Tatanagar Rescue: नौकरी के नाम पर 5 नाबालिग लड़कियों की तस्करी नाकाम, आरपीएफ ने दो महिलाओं को दबोचा
टाटानगर स्टेशन पर बड़ा खुलासा! नौकरी दिलाने के बहाने तमिलनाडु ले जाई जा रहीं पश्चिम सिंहभूम की 5 मासूम लड़कियों को RPF ने बचाया। कड़ी पूछताछ में दो महिलाओं ने कबूला, पैसे के बदले करती थीं लड़कियों की तस्करी।
जमशेदपुर, 1 दिसंबर 2025 – टाटानगर रेलवे सुरक्षा बल ने एक बार फिर अपनी सतर्कता से मानव तस्करी के एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। पश्चिम सिंहभूम जिले की पांच मासूम नाबालिग लड़कियों को बेहतर नौकरी दिलाने के झूठे वादे पर तमिलनाडु के गहरे अंधेरे में धकेलने का प्रयास किया जा रहा था। लेकिन रेलवे सुरक्षा बल के तेज और सही समय पर की गई कार्रवाई के चलते लड़कियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
यह घटना दिखाती है कि झारखंड का यह इलाका आज भी कैसे मानव तस्करी के चंगुल में फंसा हुआ है, जहां गरीबी और बेरोजगारी का फायदा उठाया जाता है।
सहेलियों का झूठा दावा, सख्त पूछताछ में कबूलनामा
पांच नाबालिगों को सड़क मार्ग से चाईबासा से टाटानगर रेलवे स्टेशन लाया गया था, जहां से उन्हें ट्रेन के माध्यम से तमिलनाडु भेजा जाना था।
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संदिग्ध पहचान: स्टेशन पर मौजूद रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को दो महिलाओं, सविता बिरुआ (मंझारी से) और बेलमति हेम्ब्रम (पासूहातू से) पर शक हुआ। दोनों लड़कियों को लेकर जा रही थीं।
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गुमराह करने की कोशिश: शुरुआत में, महिलाओं ने रेलवे सुरक्षा बल को गुमराह करने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि वे सभी आपस में सहेलियां हैं और निजी काम से दक्षिण भारत जा रही हैं।
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खुलासा: महिला रेलवे सुरक्षा बल के जवानों की मदद से सख्त पूछताछ करने पर मामले का पर्दाफाश हुआ। महिलाओं ने स्वीकार किया कि वे लड़कियों को नौकरी का लालच देकर ले जा रही थीं, जिसके बदले में उन्हें बड़ी रकम मिलती थी।
नाबालिगों को सुरक्षित बचाया, आरोपियों पर कानूनी शिकंजा
जिन पांच लड़कियों को बचाया गया, उनमें से तीन की उम्र 15 साल और दो की उम्र 17 साल है। लड़कियों को तस्करी के इस चंगुल से बचा लिया गया है।
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अगली कार्रवाई: रेलवे सुरक्षा बल ने तुरंत लड़कियों के परिवारजनों और चाइल्ड लाइन से संपर्क किया। लड़कियों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने का काम जारी है।
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गिरफ्तारी: दोनों आरोपी महिलाओं सविता बिरुआ और बेलमति हेम्ब्रम को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सरकारी रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
टाटानगर रेलवे सुरक्षा बल की यह कार्रवाई न केवल मानव तस्करी को रोकने में सफल रही, बल्कि यह बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है।
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