Chaibasa Horror: खूनी रिश्ता, चाईबासा में बहू का खौफनाक चेहरा, सास को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला, अंरडीहा गांव में सनसनी
चाईबासा के तांतनगर में एक बहू ने मामूली विवाद में अपनी सास की बेरहमी से हत्या कर दी है। डंडे से हुए इस जानलेवा हमले और रिश्तों के बीच बढ़ती नफरत की पूरी रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी समाज में फैल रहे इस घरेलू हिंसा के खौफनाक रूप से अनजान रह जाएंगे।
चाईबासा, 29 दिसंबर 2025 – पश्चिमी सिंहभूम जिले के तांतनगर थाना क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। अंरडीहा गांव में मामूली घरेलू कलह ने उस समय हिंसक रूप ले लिया जब एक बहू ने अपनी ही सास पर डंडों से प्रहार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। यह वारदात केवल एक हत्या नहीं है, बल्कि समाज के गिरते नैतिक स्तर की एक डरावनी तस्वीर है। सोमवार सुबह जब इस खूनी खेल का खुलासा हुआ, तो पूरे चाईबासा सदर अस्पताल परिसर में मातम और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया।
क्रूरता की हदें पार: एक के बाद एक कई प्रहार
घटना रविवार शाम की है, जब घर के अंदर सास गीता कुइ पुरती और बहू तुलसी पुरती के बीच बहस शुरू हुई।
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नफरत का उबाल: विवाद इतना बढ़ा कि बहू तुलसी ने आपा खो दिया और पास पड़ा एक मोटा डंडा उठा लिया।
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जानलेवा हमला: बहू ने अपनी बुजुर्ग सास पर एक के बाद एक कई प्रहार किए। गीता कुइ लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ीं, लेकिन बहू का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
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अस्पताल में मौत: गंभीर रूप से जख्मी सास को आनन-फानन में चाईबासा सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन रात करीब 11 बजे उनकी सांसें थम गईं।
पुलिस की कार्रवाई: गिरफ्त में 'कातिल' बहू
सोमवार सुबह जैसे ही मौत की खबर पुख्ता हुई, सदर अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
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शव का पोस्टमार्टम: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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हिरासत में आरोपी: तांतनगर ओपी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बहू तुलसी पुरती को हिरासत में ले लिया है।
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जांच के दायरे में: पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस हमले में परिवार का कोई और सदस्य भी शामिल था या यह पूरी तरह बहू के अकेले का पागलपन था।
चाईबासा हत्याकांड: मुख्य विवरण (Crime Summary Snapshot)
| विवरण | जानकारी |
| मृतक का नाम | गीता कुइ पुरती (सास) |
| आरोपी का नाम | तुलसी पुरती (बहू) |
| घटना स्थल | अंरडीहा गांव, तांतनगर |
| हत्या का हथियार | लकड़ी का डंडा |
| मौत का समय | रविवार रात 11:00 बजे |
इतिहास और घरेलू हिंसा: क्यों टूट रहे हैं घर?
झारखंड के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में शराब और छोटे-छोटे विवादों के कारण होने वाली घरेलू हिंसा का इतिहास पुराना रहा है। चाईबासा और सिंहभूम के इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में सास-बहू के बीच हिंसक झड़पों के मामले बढ़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संयुक्त परिवारों में बढ़ता मानसिक तनाव और संवाद की कमी ऐसे अपराधों को जन्म देती है। अंरडीहा गांव के लोग बताते हैं कि इस घर में अक्सर झगड़े होते थे, लेकिन किसी ने सोचा नहीं था कि एक दिन बहू अपनी ही सास की जान ले लेगी।
परिजनों का बयान: "अक्सर होता था झगड़ा"
परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि तुलसी और गीता के बीच पटरी नहीं बैठती थी। छोटी-छोटी बातों पर नोकझोंक होना रोज की बात थी। रविवार को भी मामला रसोई या किसी घरेलू काम को लेकर शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते मौत के तांडव में बदल गया। गांव के बड़े-बुजुर्गों का कहना है कि अगर समय रहते इस विवाद को सुलझा लिया गया होता, तो आज गीता कुइ जीवित होतीं।
प्रशासन का रुख: सख्त सजा की तैयारी
पुलिस का कहना है कि आरोपी बहू के खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ के दौरान बहू ने अपना जुर्म कबूल किया है या नहीं, इसका खुलासा पुलिस ने फिलहाल गोपनीय रखा है। लेकिन मौके से बरामद खून से लथपथ डंडा और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान बहू की मुश्किलें बढ़ाने के लिए काफी हैं।
रिश्तों का कत्ल
अंरडीहा की इस घटना ने चाईबासा के ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा और सामाजिक सामंजस्य पर फिर से सवाल उठा दिए हैं। एक बहू जो घर की लक्ष्मी मानी जाती है, उसका कातिल बन जाना रोंगटे खड़े कर देता है। अब सबकी निगाहें पुलिस की चार्जशीट और कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।
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