Goodbye Queen: संजय खान की पत्नी जरीन खान का निधन, बस स्टॉप पर शुरू हुई थी अधूरी प्रेम कहानी!
बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर और फिल्ममेकर संजय खान की पत्नी जरीन खान का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। सुसैन और जायेद खान की मां जरीन ने शादी से पहले फिल्मों में भी काम किया था। पढ़ें उनकी सादगी, खूबसूरती और एक बस स्टॉप पर शुरू हुई उनकी फिल्मी लव स्टोरी की अनकही दास्तां।
Mumbai Grieving: बॉलीवुड इंडस्ट्री से एक हृदय विदारक खबर सामने आई है। वो महिला जिसने खान परिवार को एकजुट रखा, जो एक्टर संजय खान के जीवन का आधार थीं और जिन्होंने सुसैन खान (Sussanne Khan) और जायेद खान (Zayed Khan) जैसे प्रतिभाशाली बच्चों को गढ़ा, अब इस दुनिया में नहीं रहीं। जी हां, हम बात कर रहे हैं मशहूर एक्टर और फिल्ममेकर संजय खान (Sanjay Khan) की पत्नी जरीन खान (Zarine Khan) की, जिनका 81 वर्ष की उम्र में गुरुवार, 6 नवंबर को मुंबई स्थित अपने घर पर निधन हो गया। बीते कुछ समय से वह उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं, और उनके जाने से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
सादगी और ग्लैमर का अनूठा मेल: शादी से पहले की वो चकाचौंध
आज जरीन खान को भले ही 'संजय खान की पत्नी' के तौर पर जाना जाता हो, लेकिन सिनेमा के इतिहास में उनका एक छोटा, मगर यादगार अध्याय दर्ज है। पारसी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली जरीन खान, जिनका शुरुआती नाम जरीन कत्रक था, उन्होंने शादी से पहले बॉलीवुड फिल्मों में काम किया था। 1960 के दशक में उनकी सादगी और खूबसूरती ने दर्शकों को मोह लिया था।
क्या आपको याद है 1963 की सुपरहिट फिल्म ‘तेरे घर के सामने’ (Tere Ghar Ke Samne)? जी हां, देव आनंद (Dev Anand) और नूतन (Nutan) की इस आइकॉनिक फिल्म में जरीन खान भी एक अहम भूमिका में नज़र आई थीं। इसके अलावा, उन्होंने ‘एक फूल दो माली’ (Ek Phool Do Maali) जैसी फिल्मों में भी अपनी अदाकारी का जादू बिखेरा। भले ही उनका फिल्मी करियर लंबा नहीं चला, लेकिन उनकी शालीनता और कला-प्रेम ने उस दौर के लोगों पर गहरी छाप छोड़ी। यह उनकी कला और जुनून ही था कि बाद में उन्होंने एक सफल इंटीरियर डिज़ाइनर और कुकबुक लेखिका के तौर पर अपनी पहचान बनाई।
बस स्टॉप से शुरू हुआ प्रेम का सफ़र
संजय खान और जरीन खान की प्रेम कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कहानी किसी भव्य सेट पर नहीं, बल्कि एक साधारण बस स्टॉप पर शुरू हुई थी। उस पहली मुलाकात में हुई दोस्ती कब गहरे प्यार में बदल गई, उन्हें पता ही नहीं चला। उनका यह रिश्ता एक ऐसा बंधन बना जो जीवन भर चला। साल 1966 में दोनों ने शादी कर ली और बॉलीवुड के सबसे चर्चित और ग्लैमरस जोड़ियों में से एक बन गए।
यह रिश्ता केवल प्यार का नहीं, बल्कि विश्वास और धैर्य का भी प्रतीक था। एक एक्टर की पत्नी होने के नाते, उन्होंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन जरीन खान हमेशा एक चट्टान की तरह संजय खान और अपने परिवार के साथ खड़ी रहीं।
माँ का वो अटूट आशीर्वाद और बच्चों की भावुक श्रद्धांजलि
जरीन खान का अपने बच्चों की ज़िंदगी में अतुलनीय योगदान रहा। उन्होंने अपने बच्चों, फराह खान अली, सिमोन अरोड़ा, सुसैन खान और जायेद खान, को जो संस्कार और हिम्मत दी, उसकी मिसाल आज भी दी जाती है।
कुछ महीनों पहले ही, उनके बेटे जायेद खान ने अपनी माँ के लिए भावुक होते हुए लिखा था, “माँ का आशीर्वाद मिले बिना जिंदगी में कुछ हासिल नहीं किया जा सकता। उनका प्यार मेरी ताकत है।” वहीं, बेटी सुसैन खान ने भी अपनी माँ को सबसे मजबूत महिला बताते हुए कहा था, “मेरी माँ ने मेरे दिल, मेरे दिमाग और मेरे हौसले को गढ़ा है। मैं बहुत गर्व महसूस करती हूं कि मैं उनकी बेटी हूं।”
जरीन खान को उनके परिवार के अलावा बॉलीवुड के कई लोग उनकी नम्रता, गरिमा और शालीनता के लिए हमेशा याद करेंगे। एक ऐसी महिला जो कैमरे की चकाचौंध से दूर रहकर भी अपने घर और परिवार के लिए 'क्वीन' बनी रही। इस मुश्किल घड़ी में, खान परिवार ने लोगों से थोड़ी प्राइवेसी बनाए रखने का आग्रह किया है।
हमारा यह प्रयास है कि आप इस विंटेज बॉलीवुड लेडी की अनसुनी कहानियों और उनके अटूट व्यक्तित्व को और करीब से जानें।
क्या आप जरीन खान की किसी पुरानी फिल्म के बारे में और जानना चाहेंगे?
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