Seraikela Loot: कपाली में बैंक एजेंट पर अंधाधुंध फायरिंग, डेढ़ लाख लूटकर भागे अपराधी, मौत को छूकर निकली गोली
सरायकेला के कपाली में दिनदहाड़े हथियारबंद अपराधियों ने बैंक एजेंट से डेढ़ लाख रुपये लूट लिए। फायरिंग के दौरान बाल-बाल बचे एजेंट और पुलिस की जांच के बीच इलाके में फैले खौफ की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
सरायकेला/झारखंड, 07 मई 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले का कपाली इलाका गुरुवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। अपराधियों ने बेखौफ होकर दिनदहाड़े एक बैंक एजेंट को निशाना बनाया और हथियार के बल पर करीब डेढ़ लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। वारदात के दौरान अपराधियों ने एजेंट की जान लेने की नीयत से फायरिंग भी की, लेकिन किस्मत अच्छी थी कि एजेंट समय रहते झुक गए और गोली उनके ऊपर से निकल गई। इस दुस्साहसिक घटना ने पुलिसिया इकबाल और आम जनता की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
वारदात की दास्तां: कलेक्शन के बाद घात लगाकर हमला
घटना आरबीएल (RBL) बैंक के एजेंट नरन भगत के साथ हुई, जो हर दिन की तरह लोन की किश्तें कलेक्ट करने कपाली आए थे।
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लोकेशन और टाइमिंग: नरन भगत अंसार नगर और डेमडुबी मस्जिद हनफिया रज़विया इलाके से पैसा कलेक्ट कर पारडीह की ओर जा रहे थे।
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फायरिंग और लूट: तन्नू जनरल स्टोर के पास पहुँचते ही एक अज्ञात युवक ने उन्हें रोका और बिना कोई चेतावनी दिए उन पर बंदूक तान दी। अपराधी ने गोली चला दी, लेकिन नरन भगत तुरंत नीचे की ओर झुक गए, जिससे उनकी जान बच गई।
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बैग लेकर फरार: फायरिंग के बाद अपराधी ने उनका बैग छीन लिया, जिसमें करीब 1.5 लाख रुपये नकद, एक टैब और महत्वपूर्ण बैंक दस्तावेज थे। थोड़ी ही दूरी पर एक अन्य अपराधी बाइक स्टार्ट कर खड़ा था, जिस पर बैठकर दोनों रफूचक्कर हो गए।
मौके पर पुलिस: सुराग की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही कपाली ओपी पुलिस में हड़कंप मच गया।
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खोखा बरामद: एएसआइ मनोज कुमार मिश्रा ने घटनास्थल का मुआयना किया और वहां से एक जिंदा खोखा बरामद किया है, जो अपराधियों के घातक इरादों की गवाही दे रहा है।
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जांच का आश्वासन: कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार ने कहा है कि पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
खौफ के साये में कपाली: क्या सुरक्षित हैं कर्मचारी?
इस घटना ने कपाली के व्यापारिक और बैंकिंग जगत को डरा दिया है। दिनदहाड़े फायरिंग के बाद स्थानीय दुकानदारों और निवासियों में गुस्सा है।
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सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल: घनी आबादी वाले अंसार नगर और डेमडुबी जैसे इलाकों के पास अपराधी फायरिंग कर निकल जाते हैं और पुलिस को भनक तक नहीं लगती।
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कर्मचारियों का डर: फील्ड में काम करने वाले बैंक एजेंटों का कहना है कि भारी कैश लेकर चलना अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
सरायकेला में हुई यह लूट केवल पैसों की चपत नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था के चेहरे पर एक तमाचा है। अपराधी इतने निर्भीक हो गए हैं कि वे अब मौत बांटने से भी नहीं कतरा रहे। कपाली पुलिस के लिए यह साख का सवाल है। अगर जल्द ही इन लुटेरों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आने वाले समय में अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे। फिलहाल, नरन भगत की जान बच जाना एक बड़ा चमत्कार है, लेकिन अगली बार शायद कोई इतना भाग्यशाली न हो।
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