Ranchi Action: दुकान सील, 37 लाख का बकाया डकारने वाले पर नगर निगम का हंटर, अपर बाजार में बुलडोजर सी कार्रवाई
रांची नगर निगम ने प्रशासक सुशांत गौरव के नेतृत्व में 37.49 लाख रुपये का किराया बकाया रखने वाली अपर बाजार की एक बड़ी दुकान को सील कर दिया है। नागा बाबा खटाल के कायाकल्प, नए शेल्टर होम के उद्घाटन और ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए ऑटो स्टैंड बनाने के मास्टर प्लान की पूरी हकीकत यहाँ दी गई है वरना आप शहर के इन बड़े बदलावों को जानने से चूक जाएंगे।
रांची, 22 दिसंबर 2025 – झारखंड की राजधानी रांची में नगर निगम अब 'एक्शन मोड' में आ चुका है। प्रशासक सुशांत गौरव के कड़े निर्देशों के बाद सोमवार को शहर के सबसे व्यस्त व्यापारिक केंद्र अपर बाजार में हड़कंप मच गया। नगर निगम की टीम ने सालों से किराया डकार कर बैठे दुकानदारों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक शुरू कर दी है। इसके अलावा, कड़ाके की ठंड को देखते हुए जरूरतमंदों के लिए नए शेल्टर होम का तोहफा और नागा बाबा खटाल सब्जी मंडी को हाई-टेक बनाने का ब्लूप्रिंट भी तैयार कर लिया गया है। निगम की यह सक्रियता शहर की सूरत और सीरत दोनों बदलने वाली है।
इतिहास: रांची नगर निगम और 'अपर बाजार' का रसूख
ऐतिहासिक रूप से रांची का अपर बाजार शहर का सबसे पुराना और प्रमुख व्यापारिक केंद्र रहा है। 1869 में जब रांची नगर पालिका (अब नगर निगम) की स्थापना हुई थी, तब से ही यह क्षेत्र राजस्व का मुख्य स्रोत रहा है। हालांकि, समय के साथ यहाँ की निगम स्वामित्व वाली दुकानों पर प्रभावशाली लोगों ने कब्जा जमा लिया और किराए के रूप में मिलने वाला सरकारी राजस्व अटक गया। झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 के लागू होने के बाद निगम को कड़े अधिकार मिले, लेकिन अब प्रशासक सुशांत गौरव के नेतृत्व में पहली बार इतने बड़े बकायेदारों के खिलाफ 'सीलिंग' जैसे कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
37.49 लाख का बकाया और सराय रोड पर 'ताला'
सोमवार की दोपहर जब सराय रोड स्थित बच्चा नारायण सिंह द्वारा संचालित दुकान पर निगम का दस्ता पहुँचा, तो वहां सन्नाटा पसर गया।
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चेतावनी की अनदेखी: निगम ने इस दुकान को सील करने से पहले तीन लिखित नोटिस और कई बार मौखिक चेतावनी दी थी, लेकिन 37.49 लाख रुपये से अधिक का बकाया चुकाने में दुकान संचालक विफल रहा।
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कड़ी कार्रवाई: नियमों के तहत अनुज्ञप्ति (License) निरस्त करते हुए दुकान को मौके पर ही सील कर दिया गया।
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रिकॉर्ड वसूली: निगम ने इसी दौरान विशेष कैंप लगाकर ईस्टर्न और वेस्टर्न सर्किल से करीब 14.49 लाख रुपये की त्वरित वसूली भी की।
नागा बाबा खटाल: अब कचरा नहीं, दिखेगा वैज्ञानिक प्रबंधन
प्रशासक सुशांत गौरव ने खुद नागा बाबा खटाल वेजिटेबल मार्केट का बारीकी से निरीक्षण किया।
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स्वच्छता और सुविधा: बाजार को प्लास्टिक-मुक्त जोन बनाने, नियमित शौचालय सफाई और नई पार्किंग व्यवस्था के निर्देश दिए गए।
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एमआरएफ केंद्र का कायाकल्प: यहाँ स्थित कचरा प्रबंधन केंद्र (MTS/MRF) में जर्जर ढांचे और सालों से पड़े पुराने वाहनों को 7 दिनों के भीतर स्क्रैप करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
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वैज्ञानिक समाधान: कचरा प्रबंधन को वैज्ञानिक तरीके से प्रभावी बनाने के लिए एमआरएफ केंद्र को जल्द शुरू करने पर जोर दिया गया है।
ठंड से बचाव: रातु रोड में नया अस्थाई आश्रय गृह
बढ़ती शीतलहर को देखते हुए राज्य सरकार के निर्देश पर निगम ने रातु रोड दुर्गा मंदिर के पास एक नया अस्थाई शेल्टर होम शुरू किया है।
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सुविधाएं: राज्य आश्रय गृह समिति के अध्यक्ष एके पाण्डे ने इसका उद्घाटन किया। यहाँ 10 महिलाओं और 10 पुरुषों के लिए अलग-अलग बेड, कंबल, हीटर और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की गई है।
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रेस्क्यू ऑपरेशन: निगम की टीम रात के समय सड़कों पर सो रहे बेसहारा लोगों को सुरक्षित शेल्टर होम पहुँचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन भी चला रही है।
नगर निगम का एक्शन प्लान (RMC Master Plan)
| कार्य क्षेत्र | प्रमुख निर्देश/कार्रवाई | लक्ष्य |
| राजस्व वसूली | बकायादारों की दुकानें सील करना | सरकारी खजाना भरना |
| ट्रैफिक जाम | रातु रोड और खटाल के पास ऑटो स्टैंड | जाम से मुक्ति |
| कचरा प्रबंधन | एमआरएफ केंद्र का वैज्ञानिक संचालन | स्वच्छ रांची |
| जन सुविधा | कड़ाके की ठंड में शेल्टर होम | बेघरों की सुरक्षा |
ट्रैफिक का नया मास्टर प्लान: बनेंगे विधिवत ऑटो स्टैंड
रातु रोड फ्लाईओवर से किशोरी यादव चौक तक लगने वाले भीषण जाम का मुख्य कारण ऑटो और टोटो का अनियंत्रित ठहराव है।
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योजना: प्रशासक ने निर्देश दिया है कि निगम की खाली भूमि का उपयोग कर कंक्रीट ऑटो व टोटो स्टैंड विकसित किए जाएं।
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एंट्री-एग्जिट पॉइंट: अब वाहनों के लिए निश्चित प्रवेश और निकास द्वार होंगे, ताकि पैदल यात्रियों और स्थानीय दुकानदारों को परेशानी न हो।
बदलती रांची की नई तस्वीर
रांची नगर निगम की यह बहुआयामी कार्रवाई साफ संदेश देती है कि नियम तोड़ने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। चाहे वह लाखों का किराया दबाकर बैठने वाले बड़े दुकानदार हों या यातायात व्यवस्था को बिगाड़ने वाले वाहन। प्रशासक सुशांत गौरव का विजन रांची को एक व्यवस्थित और सुरक्षित शहर बनाने की ओर अग्रसर है।
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