Potka Strike: बड़ी जब्ती, पोटका में बालू माफिया का खेल खत्म, लेडी अफसर ने अकेले घेरा अवैध हाइवा
पोटका अंचलाधिकारी निकिता बाला ने NH-220 पर अचानक धावा बोलकर अवैध बालू लदा एक विशाल हाइवा जब्त कर लिया है। माफियाओं के बीच मचे हड़कंप और प्रशासन की इस गुप्त घेराबंदी की पूरी रोमांचक रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी स्वर्णरेखा नदी के सीने को छलनी करने वाले इस 'सफेद धंधे' के खौफनाक सच को कभी नहीं जान पाएंगे।
पोटका/पूर्वी सिंहभूम, 7 जनवरी 2026 – पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका में अवैध बालू तस्करों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बुधवार की सुबह जब पूरा इलाका कोहरे की चादर में लिपटा था, तब पोटका की अंचलाधिकारी (CO) निकिता बाला अपनी टीम के साथ सड़कों पर उतर चुकी थीं। जिला प्रशासन के सख्त निर्देश के बाद हुई इस औचक छापेमारी ने बालू माफियाओं के सिंडिकेट को हिला कर रख दिया है। NH-220 पर चलाए गए इस 'सर्च ऑपरेशन' में अवैध बालू लदा एक विशाल हाइवा जब्त किया गया है, जिसके चालक के पास न तो कोई परमिट था और न ही कोई वैध चालान।
NH-220 पर 'लेडी सिंघम' का एक्शन: ऐसे फंसा माफिया
बुधवार तड़के पोटका सीओ को गुप्त सूचना मिली थी कि हल्दीपोखर के रास्ते बालू की एक बड़ी खेप शहर की ओर भेजी जा रही है।
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घेराबंदी: सीओ निकिता बाला ने बिना वक्त गंवाए अंचल कार्यालय की टीम के साथ हल्दीपोखर के समीप नाकेबंदी कर दी।
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पकड़ा गया हाइवा: कुछ ही देर में बालू लदा एक हाइवा (JH05AD/6872) वहां से गुजरा। सीओ ने खुद वाहन रुकवाकर चालक से कागजात मांगे।
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बेबस चालक: बालू की इस खेप के लिए चालक न तो चालान दिखा सका और न ही खनन विभाग का कोई अनुमति पत्र। पकड़े जाने के डर से माफिया के गुर्गे मौके से खिसकने की फिराक में थे, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी ने उन्हें नाकाम कर दिया।
कोवाली पुलिस की कस्टडी में 'सफेद सोना'
सीओ ने मौके पर ही हाइवा को जब्त कर कोवाली पुलिस के हवाले कर दिया है।
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लिखित शिकायत: अंचलाधिकारी द्वारा जिला खनन विभाग को लिखित रूप से सूचित कर दिया गया है ताकि भारी जुर्माना और एफआईआर (FIR) की कार्रवाई की जा सके।
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माफियाओं में भगदड़: इस रेड के बाद पोटका, हल्दीपोखर और कोवाली क्षेत्र के अवैध घाटों पर सन्नाटा पसर गया है। कई ट्रक चालक रास्ते से ही वाहन मोड़कर भागते नजर आए।
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अभियान रहेगा जारी: निकिता बाला ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पोटका की धरती पर खनिज संपदा की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह अभियान अब नियमित रूप से चलाया जाएगा।
पोटका माइनिंग रेड: कार्रवाई का पूरा ब्योरा (Action Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| प्रभारी अधिकारी | निकिता बाला (CO, पोटका) |
| जब्त वाहन नंबर | JH05AD-6872 (बालू लदा हाइवा) |
| स्थान | हल्दीपोखर, NH-220, पोटका |
| सुपुर्दगी | कोवाली थाना पुलिस |
| अवैध खनिज | नदी का बालू (Illegal Sand) |
इतिहास और रसूख: स्वर्णरेखा की रेत और वर्चस्व की लड़ाई
पोटका का इलाका ऐतिहासिक रूप से स्वर्णरेखा नदी के किनारे होने के कारण बालू खनन का 'हॉटस्पॉट' रहा है। 1980 के दशक तक यहाँ का बालू केवल ग्रामीण निर्माण के काम आता था, लेकिन जमशेदपुर के रियल एस्टेट में आई क्रांति ने यहाँ 'बालू सिंडिकेट' को जन्म दिया। पुराने जानकार बताते हैं कि यहाँ के बालू घाटों पर कब्जे के लिए कई बार गैंगवार और खूनी संघर्ष भी हो चुके हैं। माफिया अक्सर प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन निकिता बाला जैसी युवा और ईमानदार अधिकारियों की सक्रियता ने अब इन 'सफेदपोश' तस्करों की कमर तोड़ दी है। NH-220 पर हुई यह जब्ती इस बात का प्रमाण है कि अब माफियाओं के लिए 'सेफ पैसेज' खत्म हो चुका है।
प्रशासन की अगली रणनीति: घाटों पर होगी 'ड्रोन' से निगरानी?
सूत्रों की मानें तो पोटका अंचल प्रशासन अब केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि सीधे बालू घाटों पर स्ट्राइक करने की योजना बना रहा है।
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घाटों की पहचान: उन रास्तों को चिन्हित किया जा रहा है जहाँ से माफिया रात के अंधेरे में बालू निकालते हैं।
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खनन विभाग अलर्ट: जिला खनन पदाधिकारी ने भी संकेत दिए हैं कि जब्त किए गए हाइवा के मालिक पर लाखों का जुर्माना लगाया जाएगा ताकि दूसरों को सबक मिल सके।
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जनता से अपील: सीओ ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे अवैध खनन की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
कानून का डंडा और माफिया का डर
पोटका में हुई यह कार्रवाई केवल एक हाइवा की जब्ती नहीं है, बल्कि बालू के अवैध कारोबार के खिलाफ एक युद्ध का ऐलान है। निकिता बाला के नेतृत्व में हुई इस रेड ने साबित कर दिया है कि अगर प्रशासन ठान ले, तो कोई भी माफिया कानून से बड़ा नहीं हो सकता। कोवाली पुलिस अब इस मामले के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।
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