Palamu Murder: पलामू में छोटे भाई ने टांगी से काटकर बड़े भाई को मार डाला, नशे में हुआ था विवाद, आरोपी सिंटू भुइयां गिरफ्तार कर भेजा गया जेल
पलामू के पांकी में सगे भाई की हत्या करने वाले आरोपी सिंटू भुइयां को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। खुशियों वाले घर में नशे के कारण हुए विवाद और कुल्हाड़ी से किए गए वार की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
मेदिनीनगर/पलामू, 8 अप्रैल 2026 – पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। ठेकही अंदाग गांव में एक सगे भाई ने अपने ही बड़े भाई की कुल्हाड़ी (टांगी) से काटकर निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी छोटे भाई सिंटू भुइयां (19 वर्ष) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जिस घर में कुछ घंटों पहले बेटी के रिश्ते की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां नशे और आपसी विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार को मातम में बदल दिया।
खुशियों के बीच मातम: छेका समारोह के बाद शुरू हुआ 'खूनी खेल'
यह दुखद घटना बीते रविवार की रात की है। गांव के लोगों ने बताया कि घर में उत्सव का माहौल था, लेकिन शाम होते-होते सब कुछ बदल गया।
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समारोह से वापसी: मृतक पिंटू भुइयां (28 वर्ष) के बड़े भाई की बेटी का 'छेका' (सगाई की रस्म) था। पूरा परिवार इस कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौटा था।
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नशे का कहर: घर लौटने के बाद देर शाम दोनों भाइयों ने नशा किया था। नशे की हालत में किसी घरेलू बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
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टांगी से हमला: विवाद इतना बढ़ गया कि छोटा भाई सिंटू अपना आपा खो बैठा। उसने घर में रखी टांगी (कुल्हाड़ी) उठाई और अपने बड़े भाई पिंटू पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोट लगने के कारण पिंटू की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिसिया कार्रवाई: फरार आरोपी को दबिश देकर दबोचा
पिंटू की पत्नी के फर्द बयान पर पांकी थाना में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना के बाद से ही सिंटू फरार चल रहा था।
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छापामारी दल का गठन: लेस्लीगंज एसडीपीओ के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थी।
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गिरफ्तारी: सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर सिंटू भुइयां को गिरफ्तार कर लिया।
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न्यायिक हिरासत: कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद बुधवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी को लेकर भी जांच तेज कर दी है।
पलामू का पांकी: संघर्ष और सामाजिक ताने-बाने का इतिहास
पलामू जिला ऐतिहासिक रूप से अपनी साहसी जनजातीय आबादी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता रहा है।
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सामाजिक परिवेश: पांकी का इलाका लंबे समय तक सामाजिक-राजनीतिक हलचलों का केंद्र रहा है। यहाँ ग्रामीण समाज में 'टांगी' केवल एक औजार नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा है, लेकिन इसका इस्तेमाल अपनों के खिलाफ होना चिंताजनक है।
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नशे की समस्या: पलामू के ग्रामीण क्षेत्रों में 'नशा' अपराध का एक बड़ा कारण बनकर उभरा है। इतिहास गवाह है कि यहाँ के कई बड़े हिंसक मामलों के पीछे शराब या अन्य मादक पदार्थों का सेवन एक मुख्य वजह रहा है।
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अपराध का बदलता पैटर्न: पहले इस क्षेत्र में बाहरी गैंग्स का बोलबाला था, लेकिन अब पारिवारिक कलह और जमीनी विवादों के कारण होने वाली हत्याएं पुलिस के लिए नई चुनौती बन गई हैं।
अगली कार्रवाई: जांच अभी जारी है
हालांकि मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे है, लेकिन पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है।
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साक्ष्यों का संकलन: पुलिस घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है ताकि अदालत में आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
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गांव में दहशत: ठेकही अंदाग गांव के लोग इस घटना से डरे हुए हैं। भाइयों के बीच का यह खूनी संघर्ष चर्चा का विषय बना हुआ है।
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परिजनों का हाल: पिंटू की पत्नी और बच्चों के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक भाई की मौत हो गई और दूसरा अब जेल की कालकोठरी में है।
पलामू की यह घटना एक कड़वा सबक है कि नशा और क्षणिक गुस्सा कैसे हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ सकता है। 19 साल का युवा सिंटू अब अपनी पूरी जिंदगी जेल में पछताते हुए बिताएगा। पुलिस की मुस्तैदी ने आरोपी को पकड़ तो लिया है, लेकिन उस मासूम परिवार के जख्म शायद ही कभी भर पाएं। समाज को अब सोचने की जरूरत है कि नशे की लत हमारे बीच कितने 'सिंटू' और 'पिंटू' को खत्म कर रही है।
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