Khunti Mob : खूंटी में बच्चा चोरी के शक में युवक को पेड़ से बांधकर पीटा, मौत के मुंह से पुलिस ने निकाला, अफवाह ने बना दिया 'हैवान'
खूंटी के रनिया में बच्चा चोरी की अफवाह ने एक युवक की जान संकट में डाल दी। भीड़ ने युवक को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर युवक को बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया। अफवाहों से बचने और कानून हाथ में न लेने की अपील। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
खूंटी/रनिया, 6 मार्च 2026 – झारखंड के खूंटी जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो कानून-व्यवस्था और समाज की सोच पर गहरे सवाल खड़े करती है। रनिया थाना क्षेत्र के सोदे गांव में गुरुवार की शाम 'बच्चा चोरी' की एक गलतफहमी ने हिंसक रूप ले लिया। भीड़ ने एक युवक को न केवल पकड़ा, बल्कि उसे रस्सी से पेड़ के सहारे बांधकर मौत की दहलीज तक पहुँचा दिया। अगर पुलिस चंद मिनटों की देरी और करती, तो एक बड़ी अनहोनी घट सकती थी।
कोयल नदी के किनारे क्या हुआ?
घटना गुरुवार शाम करीब पांच बजे की है। रनिया निवासी लच्छू कुमार एक नौ वर्षीय बच्चे के साथ कोयल नदी की ओर जा रहा था।
-
नशे की हालत: बताया जा रहा है कि लच्छू नशे में था और लड़खड़ा रहा था।
-
गलतफहमी का शिकार: उसकी संदिग्ध गतिविधियों को देख ग्रामीणों को लगा कि वह बच्चे को बहला-फुसलाकर ले जा रहा है। देखते ही देखते हवा की तरह पूरे गांव में खबर फैल गई कि 'बच्चा चोर' पकड़ा गया है।
पेड़ से बांधकर बरसीं लाठियां
गुस्साई भीड़ ने लच्छू की एक न सुनी। उसे घसीटते हुए एक पेड़ के पास लाया गया और रस्सी से जकड़ दिया गया।
-
बेरहम पिटाई: युवक अपनी बेगुनाही की दुहाई देता रहा, हाथ जोड़ता रहा, लेकिन भीड़ उस पर लात-घूंसे और लाठियां बरसाती रही।
-
पुलिस का रेस्क्यू: कुछ जागरूक ग्रामीणों ने इसकी सूचना रनिया थाना को दी। पुलिस टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए उत्तेजित भीड़ के बीच से युवक को छुड़ाया और अपनी कस्टडी में लिया।
झारखंड और मॉब लिंचिंग: अफवाहों का काला इतिहास
खूंटी और आसपास के आदिवासी बहुल इलाकों में 'बच्चा चोरी' और 'डायन-बिसाही' जैसी अफवाहें बरसों से मासूमों की जान लेती रही हैं।
-
2017 का कोल्हान कांड: आपको याद होगा जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में फैली एक अफवाह ने एक ही दिन में कई लोगों की जान ले ली थी।
-
सोशल मीडिया की भूमिका: आज के दौर में व्हाट्सएप और फेसबुक पर फैलने वाली फर्जी खबरें आग में घी डालने का काम करती हैं।
-
ऐतिहासिक संवेदनशीलता: खूंटी जैसे इलाके जल, जंगल और जमीन के संघर्ष के साथ-साथ बाहरी लोगों के प्रति अपनी संवेदनशीलता के लिए जाने जाते हैं। इसी का फायदा उठाकर शरारती तत्व अफवाह फैलाते हैं और भीड़ को 'इंसाफ' के लिए उकसाते हैं।
अस्पताल में जंग: पुलिस की चेतावनी
घायल लच्छू कुमार के शरीर पर चोटों के गहरे निशान हैं। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रनिया में भर्ती कराया गया है, जहाँ फिलहाल उसकी हालत स्थिर है।
-
जांच में खुलासा: रनिया पुलिस की प्रारंभिक जांच में बच्चा चोरी का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
-
कड़ी चेतावनी: पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाना और कानून हाथ में लेना संगीन जुर्म है। भीड़ हिंसा में शामिल लोगों की पहचान सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर की जा रही है।
वारदात का विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| पीड़ित युवक | लच्छू कुमार (रनिया निवासी) |
| स्थान | सोदे गांव, रनिया (खूंटी) |
| वजह | बच्चा चोरी की अफवाह (आधारहीन) |
| पुलिस की भूमिका | मौके पर पहुँचकर युवक की जान बचाई |
| वर्तमान स्थिति | युवक अस्पताल में, आरोपी रडार पर |
अफवाहों से कैसे बचें?
पुलिस ने आम जनता के लिए विशेष अपील जारी की है:
-
किसी भी अनजान व्यक्ति को संदिग्ध देखकर तुरंत 100 या 112 पर कॉल करें।
-
व्हाट्सएप पर आने वाले 'बच्चा चोर' के मैसेज को बिना पुष्टि के आगे न भेजें।
-
याद रखें, भीड़ द्वारा की गई हिंसा आपको जेल पहुँचा सकती है।
सुलगती रनिया और समाज का दायित्व
खूंटी की यह घटना दर्शाती है कि समाज में आज भी जागरूकता की भारी कमी है। एक युवक को बिना किसी सबूत के मौत के करीब ले जाना मानवता की हार है। अब प्रशासन को उन चेहरों को बेनकाब करना होगा जिन्होंने शांतिप्रिय सोदे गांव में हिंसा का जहर घोला।
What's Your Reaction?


