Ranchi Violence : आधी रात जेसीबी से बाउंड्री तोड़ी, पत्थरबाजी से दहला कुसुम विहार
रांची के कुसुम विहार में बीती रात जो हुआ उसे जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे; पॉश सोसाइटी में JCB से हमला और भारी पत्थरबाजी की पूरी सच्चाई यहाँ
रांची (Ranchi): झारखंड की राजधानी रांची के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में से एक, मोरहाबादी अब अपराधियों और असामाजिक तत्वों का नया अड्डा बनता जा रहा है। सोमवार की देर रात कुसुम विहार रोड नंबर-9 स्थित 'वृंदा ग्रीन सोसाइटी' (Vrinda Green Society) में जो मंजर दिखा, उसने शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जेसीबी से हमला: किसी फिल्मी विलेन जैसी साजिश
रात के अंधेरे में जब सोसाइटी के लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक भारी मशीनों के चलने की आवाज सुनाई दी। चश्मदीदों के मुताबिक, असामाजिक तत्वों का एक गुट जेसीबी (JCB) मशीन के साथ आया था। बिना किसी डर के, उन्होंने सोसाइटी की बाउंड्री वॉल को निशाना बनाया और देखते ही देखते उसे मलबे में तब्दील कर दिया।
इतना ही नहीं, दीवार गिराने के बाद उपद्रवियों ने वहां जमकर पत्थरबाजी की। पत्थरों की बारिश इतनी तेज थी कि कई फ्लैटों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। परिसर में खड़ी गाड़ियां भी इस हमले की चपेट में आ गईं।
दहशत में परिवार: जब मौत करीब नजर आई
सोसाइटी में रहने वाले परिवारों के लिए वह रात किसी बुरे सपने जैसी थी। छोटे बच्चे और बुजुर्ग इस अचानक हुए हमले से सहम गए। स्थानीय निवासी बताते हैं कि पत्थरबाजी काफी देर तक चलती रही, जिससे ऐसा लग रहा था मानो पूरी सोसाइटी पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही हो। पुलिस की तीन गाड़ियां जब तक मौके पर पहुंचीं, अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे।
इतिहास खुद को दोहरा रहा है?
यह कोई पहली बार नहीं है जब वृंदा ग्रीन सोसाइटी को निशाना बनाया गया है। अगर हम पिछले साल के इतिहास पर नजर डालें, तो ठीक एक साल पहले भी इसी तरह की घटना हुई थी। तब भी बाउंड्री वॉल को नुकसान पहुंचाया गया था।
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पुरानी रंजिश या जमीन का विवाद? स्थानीय लोगों का मानना है कि यह महज गुंडागर्दी नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश है।
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प्रशासन की ढिलाई: पिछले साल की घटना के बाद अगर सख्त कार्रवाई हुई होती, तो शायद आज जेसीबी लेकर आने की हिम्मत किसी की नहीं होती।
पुलिस की जांच और सीसीटीवी का सहारा
फिलहाल, पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है। आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि उन चेहरों की पहचान हो सके जिन्होंने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या रांची के लोग अब अपने घरों के अंदर भी सुरक्षित नहीं हैं?
प्रशासन से सुरक्षा की गुहार
इस घटना ने मोरहाबादी जैसे प्रतिष्ठित इलाके में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर सुरक्षा पुख्ता नहीं की गई और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
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