RIMS Demolition: अवैध अपार्टमेंट तोड़ने पहुंचा प्रशासन, रिम्स में बुलडोजर देखकर मचा हड़कंप
हाईकोर्ट के आदेश पर रिम्स की जमीन से अवैध कब्ज़ा हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू। अपार्टमेंट तोड़ने में आई दिक्कत तो लोगों ने खुद लगाया मजदूर। भविष्य की योजनाओं में बाधा डाल रहे इन अवैध ढांचों का इतिहास क्या है।
13 दिसंबर 2025 – झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में जिला प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ एक बड़ा और सख्त अभियान शुरू कर दिया है। माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद, प्रशासनिक टीम ने रिम्स की कीमती जमीन पर बने सभी अवैध ढांचों को ध्वस्त करने की कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को कार्रवाई के दौरान एक अवैध अपार्टमेंट को तोड़ने के लिए भी बुलडोजर मौके पर पहुंचा, जिससे इलाके में जबरदस्त हड़कंप मच गया।
अपार्टमेंट तोड़ने में आई दिक्कत, तो खुद लगाए गए मजदूर
रिम्स की जमीन पर कब्जा करके बनाए गए अवैध अपार्टमेंट को तोड़ने के लिए जब जिला प्रशासन की टीम पहुंची, तो बुलडोजर से संरचना के कुछ हिस्सों को तोड़ने में परेशानी आई। इसके बाद मौके पर रहने वाले लोगों को यह समझ आया कि कानून के सामने अब कोई विकल्प नहीं है। इसलिए उन्होंने खुद ही मजदूर लगाकर अपार्टमेंट को तोड़ने का काम शुरू करा दिया।
सीओ (CO) बड़गाई ने बताया कि कार्रवाई तेजी से जारी है और जल्द ही अपार्टमेंट को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिम्स की जमीन पर जो भी अवैध निर्माण है, उसे हर हाल में हटाया जा रहा है।
पुलिस तैनात, बाधा खत्म करने का इतिहास
रिम्स परिसर में और उसके आसपास कई वर्षों से अवैध कब्जा चला आ रहा था। इससे न केवल अस्पताल की दैनिक व्यवस्था बिगड़ रही थी, बल्कि अस्पताल के आधुनिकीकरण (Modernization) और भविष्य की जरूरी योजनाओं के रास्ते में भी बड़ी बाधा उत्पन्न हो रही थी। उच्च न्यायालय ने इसी के चलते सभी कब्जों को तुरंत हटाने का आदेश दिया था।
-
सुरक्षा व्यवस्था: कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण (Peaceful) तरीके से संपन्न हुई।
बाउंड्री निर्माण का निरीक्षण और जनता को आश्वासन
अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई के बीच, रिम्स निदेशक प्रो डॉ राज कुमार ने शनिवार को उत्तरी परिसर स्थित डॉक्टर्स कॉलोनी में चल रहे बाउंड्री वाल निर्माण कार्य की समीक्षा (Review) की। निदेशक ने झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड (JSBCL) को संवेदनशील (Sensitive) क्षेत्रों को पूरी तरह से बंद करने का निर्देश दिया।
डॉक्टर्स कॉलोनी से सटे स्थानीय लोगों ने बाउंड्री निर्माण पर कुछ आपत्तियां जताईं, क्योंकि उनके आवागमन के कुछ संकरे रास्ते बंद हो रहे थे। इस पर निदेशक ने स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया कि रिम्स प्रशासन आम जनता की दैनिक आवाजाही की सुविधा को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि 15 से 20 फीट तक भूमि सड़क के लिए छोड़कर बाउंड्री बनाई जा रही है और जहाँ सड़कें संकरी (Narrow) हैं, वहाँ दीवार को 2 से 3 फीट अंदर की ओर बनाया जाएगा, ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो।
What's Your Reaction?


