Goilkera Grieve: आधी रात का हादसा या साजिश! पश्चिमी सिंहभूम में डोमिनर 400 बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत, गोइलकेरा-चाईबासा मार्ग पर खेत में मिला शव
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा-चाईबासा मार्ग पर बिला गांव के पास सोमवार देर रात सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक की पहचान कृष्णा गुंदुवा उर्फ खोखे और दूसरा उसका दोस्त सूरज है। दोनों डोमिनर डी 400 बाइक पर सवार थे। गोइलकेरा पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से एक और सड़क हादसे की दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने दो युवकों की जिंदगी छीन ली। गोइलकेरा थाना क्षेत्र के बिला गांव में सोमवार की आधी रात गोइलकेरा-चाईबासा मार्ग पर हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। बाइक से गिरने के कारण दोनों युवकों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई बताई जा रही है।
मंगलवार की सुबह जब स्थानीय लोग सड़क से गुजर रहे थे, तब उन्होंने युवकों का शव सड़क किनारे खेत में पड़ा देखा। इसके बाद तुरंत गोइलकेरा पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को जब्त किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी की। यह हादसा बिला गांव के पास एक मोड़ पर हुआ है, जो सड़क सुरक्षा को लेकर फिर से बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
सिर्फ 5 महीने पुरानी थी डोमिनर बाइक
मृतकों में एक युवक की पहचान गोइलकेरा के टोडांगसाई निवासी कृष्णा गुंदुवा उर्फ खोखे के रूप में हुई है। दूसरा मृतक उसका दोस्त सूरज था, जो गोइलकेरा से बाहर का रहने वाला बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिस बाइक से हादसा हुआ, वह सूरज की ही थी। पुलिस अब सूरज और उसके बाहरी ठिकाने के बारे में ज्यादा जानकारी जुटा रही है।
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दुर्घटनाग्रस्त वाहन: दोनों युवक बजाज की तेज और दमदार बाइक डोमिनर डी 400 **(नंबर JH06U 7803) पर सवार थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह बाइक सिर्फ पांच महीने पुरानी थी। आमतौर पर नई और तेज रफ्तार वाली बाइकों पर ओवर-स्पीडिंग के कारण ऐसे हादसे होते हैं। माना जा रहा है कि युवक रात में ही कहीं जाने के लिए निकले थे।
पुलिस की गहन जांच: क्या रफ्तार थी कातिल?
गोइलकेरा पुलिस ने दोनों शवों को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिससे मौत की वजह और समय की पुष्टि हो सके। पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि हादसा सिर्फ मोड़ पर संतुलन बिगड़ने के कारण हुआ, या इसके पीछे कोई और कारण था, जैसे तेज रफ्तार या नशा।
पश्चिमी सिंहभूम में रात के समय सड़क हादसों का बढ़ता ग्राफ प्रशासन और यातायात पुलिस के लिए चिंता का विषय बन गया है। गोइलकेरा थाना पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि हादसे के वक्त युवकों ने हेलमेट पहना था या नहीं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति युवाओं की लापरवाही को उजागर किया है।
आपकी राय में, झारखंड के ग्रामीण राजमार्गों पर तेज रफ्तार बाइकों से होने वाले हादसों को रोकने और सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस और जिला प्रशासन को कौन से दो सबसे प्रभावी और दीर्घकालिक कदम उठाने चाहिए?
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