Ranchi Accident : NH-23 पर मासूमों को कुचला, एक की मौत, दूसरे की जिंदगी सांसों पर टिकी! प्रशासन पर उठे सवाल
रांची-गुमला एनएच-23 पर शनिवार सुबह दर्दनाक हादसा। दो मासूम बच्चों को अज्ञात वाहन ने कुचला। एक की मौके पर मौत, दूसरा गंभीर। क्या प्रशासन की लापरवाही बनी हादसे की वजह?
शनिवार की सुबह झारखंड के रांची-गुमला मुख्य मार्ग एनएच-23 पर नवाटोली नहर के पास बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में बेड़ो थाना क्षेत्र के हाटू मदरसा में पढ़ाई करने वाले दो मासूम बच्चों की ज़िंदगी पलभर में बदल गई।
दोनों बच्चे मदरसा से अचानक भागकर अपने गांव सुपा (भरनो थाना क्षेत्र) लौट रहे थे। वे पैदल ही लंबा सफर तय कर रहे थे। तभी तेज रफ्तार से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि 12 वर्षीय फरहान मिर्दाहा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं उसका साथी 11 वर्षीय मुर्सिल मिर्दाहा गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और घायल को तुरंत भरनो अस्पताल पहुंचाया। हालत बिगड़ने पर उसे रिम्स, रांची रेफर किया गया।
घटना की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिवार और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। लोग आक्रोशित हो उठे। गुस्साए ग्रामीणों ने भरनो चौक पर एनएच-23 को जाम कर दिया। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
ग्रामीणों ने मांग की कि—
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मृतक परिवार को तत्काल मुआवजा दिया जाए।
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दोषी वाहन चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
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साथ ही यह भी जांच हो कि बच्चे बिना बताए मदरसा से कैसे निकल गए।
सूचना पाकर भरनो पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ग्रामीणों को समझाने की कोशिश कर रही है। लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की लापरवाही पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि तेज रफ्तार वाहन आए दिन हादसे का कारण बनते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
मृतक फरहान मिर्दाहा की मौत से गांव में मातम पसरा है। हर कोई गमगीन है। वहीं घायल मुर्सिल की हालत गंभीर बनी हुई है और गांव वाले उसकी सलामती की दुआ कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और एनएच-23 पर लगे जाम को हटाने का प्रयास जारी है। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और प्रशासन की जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
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