Seraikela Strike: टाटा स्टील ग्रोथ शॉप कैंटीन में वेतन का संकट, मजदूरों का हक मारने वाले प्रबंधक पर भड़के दीपक महतो, श्रम अधीक्षक कार्यालय के नोटिस को भी ठेंगा
सरायकेला के गम्हरिया में टाटा स्टील ग्रोथ शॉप के एसी क्लब कैंटीन कर्मचारियों के बकाया वेतन पर मचे घमासान की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। जेएलकेएम (JLKM) जिला अध्यक्ष दीपक महतो की सीधी चेतावनी और गायब प्रबंधक की मनमानी का पूरा सच विस्तार से पढ़िए वरना आप मजदूरों के हक की इस सबसे बड़ी कानूनी लड़ाई की जानकारी से चूक जाएंगे।
सरायकेला/गम्हरिया, 28 जनवरी 2026 – औद्योगिक क्षेत्र गम्हरिया में एक बार फिर प्रबंधन और मजदूरों के बीच ठन गई है। मामला टाटा स्टील ग्रोथ शॉप परिसर में संचालित एसी क्लब (कैंटीन) का है, जहाँ पसीना बहाने वाले मजदूरों को उनका जायज वेतन तक नसीब नहीं हो रहा है। थक-हारकर कर्मचारियों ने अब श्रम अधीक्षक कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है। इस पूरे विवाद में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) की एंट्री ने मामले को गरमा दिया है। जिला अध्यक्ष दीपक महतो ने दो टूक कहा है कि मजदूरों की मेहनत का पैसा डकारना एक गंभीर अपराध है और कोई भी कंपनी या ठेकेदार कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
मनमानी की इंतेहा: नोटिस के बाद भी 'लापता' है प्रबंधक
कैंटीन कर्मचारियों का आरोप है कि श्री श्यामलाल लाल नारायण सहित कई कामगारों को लंबे समय से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।
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गायब मैनेजमेंट: जब कर्मचारी वेतन मांगने प्रबंधक के पास जाते हैं, तो वह दफ्तर से नदारद मिलता है।
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प्रशासन को भी ठेंगा: हैरानी की बात यह है कि श्रम अधीक्षक कार्यालय ने इस विवाद को सुलझाने के लिए प्रबंधक को तलब किया था, लेकिन वह वहां भी उपस्थित नहीं हुआ।
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मजदूरों का गुस्सा: कामगारों का कहना है कि यह न केवल उनके साथ अन्याय है, बल्कि सरकारी तंत्र का भी अपमान है।
दीपक महतो की ललकार: "मजदूरों की कमाई रोकना अपराध है"
मजदूरों के समर्थन में श्रम कार्यालय पहुँचे जेएलकेएम जिला अध्यक्ष दीपक महतो ने प्रबंधन के रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई।
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सीधी चेतावनी: महतो ने कहा, "प्रबंधक का कार्यालय से गायब रहना और सरकारी नोटिस की अनदेखी करना साफ दर्शाता है कि कंपनी को कानून का डर नहीं है। हम ऐसा नहीं चलने देंगे।"
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आर्थिक संकट: वेतन न मिलने से दर्जनों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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सख्त कार्रवाई की मांग: मौके पर राज महतो, भानुमति महतो और अन्य कामगारों ने एक स्वर में मांग की कि लापरवाह प्रबंधक के खिलाफ कानूनी एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
गम्हरिया वेतन विवाद: मुख्य बिंदु (Conflict Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| संस्थान | एसी क्लब (कैंटीन), टाटा स्टील ग्रोथ शॉप परिसर |
| क्षेत्र | गम्हरिया, सरायकेला-खरसावां |
| मुख्य मुद्दा | बकाया वेतन का भुगतान न होना |
| हस्तक्षेप | दीपक महतो (जिला अध्यक्ष, JLKM) |
| प्रशासनिक रुख | श्रम अधीक्षक द्वारा नोटिस जारी, प्रबंधक अनुपस्थित |
प्रशासन के सामने चुनौती
गम्हरिया की औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए अब गेंद प्रशासन के पाले में है। यदि श्रम अधीक्षक कार्यालय कड़ा रुख नहीं अपनाता, तो जेएलकेएम ने औद्योगिक परिसर के गेट पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। मजदूरों का कहना है कि वे केवल अपनी मेहनत का पैसा मांग रहे हैं, कोई दान नहीं।
कानून के दायरे में लाना होगा प्रबंधन को
वेतन रोकना न केवल अनैतिक है बल्कि श्रम कानूनों का उल्लंघन भी है। टाटा स्टील जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड के परिसर में इस तरह की अराजकता औद्योगिक छवि को भी धूमिल करती है। अब देखना यह है कि प्रशासन मजदूरों को कब तक न्याय दिला पाता है।
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