Kodarma Tragedy: कोडरमा में प्रेम प्रसंग का खौफनाक अंत, परिजनों की डांट के बाद दो नाबालिगों ने एक साथ चुनी मौत, दो गांवों में पसरा मातम
कोडरमा के डोमचांच में एक छात्र और छात्रा ने परिजनों की डांट से क्षुब्ध होकर आत्मघाती कदम उठा लिया है। तेतरियाडीह और बेहराडीह के इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप समाज को झकझोर देने वाली इस बड़ी खबर के पीछे का सच जानने से चूक जाएंगे।
कोडरमा, 9 फरवरी 2026 – झारखंड के कोडरमा जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे डोमचांच इलाके को सुन्न कर दिया है। रविवार को दो नाबालिगों ने अलग-अलग गांवों में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था और परिजनों द्वारा इस रिश्ते पर लगाई गई बंदिशों और डांट-फटकार ने उन्हें इस आत्मघाती कदम की ओर धकेल दिया। तेतरियाडीह और बेहराडीह के दो अलग-अलग घरों से उठी अर्थियों ने पूरी सामाजिक व्यवस्था और किशोरों की मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डांट बनी काल: पढ़ाई और प्यार के बीच उलझी जिंदगी
पुलिस से मिली जानकारी और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना की जड़ें पिछले कुछ दिनों से पनप रहे तनाव में छिपी थीं।
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परिजनों का विरोध: तेतरियाडीह का रहने वाला 11वीं का छात्र और बेहराडीह की 10वीं की छात्रा पिछले एक साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे। जब इसकी भनक परिवार को लगी, तो रविवार को उन्हें कड़ी फटकार लगाई गई।
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एक ही दिन दी जान: परिजनों ने उन्हें केवल पढ़ाई पर ध्यान देने की नसीहत दी थी, लेकिन इस डांट को किशोर मन बर्दाश्त नहीं कर सका। डांट के कुछ ही घंटों बाद दोनों ने अपने-अपने घरों में फंदा लगाकर जान दे दी।
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विरोधाभासी बयान: पुलिस जब मौके पर पहुँची, तो परिजनों के बयानों में काफी अंतर पाया गया। कुछ तथ्य आपस में मेल नहीं खा रहे हैं, जिससे मामला और उलझ गया है।
पुलिस की कार्रवाई: पोस्टमार्टम और जांच शुरू
डोमचांच थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों शवों को कब्जे में लेकर कोडरमा सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में किसी भी जल्दबाजी में नहीं हैं और हर संभावित एंगल, जिसमें 'सुसाइड पैक्ट' की संभावना भी शामिल है, उस पर गहन जांच कर रहे हैं।
कोडरमा सुसाइड केस: मुख्य विवरण (Tragedy Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | तेतरियाडीह और बेहराडीह, डोमचांच (कोडरमा) |
| उम्र और कक्षा | छात्र (11वीं), छात्रा (10वीं) |
| कारण | प्रेम प्रसंग और परिजनों की डांट-फटकार |
| वर्तमान स्थिति | पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार |
| जांच का मुख्य बिंदु | परिजनों के बयानों में विरोधाभास |
परिजनों के विरोधाभास से गहराया रहस्य
पुलिस को दिए बयानों में परिजनों ने पहले केवल डांट की बात कही थी, लेकिन पूछताछ के दौरान कुछ नई बातें सामने आई हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या दोनों के बीच सुसाइड को लेकर पहले से कोई बात हुई थी? उनके मोबाइल फोन्स को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है ताकि आखिरी बातचीत का पता लगाया जा सके।
समाज और परिवार के लिए सबक
कोडरमा की यह दोहरी आत्महत्या केवल एक क्राइम रिपोर्ट नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है। क्या सिर्फ डांट-फटकार ही समस्या का समाधान है? किशोरों की मानसिक स्थिति को समझे बिना थोपी गई बंदिशें कभी-कभी अपूरणीय क्षति का कारण बन जाती हैं।
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