Ramgarh Arrest : रामगढ़ में पिस्टल लहराकर होली का रंग फीका करने वाला सुजीत गिरफ्तार, राहुल दुबे के नाम पर वसूली और दहशत का खुला राज
रामगढ़ के भुरकुंडा में होली के दिन पिस्टल दिखाकर दहशत फैलाने वाले अपराधी सुजीत राम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से देशी पिस्टल और 8 जिंदा कारतूस मिले हैं। राहुल दुबे गैंग के नाम पर रंगदारी मांगने वाले इस शातिर बदमाश की पूरी क्राइम रिपोर्ट यहाँ देखें।
रामगढ़/भुरकुंडा, 6 मार्च 2026 – झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने एक शातिर अपराधी के दुस्साहस का अंत कर दिया है। होली के पावन त्यौहार पर जहाँ पूरा शहर रंगों में डूबा था, वहीं भुरकुंडा के बुधबाजार रिवरसाइड इलाके में एक अपराधी पिस्टल की नोक पर खौफ का खेल खेल रहा था। रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने शुक्रवार को खुलासा किया कि 41 वर्षीय सुजीत राम उर्फ सुजीत डोम को एक देशी पिस्टल और आठ जिंदा कारतूसों के साथ दबोच लिया गया है। यह गिरफ्तारी कोयलांचल में सक्रिय अपराधी राहुल दुबे के गिरोह से जुड़े तारों की ओर भी इशारा कर रही है।
होली के दिन पिस्टल वाली 'गुंडागर्दी'
घटना 4 मार्च की है, जब होली के उत्सव के बीच सुजीत डोम ने अपनी हनक दिखाने की कोशिश की।
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सरेआम धमकी: आपसी विवाद के दौरान सुजीत ने अपनी पिस्टल निकाल ली और इलाके के लोगों को डराने-धमकाने लगा।
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दहशत का माहौल: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह हथियार लहराते हुए घूम रहा था, जिससे त्यौहार की खुशियां दहशत में बदल गईं।
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खुफिया सूचना: जैसे ही इसकी भनक एसपी अजय कुमार को लगी, उन्होंने एएसपी सह पतरातू एसडीपीओ गौरव गोस्वामी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर त्वरित छापेमारी का आदेश दिया।
आधी रात को 'चदरा का बक्सा' खुला और निकले सबूत
गुरुवार की रात पुलिस टीम ने सुजीत के रिवरसाइड स्थित घर को चारों तरफ से घेर लिया।
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छापेमारी: अचानक हुई इस कार्रवाई से सुजीत को भागने का मौका नहीं मिला।
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निशानदेही: कड़ी पूछताछ के बाद उसने अपना जुर्म कबूला और बताया कि हथियार कमरे में रखे एक चदरा के बक्से में छिपे हैं।
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बरामदगी: पुलिस ने बक्से से एक लोडेड देशी पिस्टल, एक मैगजीन और 8 जिंदा गोलियां बरामद कीं।
भुरकुंडा का अपराध जगत: लेवी और वर्चस्व की जंग
रामगढ़ का भुरकुंडा और पतरातू इलाका दशकों से संगठित अपराध का केंद्र रहा है।
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ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: यहाँ की रेलवे साइडिंग और कोयला खदानें हमेशा से अंडरवर्ल्ड की नजरों में रही हैं। लेवी (रंगदारी) वसूलने के लिए यहाँ कई बड़े गैंगवार हो चुके हैं।
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राहुल दुबे कनेक्शन: सुजीत डोम महज एक प्यादा नहीं है। जेल से बाहर आने के बाद वह इलाके में राहुल दुबे के नाम का खौफ पैदा कर रंगदारी वसूलने की फिराक में था। राहुल दुबे का नाम हाल के दिनों में कई फायरिंग की घटनाओं से जुड़ा है।
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पुराना दागी: सुजीत का इतिहास डकैती और आर्म्स एक्ट के मामलों से भरा है। भदानीनगर रेलवे साइडिंग गोलीकांड (कांड संख्या 163/2025) में भी उसकी संलिप्तता रही थी, जहाँ से वह दिसंबर 2025 में ही जमानत पर बाहर आया था।
अपराधी का प्रोफाइल और रिकवरी: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| आरोपी का नाम | सुजीत राम उर्फ सुजीत डोम (41 वर्ष) |
| मूल निवासी | औरंगाबाद, बिहार (स्थायी पता) |
| बरामद हथियार | 01 देशी पिस्टल, 01 मैगजीन |
| कारतूस | 08 जिंदा गोलियां |
| आपराधिक रिकॉर्ड | डकैती, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, लेवी वसूली |
एसपी की चेतावनी: अपराधी बख्शे नहीं जाएंगे
रामगढ़ एसपी ने साफ कर दिया है कि जमानत पर बाहर आकर फिर से अपराध की दुनिया में कदम रखने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। सुजीत डोम को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है जो सुजीत को पर्दे के पीछे से संरक्षण दे रहे थे या उसके जरिए लेवी का नेटवर्क चला रहे थे।
सुलगता कोयलांचल और पुलिसिया दबिश
होली के दिन हुई यह घटना दर्शाती है कि जेल की दीवारें भी अपराधियों के इरादे नहीं बदल पा रही हैं। सुजीत डोम की गिरफ्तारी भुरकुंडा के व्यापारियों और आम लोगों के लिए बड़ी राहत है। हालांकि, राहुल दुबे के नाम पर बढ़ती सक्रियता रामगढ़ पुलिस के लिए आने वाले दिनों में बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।
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