Palamu Fire: सतबरवा के कसियाडीह में बंद होटल बना 'आग का गोला', सिलेंडर ब्लास्ट से दहला इलाका, सदमे में मालिक को आया हार्ट अटैक
पलामू के सतबरवा में एक बंद पड़े लाइन होटल में लगी आग ने भयानक रूप ले लिया है। सिलेंडर फटने के धमाकों और लाखों के नुकसान के बीच होटल मालिक की बिगड़ती हालत की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप एनएच-39 पर मची इस भारी अफरा-तफरी के असली सच से अनजान रह जाएंगे।
पलामू/सतबरवा, 16 फरवरी 2026 – पलामू जिले के सतबरवा थाना क्षेत्र के कसियाडीह में सोमवार को उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एनएच-39 पर स्थित एक बंद पड़ा लाइन होटल अचानक धधक उठा। यह आग महज़ एक हादसा नहीं रही, बल्कि जब अंदर रखा गैस सिलेंडर बम की तरह फटा, तो पूरा इलाका दहल गया। इस भीषण अग्निकांड में न केवल संपत्ति खाक हुई, बल्कि होटल मालिक संजय प्रसाद अपनी आंखों के सामने अपनी मेहनत को जलता देख सदमे में चले गए, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में रांची रेफर किया गया है।
सिलेंडर ब्लास्ट और दहशत का वो मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, होटल काफी समय से बंद था, लेकिन अचानक शॉर्ट सर्किट से उठी एक चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया।
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खौफनाक धमाका: ग्रामीण जब तक आग बुझाने के लिए बाल्टी और चापाकल का सहारा लेते, तभी अंदर रखे रसोई गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि मदद के लिए बढ़े लोग जान बचाकर पीछे भागने लगे।
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एक व्यक्ति झुलसा: इस अफरा-तफरी में एक ग्रामीण आग की चपेट में आकर झुलस गया है, जिसका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।
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मालिक की हालत नाजुक: होटल मालिक संजय प्रसाद अपनी आंखों के सामने सब कुछ राख होते देख कई बार बेहोश हुए। डॉक्टरों ने उनकी बिगड़ती मानसिक और शारीरिक स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत रांची रेफर कर दिया।
पुलिस की सूझबूझ से टला बड़ा खतरा
सूचना मिलते ही सतबरवा थाना प्रभारी विश्वनाथ कुमार राणा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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पिकअप वैन को बचाया: होटल के पास ही एक 307 पिकअप वैन खड़ी थी, जिसे पुलिस और ग्रामीणों ने धक्का देकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, वरना आग पूरे एनएच को अपनी चपेट में ले सकती थी।
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ट्रैफिक कंट्रोल: एनएच-39 पर आग की लपटों और धुएं के कारण यातायात बाधित होने लगा था, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया।
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देर से पहुंची दमकल: ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटना के करीब डेढ़ घंटे बाद पहुंची, तब तक सब कुछ जल चुका था।
सतबरवा अग्निकांड: घटना का ब्योरा (Incident Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | कसियाडीह, सतबरवा (पलामू) |
| कारण | प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट |
| बड़ा हादसा | गैस सिलेंडर का जोरदार धमाका |
| नुकसान | होटल पूरी तरह खाक, लाखों की क्षति |
| रेस्क्यू टीम | सतबरवा पुलिस और स्थानीय ग्रामीण |
मदद के लिए बढ़े हाथ
घटनास्थल पर रबदा और बकोरिया के मुखिया सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे। सांसद प्रतिनिधि अनिल सिंह और सामाजिक कार्यकर्ता अतुल कुमार ने खुद बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने में ग्रामीणों का साथ दिया। प्रशासन से मांग की जा रही है कि पीड़ित दुकानदार को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
सुलगते सवाल और इंसाफ की उम्मीद
सतबरवा की इस आग ने एक बार फिर झारखंड के ग्रामीण इलाकों में फायर स्टेशन की कमी को उजागर कर दिया है। क्या संजय प्रसाद को अपनी बर्बादी का हर्जाना मिलेगा? क्या प्रशासन शॉर्ट सर्किट के असली कारणों की जांच करेगा? फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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