Palamu Raid: पलामू में XUV-500 से 216 किलो डोडा बरामद, यूपी के बरेली तक फैला था अफीम नेटवर्क

पलामू पुलिस ने मनातू में घेराबंदी कर 216 किलो डोडा के साथ यूपी और गढ़वा के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। XUV-500 गाड़ी से हो रही इस बड़ी तस्करी और चतरा से बरेली तक फैले सिंडिकेट की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 31, 2026 - 20:32
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Palamu Raid: पलामू में XUV-500 से 216 किलो डोडा बरामद, यूपी के बरेली तक फैला था अफीम नेटवर्क
Palamu Raid: पलामू में XUV-500 से 216 किलो डोडा बरामद, यूपी के बरेली तक फैला था अफीम नेटवर्क

पलामू/मनातु, 31 मार्च 2026 – झारखंड के पलामू जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। मनातू थाना क्षेत्र में आधी रात को चलाए गए एक विशेष सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने एक लग्जरी महिन्द्रा एक्सयूवी-500 (XUV-500) गाड़ी से भारी मात्रा में डोडा बरामद किया है। यूपी नंबर की इस गाड़ी में छिपाकर ले जाया जा रहा 216 किलोग्राम डोडा पुलिस के हत्थे चढ़ा है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डीएसपी राजीव रंजन के नेतृत्व में बनी टीम ने न केवल मादक पदार्थ जब्त किया, बल्कि उत्तर प्रदेश के बरेली और झारखंड के गढ़वा से जुड़े दो अंतरराज्यीय तस्करों को भी दबोच लिया है। इस कार्रवाई ने चतरा से शुरू होकर यूपी तक जाने वाले नशे के "ग्रीन कॉरिडोर" को ध्वस्त कर दिया है।

आधी रात का ऑपरेशन: चेकिंग देख उड़ गए तस्करों के होश

यह पूरी कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर बेहद पेशेवर तरीके से अंजाम दी गई। पुलिस को खबर मिली थी कि चतरा की ओर से एक लग्जरी वाहन में डोडा की बड़ी खेप पलामू के रास्ते बाहर भेजी जा रही है।

  • मनातु थाना गेट पर नाकेबंदी: रात करीब 12:30 बजे पुलिस ने मनातू थाना गेट के पास मुख्य सड़क पर सघन वाहन जांच शुरू की।

  • सफेद हाथी में काला माल: इसी दौरान ग्रे रंग की XUV-500 (UP 32JV 7373) को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखते ही चालक ने सकपकाने की कोशिश की, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया।

  • बरामदगी: जब गाड़ी की डिक्की और सीटों के नीचे तलाशी ली गई, तो उसमें से 216 किलो डोडा बरामद हुआ। आरोपी इसे अवैध रूप से खपाने की फिराक में थे।

गिरफ्तार तस्कर: बरेली और गढ़वा का 'डेडली' कनेक्शन

पुलिस ने मौके से दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो इस पूरे नेटवर्क के अहम मोहरे हैं।

  1. संजीव शर्मा (36 वर्ष): यह आरोपी फरीदपुर, बरेली (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है। इसका काम झारखंड से माल उठाकर यूपी के बाजारों में ऊंचे दामों पर बेचना था।

  2. निजामुद्दीन राईन (44 वर्ष): यह कांडी, गढ़वा का निवासी है। निजामुद्दीन का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी NDPS एक्ट के तहत जेल की हवा खा चुका है।

चतरा से बरेली: अफीम बेल्ट का संगठित अपराध

पूछताछ में तस्करों ने जो खुलासे किए हैं, उसने पुलिस की नींद उड़ा दी है। यह केवल एक गाड़ी की बात नहीं, बल्कि एक सुसंगठित सिंडिकेट है।

  • सोर्स पॉइंट: आरोपियों ने कबूला कि वे चतरा जिले के लावालौंग, प्रतापपुर और कुन्दा जैसे सुदूरवर्ती इलाकों से डोडा खरीदते थे। ये इलाके अफीम की खेती के लिए कुख्यात रहे हैं।

  • डेस्टिनेशन: इस खेप को उत्तर प्रदेश के बरेली ले जाया जाना था, जहाँ से इसे छोटे-छोटे पैकेटों में भरकर हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में सप्लाई किया जाता है।

  • ऐतिहासिक संदर्भ: पलामू और चतरा का बॉर्डर इलाका घने जंगलों से घिरा होने के कारण तस्करों के लिए हमेशा से सुरक्षित रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में पलामू पुलिस ने इस रूट पर तकनीक और खुफिया तंत्र की मदद से नकेल कसी है।

कानूनी कार्रवाई: कांड संख्या 15/2026 दर्ज

मनातू पुलिस ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।

  • सख्त धाराएं: दोनों आरोपियों के खिलाफ मनातू थाना में NDPS एक्ट की धारा 15(c) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में कड़ी सजा का प्रावधान है।

  • जब्ती की लिस्ट: पुलिस ने 216 किलो डोडा के साथ-साथ लग्जरी XUV-500 गाड़ी और तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड्स से कई और बड़े नामों के खुलासे की उम्मीद है।

  • न्यायिक हिरासत: आरोपियों को स्वास्थ्य जांच के बाद मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पलामू पुलिस की यह कामयाबी नशे के खिलाफ छिड़ी जंग में एक बड़ा प्रहार है। लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल कर पुलिस की नजरों से बचने की तस्करों की यह चाल अब बेअसर साबित हो रही है। बरेली के संजीव शर्मा और गढ़वा के निजामुद्दीन की गिरफ्तारी से यह साफ है कि ड्रग सिंडिकेट की जड़ें काफी गहरी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान तब तक थमेगा नहीं, जब तक कि इस काले कारोबार के आखिरी नेटवर्क को खत्म नहीं कर दिया जाता। क्या चतरा के उन दुर्गम इलाकों तक पुलिस पहुँच पाएगी जहाँ से ये खेप तैयार होती है? फिलहाल, पलामू की सीमाओं पर पहरा और कड़ा कर दिया गया है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।