Labour Day Celebration : जेवियर पब्लिक स्कूल में गूंजा 'श्रम ही सम्मान है' का नारा, नन्हे हाथों ने पोस्टरों से उकेरी मजदूरों की दास्तां

जमशेदपुर के छोटा गोविंदपुर स्थित जेवियर पब्लिक स्कूल में मजदूर दिवस पर भव्य कार्यक्रम हुआ। छात्रों ने पोस्टर और भाषणों के जरिए श्रमिकों के योगदान को सलाम किया। इस प्रेरक आयोजन की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

May 1, 2026 - 13:28
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Labour Day Celebration : जेवियर पब्लिक स्कूल में गूंजा 'श्रम ही सम्मान है' का नारा, नन्हे हाथों ने पोस्टरों से उकेरी मजदूरों की दास्तां
Labour Day Celebration : जेवियर पब्लिक स्कूल में गूंजा 'श्रम ही सम्मान है' का नारा, नन्हे हाथों ने पोस्टरों से उकेरी मजदूरों की दास्तां

जमशेदपुर/गोविंदपुर, 01 मई 2026 – लौहनगरी के छोटा गोविंदपुर स्थित प्रतिष्ठित जेवियर पब्लिक स्कूल के प्रांगण में शुक्रवार को 'अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस' (May Day) बेहद उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। स्कूल के नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी कला और शब्दों के माध्यम से उन गुमनाम नायकों को सम्मान दिया, जिनकी मेहनत से समाज और राष्ट्र की नींव टिकी है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का माहौल उस वक्त भावुक हो गया जब बच्चों ने "श्रम ही सम्मान है" के संकल्प के साथ हर मजदूर के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।

प्रार्थना से संकल्प तक: तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा स्कूल

मजदूर दिवस का यह विशेष कार्यक्रम सुबह की प्रार्थना सभा के साथ शुरू हुआ, जिसमें श्रम की महत्ता को केंद्र में रखा गया।

  • शिक्षकों का मार्गदर्शन: स्कूल के शिक्षकों ने बच्चों को बताया कि आज का दिन केवल एक छुट्टी नहीं, बल्कि उन हाथों को सलाम करने का दिन है जो पत्थर तोड़कर सड़कें और ईंटें जोड़कर इमारतें बनाते हैं।

  • छात्रों की हुंकार: कक्षा के मेधावी छात्रों ने अपने ओजस्वी भाषणों से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने समाज के निर्माण में मजदूरों की अपरिहार्य भूमिका को बखूबी उजागर किया।

  • रचनात्मक प्रतियोगिताएं: इस अवसर पर स्कूल में पोस्टर मेकिंग, निबंध लेखन, ड्राइंग और स्लोगन प्रतियोगिताओं का अंबार लगा रहा।

पोस्टर में दिखी संवेदना: "बाल मजदूरी रोको" का कड़ा संदेश

विद्यार्थियों ने अपनी तूलिका और रंगों से कागजों पर मजदूरों के पसीने और मुस्कान की जो तस्वीर उकेरी, उसने सबका ध्यान खींचा।

  1. प्रमुख विषय: बच्चों ने "मजदूरों का महत्व", "श्रम ही सम्मान है" और "बाल मजदूरी रोके" जैसे संवेदनशील विषयों पर आकर्षक पोस्टर बनाए।

  2. प्रतिज्ञा समारोह: कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य और सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति में छात्रों ने यह सामूहिक संकल्प लिया कि वे समाज के हर श्रमिक का सम्मान करेंगे और उनके प्रति हमेशा सहानुभूति रखेंगे।

  3. सफल आयोजन: स्कूल प्रशासन ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों का विकास होता है।

विशेषज्ञों का मत: बच्चों में श्रम के प्रति सम्मान क्यों जरूरी?

शिक्षाविदों का मानना है कि जेवियर पब्लिक स्कूल जैसी पहल बच्चों के चरित्र निर्माण में सहायक होती है:

  • समानता का भाव: जब बच्चा एक सफाईकर्मी या निर्माण मजदूर को सम्मान देना सीखता है, तो वह एक बेहतर नागरिक बनता है।

  • बाल मजदूरी के खिलाफ चेतना: स्कूल के पोस्टरों में "बाल मजदूरी रोको" का नारा बच्चों को अपने उन साथियों के प्रति संवेदनशील बनाता है जो शिक्षा से वंचित हैं।

  • नेतृत्व क्षमता: भाषण और प्रतियोगिताओं में भाग लेने से छात्रों के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

गोविंदपुर स्थित जेवियर पब्लिक स्कूल में संपन्न हुआ यह कार्यक्रम केवल एक स्कूली गतिविधि नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक बड़ा सबक था। शिक्षकों की उपस्थिति और छात्रों के उत्साह ने यह साबित कर दिया कि छोटा गोविंदपुर के ये बच्चे भविष्य में एक ऐसे समाज का निर्माण करेंगे जहाँ मेहनत करने वाले हर हाथ का सम्मान होगा। सफल आयोजन के बाद विद्यालय प्रबंधन ने सभी प्रतिभागियों की सराहना की और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।