, ओडिशा ले जाते समय रास्ते में टूटी सांसें
चाईबासा के गुड़ाबांदा में जंगली हाथी ने 68 वर्षीय चंपा हेंब्रम को बेरहमी से कुचल दिया है। इलाज के दौरान हुई इस दर्दनाक मौत और गांव में मंडराते हाथियों के झुंड की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप कोल्हान के जंगलों से शुरू हुए इस खौफनाक मंजर की हकीकत मिस कर देंगे।
चाईबासा/गुड़ाबांदा, 20 फरवरी 2026 – पश्चिम सिंहभूम के गुड़ाबांदा प्रखंड स्थित बेनागाड़िया गांव में आज मातम पसरा है। गुरुवार की सुबह जो खौफनाक मंजर गांव वालों ने देखा, उसने सबकी रूह कंपा दी। एक जंगली हाथी ने घर के बाहर निकली 68 वर्षीय बुजुर्ग महिला चंपा हेंब्रम पर जानलेवा हमला कर दिया। बुरी तरह घायल चंपा ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश और हाथियों का जबरदस्त खौफ बना हुआ है।
शौच के लिए निकली थीं बाहर, मौत बनकर सामने खड़ा था 'गजराज'
घटना गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे की है। चंपा हेंब्रम रोज की तरह घर से बाहर निकली थीं, उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि पास की झाड़ियों में एक विशालकाय जंगली हाथी छिपा बैठा है।
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अचानक हमला: जैसे ही चंपा का सामना हाथी से हुआ, उन्होंने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की। लेकिन हाथी ने उन्हें अपनी सूंड से पकड़कर जमीन पर पटक दिया।
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गंभीर चोटें: हमले में महिला का एक पैर पूरी तरह कुचल गया और शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
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रेस्क्यू और मौत: परिजन आनन-फानन में उन्हें बहरागोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वन विभाग ने मौके पर पहुँचकर 20 हजार रुपये की फौरी राहत दी और उन्हें ओडिशा के बारीपादा रेफर कर दिया गया। लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि शुक्रवार को इलाज के दौरान उनकी सांसें थम गईं।
दहशत में गांव: "शाम होते ही घरों में कैद हो जाते हैं लोग"
बेनागाड़िया और आसपास के गांवों में अब लोग घर से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं।
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लगातार मौजूदगी: ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से हाथियों का यह दल इलाके में डेरा जमाए हुए है।
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खेती का नुकसान: हाथी न केवल जान ले रहे हैं, बल्कि रात के समय खेतों में घुसकर फसलों को भी बर्बाद कर रहे हैं।
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गश्त की कमी: लोगों का कहना है कि वन विभाग केवल घटना होने के बाद आता है, जबकि हाथियों को खदेड़ने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई जा रही है।
गुड़ाबांदा हाथी हमला: केस फाइल (Incident Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| मृतक का नाम | चंपा हेंब्रम (68 वर्ष) |
| स्थान | बेनागाड़िया गांव, गुड़ाबांदा (चाईबासा) |
| हमले का समय | गुरुवार सुबह 6:30 बजे |
| सहायता राशि | ₹20,000 (तात्कालिक राहत) |
| वर्तमान स्थिति | इलाके में वन विभाग की टीम तैनात |
ग्रामीणों की मांग: "सुरक्षित जंगल भेजें हाथी"
बेनागाड़िया के ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथ जोड़कर अपील की है कि उनके जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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नियमित गश्त: रात के वक्त गांव की सीमाओं पर टॉर्च और पटाखों के साथ वनकर्मियों की तैनाती की जाए।
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मुआवजे की मांग: मृतक के परिवार को सरकारी प्रावधान के तहत पूरी मुआवजा राशि (लगभग 4 लाख रुपये) जल्द से जल्द दी जाए।
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हाथी बचाव अभियान: हाथियों को वापस गहरे जंगलों में भेजने के लिए 'एलीफेंट ड्राइव' (Elephant Drive) चलाया जाए।
प्रशासन की चुप्पी कब टूटेगी?
बुजुर्ग चंपा हेंब्रम की मौत ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। जब तक हाथियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर और गांवों के लिए सुरक्षा घेरा नहीं बनेगा, तब तक चाईबासा के ग्रामीण ऐसे ही डर के साये में जीने को मजबूर रहेंगे।
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