JSSC PGT Bharti 2025: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने 44 अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द की
JSSC PGT भर्ती 2025 में 44 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द। संस्कृत व इतिहास विषय के अभ्यर्थी अपात्र घोषित, गलत विषय और प्रमाणपत्र गड़बड़ी बनी वजह।
रांची : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक (PGT) भर्ती प्रक्रिया में बड़ा फैसला लेते हुए 44 अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द कर दी है। इनमें संस्कृत विषय के 34 और इतिहास विषय के 10 उम्मीदवार शामिल हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि गलत विषय से स्नातकोत्तर, समानांतर कोर्स और प्रमाणपत्रों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।
गलत विषय से स्नातकोत्तर करने वाले अभ्यर्थी हुए अपात्र
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संस्कृत विषय के स्थान पर संस्कृत साहित्य, ज्योतिष, नव्य व्याकरण या आचार्य से स्नातकोत्तर करने वाले अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द।
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इतिहास विषय के स्थान पर मध्यकालीन इतिहास या प्राचीन इतिहास से स्नातकोत्तर करने वालों को भी अपात्र घोषित किया गया।
समानांतर कोर्स करने वाले बाहर
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JSSC ने कहा कि 13 अप्रैल 2022 से पहले एक ही समय पर दो समानांतर कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को योग्य नहीं माना गया।
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इस श्रेणी में संस्कृत के 2 और इतिहास के 1 उम्मीदवार शामिल हैं।
विभाग ने लौटाई 10 अनुशंसाएं
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स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने काउंसलिंग के दौरान मिले मामलों की जांच की।
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इसमें संस्कृत और इतिहास विषय के कुल 10 अभ्यर्थियों की अनुशंसा आयोग को वापस लौटा दी गई।
प्रमाणपत्र जांच में गड़बड़ी करने वाले भी रद्द
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जिन अभ्यर्थियों ने समय पर प्रमाणपत्र जांच में उपस्थिति नहीं दी या स्वच्छता प्रमाणपत्र (cleanliness certificate) जमा नहीं किया, उनकी उम्मीदवारी भी रद्द कर दी गई।
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इसमें इतिहास के 10 और संस्कृत के 4 अभ्यर्थी शामिल हैं।
हाई कोर्ट के आदेश पर 14 परिणाम लंबित
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आयोग ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश पर संस्कृत और इतिहास विषय के 14 अभ्यर्थियों का परिणाम रोका गया है।
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इन पर अंतिम निर्णय कोर्ट के आदेश के बाद लिया जाएगा।
JSSC का सख्त संदेश
इस फैसले से स्पष्ट है कि JSSC भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही, गलत जानकारी या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेगा।
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