Hazaribagh Murder: हज़ारीबाग में रामनवमी जुलूस के दौरान युवक की भुजाली से काटकर हत्या, पुलिस ने SIT गठित कर आरोपियों को दबोचा
हज़ारीबाग के गदोखर में रामनवमी जुलूस के दौरान रामकुमार साव की निर्मम हत्या और दीपूगढ़ा में चाकूबाजी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एसआईटी द्वारा की गई मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामद खून से सने हथियार की पूरी रिपोर्ट।
हज़ारीबाग, 31 मार्च 2026 – झारखंड के हज़ारीबाग जिले में रामनवमी के पावन अवसर पर उत्साह का माहौल उस वक्त मातम और दहशत में बदल गया, जब गदोखर गांव में एक युवक की सरेराह हत्या कर दी गई। 27 और 28 मार्च की दरमियानी रात निकले रामनवमी जुलूस के दौरान असामाजिक तत्वों ने पुरानी रंजिश भुनाने के लिए इस पवित्र मौके को चुना। इस जघन्य अपराध ने न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया। हालांकि, हज़ारीबाग पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पलक झपकते ही कार्रवाई की और हत्या के मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
जुलूस में मची चीख-पुकार: भुजाली से किया प्राणघातक हमला
रामकुमार साव, जो बड़े उत्साह के साथ शोभायात्रा में शामिल थे, उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कुछ लोग उनकी जान के दुश्मन बने बैठे हैं।
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घात लगाकर हमला: जुलूस की भीड़ और गाजे-बाजे के शोर का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने रामकुमार साव को घेर लिया।
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नृशंस हत्या: आरोपियों ने हाथ में लिए भुजाली से रामकुमार पर ताबड़तोड़ वार किए। हमला इतना भीषण था कि रामकुमार साव की मौके पर ही मौत हो गई। जुलूस के बीच हुई इस वारदात से भगदड़ जैसे हालात बन गए।
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पुरानी रंजिश: पुलिस की प्रारंभिक जांच और आरोपियों के कबूलनामे से साफ हुआ है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि पुरानी रंजिश के कारण अंजाम दी गई एक सोची-समझी साजिश थी।
पुलिस की सक्रियता: SIT का गठन और त्वरित गिरफ्तारी
वारदात के बाद हज़ारीबाग पुलिस ने बिना समय गंवाए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। एसपी के निर्देश पर जिले के विभिन्न इलाकों में सघन छापेमारी शुरू की गई।
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मुख्य आरोपी दबोचे गए: पुलिस ने इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड करण कुमार यादव, नितेश कुमार यादव और अरुण यादव को गिरफ्तार कर लिया है।
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खून से सना हथियार बरामद: पुलिस की सबसे बड़ी सफलता हत्या में इस्तेमाल किया गया वह खून लगा हथियार (भुजाली) बरामद करना रही, जिसे आरोपी छिपाने की कोशिश कर रहे थे। यह वैज्ञानिक साक्ष्य आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।
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गुनाह कुबूल: पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि किस तरह उन्होंने रामकुमार को ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी।
हज़ारीबाग रामनवमी और सुरक्षा का इतिहास
हज़ारीबाग की रामनवमी पूरे भारत में मशहूर है, जहाँ लाखों की भीड़ उमड़ती है।
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चुनौतीपूर्ण प्रबंधन: इतने बड़े आयोजन में सुरक्षा बनाए रखना हमेशा से पुलिस के लिए बड़ी चुनौती रहा है। ऐतिहासिक रूप से यहाँ जुलूस के दौरान छोटी-मोटी झड़पें होती रही हैं, लेकिन इस बार की हत्या ने सुरक्षा घेरे पर सवाल उठाए हैं।
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कानून का इकबाल: इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि उत्सव की आड़ में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। SIT द्वारा 48 घंटों के भीतर खुलासा करना प्रशासन की तत्परता को दर्शाता है।
दीपूगढ़ा में चाकूबाजी: एक और वारदात का अंत
अभी गदोखर की आग ठंडी भी नहीं हुई थी कि दीपूगढ़ा क्षेत्र से एक और हिंसक घटना सामने आई।
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मुकेश सिंह पर हमला: यहाँ राजू थोथा उर्फ प्रणय कुमार नामक अपराधी ने मुकेश सिंह पर चाकू से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
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अस्पताल में इलाज: घायल मुकेश को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
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आरोपी की गिरफ्तारी: इस मामले में भी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए राजू थोथा को गिरफ्तार कर लिया है।
हज़ारीबाग में हुई ये घटनाएं बताती हैं कि किस तरह व्यक्तिगत दुश्मनी को उत्सवों के दौरान हिंसक रूप दिया जा रहा है। रामकुमार साव की हत्या ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। हालांकि, पुलिस ने करण यादव और उसके साथियों को पकड़कर न्याय की उम्मीद जगाई है, लेकिन समाज को यह सोचना होगा कि क्या हम अपनी रंजिशों के लिए पवित्र मंचों का इस्तेमाल करना बंद करेंगे? फिलहाल, हज़ारीबाग में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। प्रशासन ने अपील की है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाए रखें।
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