Tatanagar Railway Station Drunk Fight : रेलवे स्टेशन पर देर रात हाई वोल्टेज ड्रामा! नशे में धुत महिला ने सरेराह युवक को पीटा, मोबाइल चोरी का आरोप
जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन मुख्य सड़क पर रविवार देर रात नशे में धुत एक अधेड़ महिला ने युवक की सरेराह पिटाई कर दी। महिला ने युवक पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाया, जबकि युवक ने किसी अन्य साथी पर दोष मढ़ा। करीब 20 मिनट तक हंगामा चला, जिसके बाद दोनों चले गए।
जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन की मुख्य सड़क पर रविवार देर रात एक ऐसा हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ, जिसने वहां मौजूद लोगों को हक्का-बक्का कर दिया। देर रात के सन्नाटे में, नशे में धुत एक अधेड़ महिला ने सरेराह एक युवक की जबरदस्त पिटाई शुरू कर दी। यह घटना करीब 20 मिनट तक चलती रही, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।
यह चौंकाने वाला दृश्य एक बार फिर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास रात की सुरक्षा व्यवस्था और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही थी, लेकिन नशे में धुत इन दोनों के झगड़े को सुलझाने की हिम्मत किसी ने नहीं की।
मोबाइल चोरी बना विवाद की जड़
यह पूरा विवाद एक मोबाइल चोरी के आरोप पर शुरू हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिटाई और हंगामा करने वाले महिला और युवक दोनों ही नशे की हालत में थे, जिसके कारण उनका व्यवहार अनियंत्रित हो चुका था।
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महिला का आरोप: अधेड़ महिला का सीधा आरोप था कि युवक ने उसकी मोबाइल चोरी की है।
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युवक का पलटवार: जबकि युवक लगातार खुद को निर्दोष बता रहा था। उसका कहना था कि उसके साथ एक अन्य युवक था, उसी ने महिला की मोबाइल ली है।
चोरी के आरोप और नशे की धुत में इन दोनों के बीच जमकर कहासुनी हुई और महिला ने सड़क पर ही युवक को पीटना शुरू कर दिया।
20 मिनट का अजीबोगरीब ड्रामा
टाटानगर स्टेशन की मुख्य सड़क पर देर रात इस तरह का झगड़ा और पिटाई देखकर लोग दंग रह गए। किसी को कुछ समझ में आता इससे पहले ही करीब 20 मिनट तक सड़क पर यह अजीबोगरीब ड्रामा चलता रहा। इस दौरान न तो किसी पुलिसकर्मी ने हस्तक्षेप किया और न ही कोई स्थानीय व्यक्ति सामने आया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि थोड़ी देर बाद यह दोनों झगड़ते-झगड़ते सड़क से ओझल हो गए। मोबाइल चोरी का क्या हुआ, कौन चोर था या कौन झूठा, इसका कोई स्पष्ट पता नहीं चल पाया।
स्टेशन सुरक्षा पर उठे सवाल
टाटानगर रेलवे स्टेशन जमशेदपुर का एक महत्वपूर्ण और व्यस्त केंद्र है, जहां यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। देर रात इस तरह नशे में धुत लोगों द्वारा सरेआम हंगामा और मारपीट करना स्टेशन परिसर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है:
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पुलिस गश्त की कमी: देर रात स्टेशन मुख्य सड़क पर पुलिस गश्ती क्यों नहीं थी?
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असामाजिक तत्व: क्या स्टेशन के आसपास नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ रहा है?
यह घटना पुलिस प्रशासन को इस ओर ध्यान देने के लिए मजबूर करती है कि स्टेशन परिसर के आस-पास रात में विशेष चौकसी बरती जाए ताकि यात्री सुरक्षित महसूस कर सकें और इस तरह के अवांछित हंगामे न हों।
आपकी राय में, रेलवे स्टेशन के आसपास नशे और आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए रेलवे पुलिस (RPF) और स्थानीय पुलिस को मिलकर कौन सी रणनीति अपनानी चाहिए?
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