Koderma Accident: कोडरमा में जीवन रक्षक एंबुलेंस बनी काल, हाइवा की टक्कर से डेढ़ साल की मासूम आयुषी की मौत
गिरिडीह से कोडरमा इलाज के लिए जा रही एक एंबुलेंस पहाड़पुर के पास भीषण हादसे का शिकार हो गई है। हाइवा की टक्कर से डेढ़ साल की मासूम बच्ची आयुषी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस हृदयविदारक घटना और पुलिस की कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
कोडरमा/नवलशाही, 21 मार्च 2026 – झारखंड के कोडरमा-जमुआ मुख्य मार्ग पर शनिवार को एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया। जिस एंबुलेंस को एक मासूम की जान बचाने की उम्मीद में दौड़ाया जा रहा था, वही वाहन काल बनकर सामने आया। नवलशाही थाना क्षेत्र के पहाड़पुर के पास एक तेज रफ्तार हाइवा की लापरवाही ने डेढ़ साल की मासूम आयुषी कुमारी की जान ले ली। इलाज के लिए अस्पताल पहुँचने से पहले ही नियति ने अपना क्रूर खेल खेल दिया। इस हादसे में परिवार के तीन अन्य सदस्य भी लहूलुहान हुए हैं, जिनका इलाज कोडरमा सदर अस्पताल में जारी है।
इलाज की उम्मीद और 'हाइवा' का कहर: कैसे हुआ हादसा?
यह हृदयविदारक घटना उस वक्त हुई जब गिरिडीह जिले के घोड़थम्बा निवासी विनोद पांडेय अपनी डेढ़ वर्षीय भतीजी आयुषी कुमारी को लेकर कोडरमा जा रहे थे।
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इलाज की जल्दी: मासूम आयुषी की तबीयत खराब थी, जिसे बेहतर इलाज के लिए कोडरमा सदर अस्पताल रेफर किया गया था। एंबुलेंस में विनोद पांडेय के साथ प्रमिला देवी और महेश पांडेय भी सवार थे।
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चकमा दे गया हाइवा: चश्मदीदों के अनुसार, पहाड़पुर के पास विपरीत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित हाइवा ने एंबुलेंस को जोरदार चकमा दिया। टक्कर से बचने की कोशिश में एंबुलेंस चालक ने संतुलन खो दिया और वाहन सड़क किनारे पलटते हुए बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
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मलबे में दबी मासूम: एंबुलेंस के परखच्चे उड़ते ही भीतर बैठे लोग लहूलुहान हो गए। नन्ही आयुषी को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं।
निजी अस्पताल में मौत: मातम में बदला घर
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने देवदूत बनकर घायलों को बाहर निकाला।
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अंतिम सांस: सभी घायलों को आनन-फानन में पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने आयुषी को बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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घायलों की स्थिति: प्रमिला देवी और महेश पांडेय की स्थिति भी गंभीर बताई जा रही है। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद कोडरमा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहाँ उनकी हालत पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: घोड़थम्बा से कोडरमा तक आयुषी के परिवार में कोहराम मचा है। जिस घर में बच्ची की किलकारी गूंजती थी, वहां अब केवल सन्नाटा और चीखें हैं।
नवलशाही पुलिस की कार्रवाई: फरार हाइवा की तलाश
हादसे की सूचना मिलते ही नवलशाही थाना प्रभारी सुमन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे।
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जब्ती: पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त एंबुलेंस को कब्जे में ले लिया है और उसे क्रेन की मदद से थाने पहुँचाया गया है।
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तलाश जारी: पुलिस अब उस फरार हाइवा और उसके चालक की पहचान करने के लिए जमुआ रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि अपराधी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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खूनी सड़क: कोडरमा-जमुआ मार्ग का यह हिस्सा अपनी संकरी बनावट और तेज रफ्तार भारी वाहनों के कारण डेंजर जोन बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने यहाँ पर चेक पोस्ट और स्पीड ब्रेकर की मांग फिर से दोहराई है।
अगला कदम: सुरक्षा और संवेदना
इस हादसे ने एक बार फिर एंबुलेंस चालकों के प्रशिक्षण और भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोडरमा प्रशासन अब इस रूट पर चलने वाले हाइवा चालकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी में है। आयुषी के शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।
डेढ़ साल की आयुषी की मौत केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि हमारी सड़कों पर दौड़ती लापरवाही का परिणाम है। एक परिवार जो अपनी लाड़ली को बचाने निकला था, वह आज उसकी लाश लेकर घर लौट रहा है। पहाड़पुर के इस खूनी मोड़ ने एक मासूम का भविष्य छीन लिया। क्या प्रशासन अब भी चुप रहेगा या एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर और हाइवा चालकों की मनमानी पर रोक लगाएगा?
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