Bodam Theft: बोड़ाम में थाने के नाक के नीचे दुस्साहस, घर का ताला तोड़कर कीमती खस्सी ले उड़े चोर
बोड़ाम बाजार में थाने से चंद कदमों की दूरी पर हुई बकरी चोरी की सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की गश्त पर मुहर लगा दी है। संतोष महतो के घर में घुसकर चोरों ने जिस सफाई से हाथ साफ किया, उसकी पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप क्षेत्र में सक्रिय इस शातिर गिरोह की अगली चाल से अनजान रह जाएंगे।
बोड़ाम/जमशेदपुर, 18 फरवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के ग्रामीण अंचल बोड़ाम में चोरों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब उन्हें कानून का डर भी खत्म हो गया है। बोड़ाम थाना से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित बाजार क्षेत्र में मंगलवार की रात अज्ञात चोरों ने एक घर का ताला तोड़कर दो कीमती खस्सी (बकरी) उड़ा ली। यह घटना न केवल एक पशुपालक की मेहनत की कमाई पर चोट है, बल्कि पुलिसिया गश्त को दी गई सीधी चुनौती भी है। पशुपालक संतोष महतो को इस चोरी से 30 हजार रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है। इलाके में इस वारदात के बाद से ग्रामीणों और पशुपालकों के बीच आक्रोश और दहशत का माहौल है।
आधी रात का ऑपरेशन: जब चोरों ने बोला धावा
यह घटना मंगलवार रात की है, जब पूरा गांव गहरी नींद में था। चोरों ने बड़ी चालाकी से संतोष महतो के उस घर को निशाना बनाया जहाँ उनके मवेशी रखे हुए थे।
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समय की सेटिंग: बताया जा रहा है कि चोरों ने रात साढ़े 10 बजे से लेकर देर रात 2 बजे के बीच इस घटना को अंजाम दिया।
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चयनित चोरी: घर में कुल आठ बकरियां मौजूद थीं, लेकिन शातिर चोरों ने केवल दो सबसे कीमती और भारी खस्सियों को ही निशाना बनाया।
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भनक तक नहीं लगी: संतोष महतो को इस घटना की जानकारी रात 2 बजे के बाद मिली, तब तक चोर अंधेरे का फायदा उठाकर चंपत हो चुके थे।
नशाखोरी और बाहरी गिरोह का डर
स्थानीय ग्रामीणों का मानना है कि बोड़ाम क्षेत्र में अपराध बढ़ने के पीछे युवाओं में बढ़ती नशाखोरी एक मुख्य कारण है। नशे की लत को पूरा करने के लिए स्थानीय युवक अब पशुओं की चोरी जैसी वारदातों में शामिल हो रहे हैं। साथ ही, जिस पेशेवर अंदाज में ताला तोड़कर कीमती पशुओं को गायब किया गया, उससे किसी बाहरी गिरोह की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
बोड़ाम पशु चोरी कांड: मुख्य विवरण (Crime Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | बोड़ाम बाजार (थाने से 1 किमी दूर) |
| पीड़ित | संतोष महतो (पशुपालक) |
| नुकसान | ₹30,000 से अधिक (2 खस्सी चोरी) |
| समय | रात 10:30 PM - 02:00 AM के बीच |
| आशंका | नशाखोरी और बाहरी गिरोह का हाथ |
पुलिस की कार्रवाई और जनता की मांग
यद्यपि बोड़ाम पुलिस पूर्व में कई चोरों को जेल भेज चुकी है, लेकिन चोरी की पुनरावृत्ति ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ग्रामीणों ने पुलिस से रात के समय गश्त बढ़ाने और संदिग्धों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। संतोष महतो ने इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है।
कब थमेगा पशुपालकों का दर्द?
एक गरीब पशुपालक के लिए 30 हजार रुपये की रकम उसके साल भर की मेहनत होती है। बोड़ाम बाजार में हुई यह घटना एक चेतावनी है कि अगर जल्द ही कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो पशुपालकों का अपनी संपत्ति से मोहभंग हो जाएगा और क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।
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