Ranchi Raid: रांची में अफीम सिंडिकेट का भंडाफोड़, 35 बोरा डोडा और लाखों कैश बरामद, बोलेरो से सप्लाई होता था मौत का सामान

रांची के नामकुम में पुलिस ने 566 किलो डोडा और 700 ग्राम अफीम के साथ तस्कर मनीष तिर्की को दबोचा है। 88 लाख से अधिक की ड्रग्स, बोलेरो गाड़ी और सिंडिकेट के नेटवर्क की पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 31, 2026 - 20:05
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Ranchi Raid: रांची में अफीम सिंडिकेट का भंडाफोड़, 35 बोरा डोडा और लाखों कैश बरामद, बोलेरो से सप्लाई होता था मौत का सामान
Ranchi Raid: रांची में अफीम सिंडिकेट का भंडाफोड़, 35 बोरा डोडा और लाखों कैश बरामद, बोलेरो से सप्लाई होता था मौत का सामान

रांची/नामकुम, 31 मार्च 2026 – झारखंड की राजधानी रांची में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी चोट की है। नामकुम थाना क्षेत्र के ग्राम बुदरी में आधी रात को हुई एक गुप्त छापेमारी ने अंतरराज्यीय अफीम सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। रांची एसएसपी राकेश रंजन को मिली सटीक सूचना पर रूरल एसपी और डीएसपी के नेतृत्व में बनी टीम ने भारी मात्रा में डोडा, अफीम और नकदी बरामद की है। इस कार्रवाई ने न केवल एक तस्कर को सलाखों के पीछे पहुँचाया है, बल्कि खूंटी और हजारीबाग तक फैले नशे के काले नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से करीब 88 लाख रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए हैं।

आधी रात को बुदरी में 'सर्जिकल स्ट्राइक': 31 बोरा डोडा बरामद

नशे के इस कारोबार का केंद्र बना था बुदरी गांव का एक साधारण दिखने वाला मकान। पुलिस की टीम ने जब मनीष तिर्की के कच्चे-पक्के मकान की घेराबंदी की, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।

  • घर बना था गोदाम: घर के अंदर सलीके से सजाकर रखे गए 31 प्लास्टिक के बोरों में डोडा भरा हुआ था। डोडा (पोस्त का छिलका) की इतनी बड़ी खेप यह बताने के लिए काफी थी कि यहाँ से बड़े स्तर पर तस्करी हो रही थी।

  • बोलेरो में 'लोडेड' थी मौत: घर के आंगन में खड़ी सफेद रंग की महिन्द्रा बोलेरो (JH05AS-1583) की जब तलाशी ली गई, तो उसके भीतर से भी 4 बोरे डोडा बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, घर और गाड़ी से कुल 566.5 किलो डोडा जब्त किया गया है।

अलमारी में अफीम और लाखों का कैश: डिजिटल तौल मशीन भी जब्त

पुलिस की तलाशी केवल बोरों तक सीमित नहीं रही। जब घर के कमरों और अलमारियों को खंगाला गया, तो तस्करी के हाई-टेक तरीके सामने आए।

  1. शुद्ध अफीम: अलमारी के भीतर से 700 ग्राम अफीम बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों में है।

  2. कैश और मशीन: तस्करी की कमाई के रूप में 2 लाख 28 हजार रुपये नकद, बैंक पासबुक और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किया गया। साथ ही सटीक वजन के लिए इस्तेमाल होने वाली डिजिटल तौल मशीन भी पुलिस के हाथ लगी है।

  3. 88 लाख का माल: जब्त डोडा की अनुमानित कीमत करीब 84.97 लाख रुपये और अफीम की कीमत 3.50 लाख रुपये आंकी गई है।

झारखंड में अफीम तस्करी: इतिहास और बढ़ता सिंडिकेट

रांची और इसके आसपास के जिले जैसे खूंटी और हजारीबाग लंबे समय से अफीम की खेती और तस्करी के लिए बदनाम रहे हैं।

  • सिंडिकेट का जाल: गिरफ्तार आरोपी मनीष तिर्की (26 वर्ष) ने पूछताछ में कबूला कि उसने कम समय में अमीर बनने के लिए यह रास्ता चुना। उसने रांची, खूंटी और हजारीबाग के तस्करों को मिलाकर एक बड़ा 'सिंडिकेट' तैयार किया था।

  • सप्लाई चेन: यह गिरोह स्थानीय स्तर पर किसानों से डोडा और अफीम खरीदता था और फिर बोलेरो जैसी गाड़ियों का इस्तेमाल कर इसे दूसरे राज्यों और जिलों में ऊँचे दामों पर सप्लाई करता था।

  • नया मोडस ऑपेरंडी: अपराधी अब केवल नकद नहीं, बल्कि डिजिटल माध्यमों (UPI/Banking) से भी लेन-देन कर रहे हैं ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। मनीष के पास से मिले पासबुक और मोबाइल से कई सफेदपोशों के नाम सामने आने की उम्मीद है।

कानूनी शिकंजा: BNS और NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज

नामकुम पुलिस ने इस पूरे मामले में कांड संख्या 81/26 दर्ज कर मनीष तिर्की को गिरफ्तार कर लिया है।

  • कड़ी धाराएं: आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और NDPS Act की गंभीर धाराओं के तहत मामला चलाया जा रहा है, जिसमें जमानत मिलना नामुमकिन के बराबर है।

  • छापेमारी जारी: एसएसपी के निर्देश पर पुलिस की विशेष टीमें अब उन ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, जिनका जिक्र मनीष ने पूछताछ में किया है। खूंटी और हजारीबाग के तस्करों की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी तेज कर दी गई है।

  • नेटवर्क का खात्मा: पुलिस का मुख्य उद्देश्य केवल माल पकड़ना नहीं, बल्कि उस पूरे रूट को ध्वस्त करना है जहाँ से नशे की ये खेप दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों तक पहुँचाई जाती थी।

 रांची पुलिस की यह कार्रवाई नशे के खिलाफ छिड़ी जंग में एक बड़ा मील का पत्थर है। 566 किलो डोडा का पकड़ा जाना यह दर्शाता है कि राजधानी के मुहाने पर तस्करी का कितना बड़ा खेल चल रहा था। मनीष तिर्की की गिरफ्तारी केवल शुरुआत है; असली चुनौती इस सिंडिकेट के 'आकाओं' तक पहुँचने की है। नामकुम पुलिस की इस तत्परता ने साबित किया है कि अगर सूचना सटीक हो, तो बड़े से बड़ा तस्कर कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता। क्या रांची अब पूरी तरह 'ड्रग फ्री' हो पाएगी? फिलहाल, पुलिस की टीमें फरार तस्करों की तलाश में जुटी हैं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।