Adityapur Firing: आदित्यपुर के आशियाना में सपन दास के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग, सीसीटीवी में कैद हुए बेखौफ शूटर, खिड़की पर बरसाईं तीन गोलियां

सरायकेला के आदित्यपुर थाना अंतर्गत आशियाना इलाके में अपराधियों ने सपन दास के घर पर सुबह-सवेरे फायरिंग कर सनसनी फैला दी है। सीसीटीवी में कैद शूटर्स, बरामद खोखा और चुनाभट्टा गोलीकांड के बाद बिगड़ती कानून व्यवस्था की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Apr 7, 2026 - 13:31
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Adityapur Firing: आदित्यपुर के आशियाना में सपन दास के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग, सीसीटीवी में कैद हुए बेखौफ शूटर, खिड़की पर बरसाईं तीन गोलियां
Adityapur Firing: आदित्यपुर के आशियाना में सपन दास के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग, सीसीटीवी में कैद हुए बेखौफ शूटर, खिड़की पर बरसाईं तीन गोलियां

आदित्यपुर/सरायकेला, 7 अप्रैल 2026 – औद्योगिक नगरी आदित्यपुर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब रिहायशी इलाकों में दिनदहाड़े गोलियां चलना आम बात हो गई है। ताजा सनसनीखेज मामला आदित्यपुर थाना क्षेत्र के आशियाना इलाके का है, जहाँ मंगलवार सुबह करीब 6:55 बजे अज्ञात बदमाशों ने सपन दास नामक व्यक्ति के घर को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। सुबह की शांति को भंग करते हुए अपराधियों ने खिड़की की ओर तीन राउंड गोलियां बरसाईं और बड़े आराम से फरार हो गए। यह पूरी वारदात घर के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसने पुलिस की गश्ती और सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है।

सुबह का खौफ: जब आशियाना में गूँजी गोलियों की तड़तड़ाहट

मंगलवार सुबह जब आशियाना के लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे थे, तभी बाइक और स्कूटी सवार अपराधियों ने दहशत का खेल शुरू किया।

  • सटीक निशाना: जानकारी के अनुसार, सुबह पौने सात बजे के करीब दो बदमाश सपन दास के घर के पास पहुँचे। उन्होंने सीधे खिड़की को निशाना बनाया और तीन राउंड फायरिंग कर दी। उस वक्त घर के सदस्य भीतर अपने कामों में व्यस्त थे।

  • किरायेदारों ने खोला राज: फायरिंग की आवाज सुनकर घर में किराये पर रह रहे लोग सहम गए। उन्होंने तुरंत मकान मालिक सपन दास को घटना की जानकारी दी। जब परिवार बाहर निकला, तो फर्श पर दो खोखा पड़ा मिला, जो अपराधियों की मौजूदगी का पुख्ता सबूत था।

  • सीसीटीवी में कैद तूतू-मैंमैं और गोलियां: सीसीटीवी फुटेज में दो युवक साफ तौर पर फायरिंग करते और फिर भागते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक अन्य युवक पास ही स्कूटी पर सवार होकर उनका इंतजार कर रहा था।

पुलिस की सक्रियता पर सवाल: 'चुनाभट्टा' के बाद अब 'आशियाना'

वारदात की सूचना मिलते ही आदित्यपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल से खोखा जब्त किया।

  1. स्थानीय अपराधियों का हाथ: प्रारंभिक जांच और फुटेज के आधार पर पुलिस का मानना है कि हमलावर स्थानीय ही हैं। उनकी कद-काठी और भागने के तरीके से पुलिस को अहम सुराग मिले हैं।

  2. वजह अब भी रहस्य: सपन दास के घर पर हमला क्यों हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं है। क्या यह रंगदारी का मामला है या कोई पुरानी निजी रंजिश, पुलिस हर पहलू पर तफ्तीश कर रही है।

  3. कानून व्यवस्था फेल: स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि आदित्यपुर के चुनाभट्टा स्थित संजय इलेक्ट्रॉनिक्स में हुए पिछले गोलीकांड का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी है, जिससे अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो गया है।

आदित्यपुर का इतिहास: सरायकेला का 'क्राइम हब' बनता औद्योगिक क्षेत्र

आदित्यपुर झारखंड का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र होने के साथ-साथ अब अपराधियों की पसंदीदा शरणस्थली बनता जा रहा है।

  • रंगदारी और वर्चस्व की लड़ाई: यहाँ की स्क्रैप मंडियों और बढ़ते रियल एस्टेट कारोबार के कारण जमीन माफिया और रंगदारों का बोलबाला रहा है। आशियाना जैसे रिहायशी इलाकों में फायरिंग होना यह दर्शाता है कि अब अपराधी गलियों के भीतर तक पहुँच चुके हैं।

  • सीसीटीवी की बढ़ती भूमिका: पिछले कुछ वर्षों में आदित्यपुर पुलिस ने कई मामलों को सीसीटीवी की मदद से सुलझाया है, लेकिन 'निवारण' (Prevention) के मामले में पुलिस सुस्त नजर आ रही है। आशियाना की इस घटना ने मोहल्ला समितियों को अपनी सुरक्षा खुद करने पर विचार करने को मजबूर कर दिया है।

  • पुलिस बनाम अपराधी: एसएसपी और जिले के आला अधिकारी लगातार अपराध नियंत्रण की बात करते हैं, लेकिन 24 घंटे के भीतर 'सुंदरनगर' में हत्या और 'आदित्यपुर' में फायरिंग पुलिस के इकबाल पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।

जनता की मांग: गश्ती बढ़ाओ या जिम्मेदारी लो

आशियाना के निवासियों ने पुलिस प्रशासन से अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।

  • दहशत में परिवार: सपन दास और उनके परिवार का कहना है कि वे दहशत में हैं और उन्हें डर है कि अपराधी दोबारा हमला कर सकते हैं।

  • सुरक्षा ऑडिट: स्थानीय मोहल्ला क्लिनिक और दुकानों के मालिकों ने मांग की है कि आशियाना के मुख्य प्रवेश द्वारों पर पुलिस पिकेट तैनात की जाए और रात के साथ-साथ सुबह की गश्ती (Morning patrolling) को भी प्रभावी बनाया जाए।

  • अगली कार्रवाई: थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

आदित्यपुर के आशियाना में हुई यह फायरिंग केवल सपन दास के घर पर हमला नहीं, बल्कि पूरे समाज के विश्वास पर प्रहार है। सुबह 7 बजे से पहले अगर अपराधी गोलियां चलाकर भाग जा रहे हैं, तो आम आदमी खुद को कहाँ सुरक्षित समझे? पुलिस के पास सीसीटीवी के रूप में पुख्ता सबूत तो हैं, लेकिन असली परीक्षा इन अपराधियों को पकड़ने और इस 'फायरिंग कल्चर' को खत्म करने में है। सरायकेला प्रशासन को अब कागजों से निकलकर जमीन पर अपनी मौजूदगी दिखानी होगी।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।