Latehar Horror: चंदवा में ट्रेन से टकराकर हाथी के बच्चे की दर्दनाक मौत, मां के ममतामयी पहरे के आगे बेबस दिखा सिस्टम, 12 घंटे ठप रहा रेलखंड

लातेहार के चंदवा में रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से हाथी के बच्चे की मौत ने सबको रुला दिया है। गुस्साए झुंड के पहरे और तड़पती मां की इस मार्मिक दास्तां का पूरा सच यहाँ मौजूद है वरना आप बेजुबानों की इस सबसे बड़ी त्रासदी और रेलवे की लापरवाही की इनसाइड स्टोरी से अनजान रह जाएंगे।

Feb 17, 2026 - 15:23
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Latehar Horror: चंदवा में ट्रेन से टकराकर हाथी के बच्चे की दर्दनाक मौत, मां के ममतामयी पहरे के आगे बेबस दिखा सिस्टम, 12 घंटे ठप रहा रेलखंड
Latehar Horror: चंदवा में ट्रेन से टकराकर हाथी के बच्चे की दर्दनाक मौत, मां के ममतामयी पहरे के आगे बेबस दिखा सिस्टम, 12 घंटे ठप रहा रेलखंड

लातेहार/चंदवा, 17 फरवरी 2026 – झारखंड के जंगलों से एक ऐसी विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है जिसने इंसानियत और विकास के दावों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र अंतर्गत महुआमिलान और निद्रा रेलवे स्टेशन के बीच पुतरी टोला गांव के पास एक हाथी के बच्चे की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब हाथियों का एक झुंड रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। इस घटना के बाद जो मंजर दिखा, उसने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। अपने घायल बच्चे को बचाने के लिए हाथियों का झुंड और उसकी मां पूरी रात ढाल बनकर खड़े रहे, जिसके चलते 12 घंटे तक रेल परिचालन पूरी तरह ठप रहा।

ममता का पहरा: घायल बच्चे को छोड़ने को तैयार नहीं थी मां

सोमवार रात जब हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर पटरियां पार कर रहा था, तभी एक तेज रफ्तार ट्रेन डाउन लाइन से गुजरी। झुंड का सबसे छोटा सदस्य इसकी चपेट में आ गया।

  • तड़पता रहा मासूम: ट्रेन की टक्कर इतनी भीषण थी कि हाथी का बच्चा लहूलुहान होकर ट्रैक के किनारे गिर गया। ट्रेन तो निकल गई, लेकिन पीछे छूट गई एक मां की चीखें।

  • गुस्साया झुंड: हादसे के बाद हाथियों का पूरा कुनबा आक्रामक हो गया। उन्होंने घायल बच्चे को चारों तरफ से घेर लिया। वन विभाग और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन हाथियों के गुस्से के आगे किसी की हिम्मत पास जाने की नहीं हुई।

  • भावुक कर देने वाला दृश्य: हाथी की मां अपने घायल बच्चे को सूंड से सहलाती रही और उसे उठाने की कोशिश करती रही। वह किसी भी इंसान या डॉक्टर को बच्चे के करीब नहीं आने दे रही थी।

12 घंटे तक थमी रही पटरियों की रफ्तार

इस दर्दनाक हादसे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा। बरकाकाना–बरवाडीह रेलखंड पूरी तरह जाम हो गया।

  1. रात भर डटे रहे अधिकारी: डीएफओ प्रवेश अग्रवाल और रेंजर नंदकुमार महतो पूरी रात घटनास्थल पर मौजूद रहे। रेलवे ने एक विशेष लाइट इंजन भेजा ताकि अधिकारी मौके तक पहुँच सकें।

  2. परिचालन बाधित: हाथियों के ट्रैक न छोड़ने के कारण अप लाइन 7 घंटे और डाउन लाइन करीब 12 घंटे तक बंद रही। कई ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ी रहीं और यात्रियों को भारी परेशानी हुई।

  3. आधी रात को थमी सांसें: काफी कोशिशों के बावजूद घायल हाथी के बच्चे ने अपनी मां के सामने ही दम तोड़ दिया। मंगलवार सुबह जब झुंड जंगल की ओर गया, तब जाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हो सकी।

चंदवा रेल हादसा: मुख्य विवरण (Tragedy Snapshot)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
स्थान पुतरी टोला, महुआमिलान-निद्रा स्टेशन के बीच
घटना ट्रेन की चपेट में आने से हाथी के बच्चे की मौत
रेलवे लाइन बरकाकाना–बरवाडीह रेलखंड
प्रभाव डाउन लाइन 12 घंटे और अप लाइन 7 घंटे बाधित
वन विभाग एक्शन पोस्टमार्टम के बाद रिपोर्ट तैयार, जांच शुरू

उठते सवाल: आखिर कब तक होगी ये अनदेखी?

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में रेलवे को रिपोर्ट सौंपेंगे। सवाल यह उठता है कि जब यह इलाका एलिफेंट कॉरिडोर के रूप में चिह्नित है, तो रात के समय ट्रेन की रफ्तार पर नियंत्रण क्यों नहीं रखा गया? ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग और रेलवे के बीच समन्वय की कमी के कारण ये मासूम जीव अपनी जान गंवा रहे हैं।

पटरियों पर बिखरा खून और सिस्टम की चुप्पी

मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद हाथी के बच्चे को दफना दिया गया, लेकिन जंगल में गूंज रही उसकी मां की चिंघाड़ अभी शांत नहीं हुई है। रेल परिचालन तो शुरू हो गया है, पर यह हादसा एक बड़ा सबक दे गया है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।