Bihar Analysis: बिहार चुनाव में भारी हार पर प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान, गांधी आश्रम में रखेंगे 1 दिन का मौन व्रत
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जन सुराज पार्टी की भारी हार के बाद प्रशांत किशोर ने माफ़ी मांगी है। पार्टी प्रमुख ने हार का सारा दोष अपने ऊपर लिया और 20 नवंबर को गांधी भितिहरवा आश्रम में मौन व्रत रखने का फैसला किया है। 238 सीटों पर लड़ने के बावजूद जेएसपी अपना खाता नहीं खोल पाई और 90% उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई है। प्रशांत किशोर ने जाति-पाँत और धर्म की राजनीति न करने का दावा किया है। उन्होंने अगले चुनाव में मजबूत होकर लौटने का दावा किया है।
पटना, 18 नवंबर 2025 – बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम आने के बाद, जिसकी सबसे अधिक चर्चा हो रही थी, वह थे जन सुराज (Jan Suraj) के संस्थापक प्रशांत किशोर। चुनाव परिणामों में जन सुराज पार्टी की बुरी हार के बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया सामने आई है, जो सत्यनिष्ठा और आत्ममंथन से भरी है। अपनी पार्टी के चुनावी प्रदर्शन में भारी नाकामी का सारा दोष अपने ऊपर लेते हुए, प्रशांत किशोर ने राज्य की जनता से माफ़ी मांगी और 20 नवंबर को गांधी भितिहरवा आश्रम में एक दिन का मौन व्रत रखने का ऐलान किया। यह प्रायश्चित का अनोखा तरीका दिखाता है कि वह हार को गहराई से महसूस कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या एक पेशेवर रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर का यह कदम बिहार की जनता का भविष्य में विश्वास जीतने में सक्षम होगा?
हार का दोष: "मैं समझा नहीं पाया"
प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि उनकी पार्टी सरकार बदलने के प्रयासों में नाकाम रही है।
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पूरी जिम्मेदारी: उन्होंने कहा, "हमने अपनी तरफ से बहुत सकारात्मक प्रयास किया। हम इस सरकार को बदलने में नाकाम रहे। मैं सारा दोष अपने ऊपर लेता हूँ क्योंकि मैं लोगों को समझा नहीं पाया।"
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आत्ममंथन: किशोर ने स्पष्ट किया कि इस हार से उन्हें गहरा झटका लगा है, लेकिन वे गलतियों को सुधारेंगे, मजबूत हो कर लौटेंगे, पीछे जाने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने हार की पूरी जिम्मेदारी शत-प्रतिशत अपने ऊपर लेने की बात कही।
जन सुराज: खाता भी नहीं खोल पाई पार्टी
पूर्व चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (JSP) को चुनाव से पहले 'एक्स फैक्टर' कहा गया था।
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चुनावी प्रदर्शन: JSP ने बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से 238 पर चुनाव लड़ा था, लेकिन दुर्भाग्यवश, पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पाई।
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ज़मानत जब्त: चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, जन सुराज के अधिकांश उम्मीदवारों को कुल पड़े वोटों के 10\% से भी कम वोट मिले हैं, जिसके चलते उनकी ज़मानत ज़ब्त हो गई।
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सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: पार्टी का सबसे बेहतर प्रदर्शन मढ़ौरा विधानसभा क्षेत्र से नवीन कुमार सिंह उर्फ अभय सिंह का रहा, जो दूसरे स्थान पर रहे। यह सीट राजद के जितेंद्र कुमार राय ने 27,928 वोटों के अंतर से जीती।
"हमने कोई अपराध नहीं किया"
प्रशांत किशोर ने अपनी हार के विश्लेषण में अपनी पार्टी और अन्य दलों के बीच एक बड़ा अंतर बताया।
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नैतिक दावा: उन्होंने कहा कि हमसे गलतियाँ हो सकती हैं, लेकिन हमने कोई अपराध नहीं किया है। हमने समाज में जाति-पाँत का ज़हर फैलाने या हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करने का अपराध नहीं किया है।
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वोट खरीदने का आरोप: उन्होंने सीधे तौर पर अन्य दलों पर गरीब जनता को पैसे देकर उनके वोट खरीदने का अपराध करने का आरोप लगाया।
किशोर ने कहा कि जनता ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को जनादेश दिया है, इसलिए चुनाव में किए गए वादों को पूरा करने की जिम्मेदारी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की है।
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