Baharagora Miracle: 8 लाख का सोना और जान दोनों सलामत, अनियंत्रित होकर धान के खेत में पलटी स्वर्ण व्यवसायी की कार

बहरागोड़ा के छोटा सीरसी में स्वर्ण व्यवसायी शैलेंद्र राणा की कार भयंकर हादसे का शिकार होकर खेत में जा गिरी। कार के परखच्चे उड़ने के बाद भी व्यवसायी और लाखों के सोने का बाल भी बांका न होने की यह हैरतअंगेज रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप साल का सबसे बड़ा चमत्कार मिस कर देंगे।

Feb 26, 2026 - 17:08
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Baharagora Miracle: 8 लाख का सोना और जान दोनों सलामत, अनियंत्रित होकर धान के खेत में पलटी स्वर्ण व्यवसायी की कार

बहरागोड़ा, 26 फरवरी 2026 – लौहनगरी से सटे बहरागोड़ा इलाके में एक ऐसा सड़क हादसा हुआ है, जिसे देखने वाले इसे 'ईश्वरीय चमत्कार' मान रहे हैं। सालझाटिया निवासी सुप्रसिद्ध स्वर्ण व्यवसायी शैलेंद्र राणा की तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर गम्हरिया पंचायत के छोटा सीरसी गांव के पास एक गहरे धान के खेत में जा घुसी। कार की हालत देखकर ऐसा लग रहा था कि शायद ही कोई जीवित बचा हो, लेकिन जब राणा बिना एक खरोंच के सुरक्षित बाहर निकले, तो ग्रामीणों की आंखें फटी की फटी रह गईं। सबसे बड़ी बात यह कि कार में रखा करीब 8 से 9 लाख रुपये का सोना भी पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिया गया है।

मिदनापुर से लौटते वक्त हुआ हादसा: अनियंत्रित हुई कार

घटनाक्रम के अनुसार, शैलेंद्र राणा अपने व्यापारिक सिलसिले में पश्चिम बंगाल के मिदनापुर गए हुए थे।

  • सोने की खेप: वे वहां से करीब 8-9 लाख रुपये मूल्य का सोना खरीदकर घर लौट रहे थे।

  • हादसे का मोड़: छोटा सीरसी गांव के समीप अचानक वाहन से उनका नियंत्रण खो गया। गाड़ी सड़क छोड़कर हवा में लहराती हुई सीधे सड़क किनारे धान के खेत में जा गिरी।

  • तबाही का मंजर: टक्कर इतनी भीषण थी कि लग्जरी कार का अगला हिस्सा और बॉडी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन एयरबैग्स और किस्मत ने राणा को बचा लिया।

ग्रामीणों की जुबानी: 'भगवान ने स्वयं रक्षा की'

हादसे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े।

  1. हैरतअंगेज बचाव: लोगों ने देखा कि कार बुरी तरह पिचक चुकी है, लेकिन शैलेंद्र राणा खुद ही दरवाजा खोलकर बाहर निकल आए। उन्हें एक मामूली खरोंच तक नहीं आई थी।

  2. सोना सुरक्षित: कार के अंदर रखे कीमती जेवरात और कच्चा सोना अपनी जगह पर सुरक्षित मिला।

  3. पुलिस की एंट्री: सूचना मिलते ही बहरागोड़ा पुलिस मौके पर पहुँची और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को खेत से बाहर निकाला।

बहरागोड़ा कार हादसा: मुख्य विवरण (Event Snapshot)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
पीड़ित व्यवसायी शैलेंद्र राणा (सालझाटिया निवासी)
घटनास्थल छोटा सीरसी गांव, गम्हरिया पंचायत
कीमती सामान 8 से 9 लाख का सोना (पूरी तरह सुरक्षित)
वाहन की स्थिति पूरी तरह क्षतिग्रस्त
पुलिस की भूमिका कार को सुरक्षित बाहर निकलवाया

पुलिस की जांच: तकनीकी खराबी या मानवीय चूक?

बहरागोड़ा पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है।

  • कोई साजिश नहीं: प्रारंभिक जांच में किसी अन्य वाहन की टक्कर या साजिश के सबूत नहीं मिले हैं।

  • राणा का बयान: व्यवसायी शैलेंद्र राणा ने बताया, “सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि मैं समझ ही नहीं पाया। गाड़ी अचानक हाथ से निकल गई। बस भगवान का शुक्र है कि मैं और मेरा सामान दोनों सुरक्षित हैं।”

  • मैकेनिकल जांच: पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या कार का स्टीयरिंग फेल हुआ था या तेज रफ्तार की वजह से टायर फटने जैसा कोई तकनीकी कारण था।

सुरक्षा और विश्वास की जीत

यह घटना न केवल एक व्यवसायी के सुरक्षित बचने की कहानी है, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि सड़क पर एक सेकंड की लापरवाही भारी पड़ सकती है। फिलहाल, पूरे बहरागोड़ा में इस 'गोल्डन मिरेकल' की चर्चा जोरों पर है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।