West Singhbhum Judgment: हथियारबंद बदमाश मुर्गी बोदरा को 10 साल की कठोर जेल, नकटी बाजार में लोडेड पिस्टल के साथ हुआ था गिरफ्तार, अदालत ने सुनाया कड़ा फैसला

पश्चिमी सिंहभूम की चक्रधरपुर अदालत द्वारा कुख्यात बदमाश मुर्गी बोदरा को सुनाई गई 10 साल की सजा की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। साल 2022 में नकटी बाजार से लोडेड पिस्टल के साथ हुई गिरफ्तारी और उग्रवादी कनेक्शन का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप झारखंड के इस बड़े न्यायिक फैसले की जानकारी से चूक जाएंगे।

Jan 31, 2026 - 18:53
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West Singhbhum Judgment: हथियारबंद बदमाश मुर्गी बोदरा को 10 साल की कठोर जेल, नकटी बाजार में लोडेड पिस्टल के साथ हुआ था गिरफ्तार, अदालत ने सुनाया कड़ा फैसला
West Singhbhum Judgment: हथियारबंद बदमाश मुर्गी बोदरा को 10 साल की कठोर जेल, नकटी बाजार में लोडेड पिस्टल के साथ हुआ था गिरफ्तार, अदालत ने सुनाया कड़ा फैसला

चाईबासा/चक्रधरपुर, 31 जनवरी 2026 – पश्चिमी सिंहभूम जिले के कराईकेला थाना क्षेत्र से साल 2022 में गिरफ्तार किए गए शातिर अपराधी मुर्गी बोदरा उर्फ विश्वनाथ बोदरा उर्फ दौड़े के बुरे दिनों की शुरुआत हो गई है। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम (चक्रधरपुर) की अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुर्गी बोदरा को 10 साल के सश्रम कारावास (कठोर कारावास) की सजा सुनाई है। अवैध हथियारों के साथ समाज में दहशत फैलाने वालों के लिए यह सजा एक नजीर की तरह देखी जा रही है।

नकटी बाजार में बिछाया गया था 'खाकी' का जाल

यह मामला साल 2022 का है, जब कराईकेला के नकटी बाजार इलाके में एक गुप्त सूचना ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी थी।

  • सटीक इनपुट: तत्कालीन थाना प्रभारी दीपक क्रिएशन को मुखबिर से सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति अवैध हथियार के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा है।

  • मौके पर दबोचा: पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सेरेंगदा निवासी मुर्गी बोदरा को धर दबोचा। जब उसकी तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए।

  • लोडेड पिस्टल: मुर्गी बोदरा की कमर में एक देसी पिस्टल खोंसी हुई थी। सबसे खतरनाक बात यह थी कि पिस्टल की मैगजीन में 5 जिंदा कारतूस पहले से ही लोड थे, यानी वह ट्रिगर दबाने के लिए बिल्कुल तैयार था।

उग्रवादी कनेक्शन और 'दौड़े' का खौफ

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई थी कि मुर्गी बोदरा केवल एक साधारण अपराधी नहीं है। उसके तार इलाके में सक्रिय प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े होने के संकेत मिले थे। पुलिस ने उसे आर्म्स एक्ट की संगीन धाराओं के तहत जेल भेजा था। पुलिस की मजबूत पैरवी और समय पर दाखिल किए गए आरोप पत्र (Charge Sheet) के कारण अदालत ने उसे दोषी पाया और आज सजा के बिंदु पर मुहर लगा दी।

मुर्गी बोदरा केस: फैसले का सारांश (Case Summary)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Details)
दोषी का नाम मुर्गी बोदरा उर्फ विश्वनाथ बोदरा
सजा की अवधि 10 साल सश्रम कारावास (कठोर जेल)
गिरफ्तारी की जगह नकटी बाजार (साल 2022)
बरामदगी देसी पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस
अदालत अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम, चक्रधरपुर

पुलिस की जीत, समाज को राहत

इस फैसले के बाद पुलिस महकमे में उत्साह है। अधिकारियों का कहना है कि मुर्गी बोदरा जैसे अपराधियों का लंबे समय तक जेल में रहना चक्रधरपुर और कराईकेला के व्यापारियों और ग्रामीणों के लिए सुकून की खबर है। उग्रवादी संगठनों के लिए काम करने वाले 'स्लीपर सेल' के लिए भी यह एक कड़ा संदेश है कि कानून के हाथ उन तक जरूर पहुँचेंगे।

अपराध का अंत जेल की सलाखें

मुर्गी बोदरा की 10 साल की सजा यह साबित करती है कि अगर पुलिस की तफ्तीश सही दिशा में हो और साक्ष्य पुख्ता हों, तो अपराधियों का बचना नामुमकिन है। सेरेंगदा का यह बदमाश अब अपने जीवन के अगले 10 साल जेल की काली कोठरी में बिताएगा।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।