Ranchi Bulldozer: डीआईजी ग्राउंड के अभिनंदन अपार्टमेंट पर कार्रवाई, 20 परिवारों का करोड़ों का सपना चंद घंटों में ध्वस्त

रांची के डीआईजी ग्राउंड में अभिनंदन अपार्टमेंट पर चला बुलडोजर। 20 परिवारों की 80 लाख रुपये की जमा-पूंजी और बैंक लोन दांव पर। लोगों ने सवाल उठाया; नक्शा पास था, रजिस्ट्री थी, तो 20 साल बाद क्यों हुआ यह धोखा।

Dec 15, 2025 - 13:12
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Ranchi Bulldozer: डीआईजी ग्राउंड के अभिनंदन अपार्टमेंट पर कार्रवाई, 20 परिवारों का करोड़ों का सपना चंद घंटों में ध्वस्त
Ranchi Bulldozer: डीआईजी ग्राउंड के अभिनंदन अपार्टमेंट पर कार्रवाई, 20 परिवारों का करोड़ों का सपना चंद घंटों में ध्वस्त

रांची, 15 दिसंबर 2025 – झारखंड की राजधानी रांची स्थित डीआईजी ग्राउंड, रिम्स परिसर में बने अभिनंदन अपार्टमेंट पर प्रशासन आज बुलडोजर चला रहा है। यह कार्रवाई अब सिर्फ एक अवैध निर्माण तोड़ने का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह उन 20 परिवारों की जिंदगी, सपनों और भविष्य का सवाल बन चुका है, जिन्होंने अपनी पूरी पूंजी और कर्ज इस एक छत के भरोसे लगा दी थी।

पिता की कमाई और पूरे 80 लाख डूबे

अपार्टमेंट के एक फ्लैट मालिक की आँखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पिता को सेवानिवृत्ति से जो पैसे मिले थे, उसमें जीवनभर की बचत जोड़कर करीब 80 लाख रुपये का फ्लैट खरीदा गया था।

  • भरोसे पर सवाल: भावुक होते हुए उन्होंने पूछा कि वह अपने पिताजी को क्या जवाब देंगे, जिन्होंने अपनी पूरी कमाई उन्हें सौंपी थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि नक्शा पास था, जमीन की पंजीकरण थी, अंचल अधिकारी ने कागजात सही बताए थे, नगर निगम से नक्शा पास हुआ था, और बैंक ने कर्ज दिया था, फिर इतना बड़ा धोखा कैसे हो गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर जमीन गलत थी तो 20 साल तक किसी को क्यों नहीं पता चला। बिल्डर और जमीन मालिक भी अब हाथ खड़े कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उनकी भी पूरी पूंजी डूब गई। पीड़ितों का सवाल है कि उनका पैसा वापस कैसे मिलेगा।

घर टूटेगा, पर बैंक की किश्त नहीं रुकेगी

एक महिला फ्लैट मालिक का दर्द और भी गहरा है। फूट-फूटकर रोते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने 68 लाख रुपये में फ्लैट लिया था और 20 लाख रुपये भीतरी सजावट पर खर्च कर दिए।

  • अन्याय: उनका कहना है कि जब सरकार के विभागों ने सब कुछ सही बताया था, तो आज अचानक यह गलत कैसे हो गया। उन्होंने बताया कि घर टूट जाएगा, लेकिन बैंक के कर्ज की मासिक किश्त चलती रहेगी। इतनी बड़ी रकम डूबने के बाद वे सड़क पर आ जाएंगे और एक छोटा घर भी खरीदने की क्षमता नहीं बचेगी।

डीआईजी ग्राउंड में होने वाली यह कार्रवाई सिर्फ एक इमारत को नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था पर आम जनता के भरोसे को भी तोड़ने वाली है। अपार्टमेंट मालिकों का सीधा आरोप है कि अगर सबूत के बावजूद निर्माण अवैध था, तो इसकी जिम्मेदारी केवल आम लोगों पर ही क्यों डाली जा रही है, सरकारी विभागों पर क्यों नहीं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।