Khunti Suicide: कटहल के पेड़ से लटका मिला 25 वर्षीय प्रतीक पुरती का शव, इलाके में फैली भारी सनसनी!
झारखंड के खूंटी जिले के मुरहू थाना क्षेत्र अंतर्गत बम्हनी गांव के अंबाटोली निवासी प्रतीक पुरती का शव सड़क किनारे कटहल के पेड़ से लटके मिलने और पुलिस की विधिक ऑन-फील्ड कार्रवाई की पूरी लाइव ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
खूंटी/मुरहू, 30 मई 2026 – झारखंड के जनजातीय अंचल और घने वन क्षेत्रों से घिरे खूंटी जिले के मुरहू थाना क्षेत्र से शनिवार की सुबह-सुबह मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाली, एक परिवार का चिराग बुझाने वाली और विधिक रूप से उलझी हुई सनसनीखेज वारदात (Youth Hanging Dead Body Case) सामने आई है। यहाँ बम्हनी गांव के अंबाटोली टोला के रहने वाले एक 25 वर्षीय आदिवासी युवक प्रतीक पुरती का शव सड़क किनारे स्थित एक विशाल कटहल के पेड़ से विधिक रूप से लटका हुआ बरामद किया गया है। सुबह-सुबह पेड़ से शव को झूलते देख पूरे ग्रामीण अंचल में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर मुरहू थाना पुलिस की एक विशेष खोजी विंग तुरंत ऑन-फील्ड मौके पर पहुंची, घटनास्थल से विधिक साक्ष्य (Forensic Evidence) जुटाए और शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने शव की पहचान सुनिश्चित करने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए खूंटी जिला अस्पताल (Khunti District Hospital) भेज दिया है, ताकि मौत के असली विधिक कारणों का खुलासा हो सके।
शव बरामदगी की लाइव इनसाइड स्टोरी: सुबह 5:00 बजे बनईं नदी का मार्ग, चप्पल और रात का डार्क पारिवारिक विवाद
खूंटी जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष, मुरहू थाना गश्ती दल और स्थानीय खुफिया विंग के आंतरिक विधिक सूत्रों से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह मामला आत्महत्या और डार्क पारिवारिक तनाव के बीच घूम रहा है।
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नदी जा रहे ग्रामीणों ने देखा: शनिवार की सुबह करीब पांच बजे जब घने कोहरे और अंधेरे के बीच कुछ ग्रामीण बनईं नदी (Banai River) की ओर जा रहे थे, तभी उनकी नजर सड़क किनारे कटहल के पेड़ पर लटके प्रतीक के शव पर पड़ी। पेड़ के ठीक नीचे मृतक की चप्पलें विधिक रूप से व्यवस्थित पड़ी थीं।
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पिता से कहासुनी के बाद डार्क एग्जिट: स्थानीय स्तर पर की गई प्रारंभिक विधिक पूछताछ में सामने आया कि शुक्रवार की रात किसी घरेलू बात को लेकर प्रतीक पुरती और उसके पिता के बीच तीखी बहस हुई थी। इस डार्क पारिवारिक विवाद के बाद वह गुस्से में घर से बाहर निकल गया और रात भर वापस नहीं लौटा।
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हर पहलू पर विधिक नजर: मुरहू पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यद्यपि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या (Suicide) का प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Post-Mortem Report) और फॉरेंसिक इनपुट आने तक हत्या या किसी अन्य डार्क साजिश के एंगल को विधिक रूप से खारिज नहीं कर रही है।
ग्रामीण अंचलों में मेंटल हेल्थ काउंसलिंग और पुलिस-कम्युनिटी विधिक आउटरीच समय की मांग
मुरहू थाना पुलिस की विशेष विधिक टीम ने जिस मुस्तैदी से ऑन-फील्ड पहुंचकर शनिवार सुबह शव को पेड़ से उतरवाया, ग्रामीणों को शांत किया और जिला अस्पताल में स्पीडी पोस्टमार्टम की विधिक प्रक्रिया शुरू की, वह संकट के समय प्रशासन की संवेदनशीलता का एक बड़ा माइलस्टोन है। पुलिस अब मृतक प्रतीक पुरती के परिवार के अन्य सदस्यों और उसके दोस्तों के विधिक बयान दर्ज कर रही है ताकि शुक्रवार रात हुए विवाद की असली डार्क वजह को समझा जा सके। लेकिन केवल शवों का पंचनामा करना इस गहरे डार्क सामाजिक संकट का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। 2026 के इस आधुनिक युग में झारखंड सामाजिक कल्याण मंत्रालय और खूंटी जिला प्रशासन को तुरंत संयुक्त संज्ञान लेते हुए पूरे मुरहू और बम्हनी अंचल में 'कम्युनिटी काउंसलिंग विंग्स' (Mental Health Outreach) स्थापित करने होंगे। इसके साथ ही, पंचायतों के स्तर पर आपसी विवादों को सुलझाने के लिए विधिक मध्यस्थता केंद्र सक्रिय करने होंगे। जब तक सुदूर गांवों में मानसिक संबल और त्वरित पारिवारिक विधिक सहायता तंत्र को मजबूत नहीं किया जाता, तब तक खूंटी के इस ऐतिहासिक, शांत और प्राकृतिक अंचल को इस प्रकार की असामयिक मौतों के डार्क और दर्दनाक इतिहास से पूरी तरह मुक्त नहीं कराया जा सकेगा।
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