Jharkhand Weather : रांची सहित छह जिलों में भीषण शीतलहर का प्रकोप, तापमान गिरकर छह डिग्री पर पहुंचा
झारखंड में कड़ाके की ठंड का कहर शुरू हो गया है। रांची समेत छह जिलों में भारी शीतलहर को देखते हुए चेतावनी जारी कर दी गई है। पारा गिरकर छह डिग्री तक पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में और गिरावट की संभावना है। रात के वक्त सड़कों पर सन्नाटा छाया हुआ है।
रांची, 17 दिसंबर 2025 – झारखंड में प्रकृति ने अपना सबसे क्रूर रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से जारी तापमान में गिरावट ने अब भीषण ठंड का रूप ले लिया है। राजधानी रांची सहित राज्य के छह मुख्य जिलों में मौसम विज्ञान संस्थान ने कड़ाके की शीतलहर की घोषणा की है। बीते चौबीस घंटों में पारा इतनी तेजी से नीचे गिरा है कि जनजीवन पूरी तरह से थम सा गया है। रांची का न्यूनतम तापमान छह अंश तक पहुंच गया है, जो इस समय की सबसे भयानक ठंड दर्ज की गई है।
तापमान में भारी गिरावट का कारण
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं और वायुमंडल में हुए बदलाव के कारण पूरे राज्य में ठिठुरन बढ़ गई है। आने वाले दिनों में पारा चार से पांच अंश तक और नीचे खिसक सकता है। इसका अर्थ यह है कि आने वाली रातें और भी अधिक कष्टदायक होने वाली हैं। ग्रामीण इलाकों में तो स्थिति ऐसी है कि शाम ढलते ही लोग अलाव का सहारा लेने को विवश हैं।
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इन जिलों में अधिक खतरा: पलामू, गढ़वा, लातेहार, गुमला, खूंटी और सिमडेगा में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान एक अंक में बना हुआ है, जिससे खेती और पशुओं पर भी बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका है।
ऐतिहासिक ठंड की यादें
झारखंड में दिसंबर के महीने में इस तरह की ठंड का इतिहास काफी पुराना है। दशकों पहले भी जब औद्योगिक प्रदूषण कम था, तब रांची को बिहार की ग्रीष्मकालीन राजधानी कहा जाता था क्योंकि यहाँ की आबोहवा हमेशा ठंडी रहती थ। किन्तु इस वर्ष की ठंड ने पुराने कीर्तिमानों को चुनौती देना शुरू कर दिया है। पठारी क्षेत्र होने के कारण यहाँ हवाओं की गति मैदानी इलाकों की तुलना में अधिक चुभने वाली होती है।
आम जनता के लिए विशेष परामर्श
प्रशासन और स्वास्थ्य विज्ञानी लगातार लोगों को सतर्क कर रहे हैं। विशेषकर भोर में भ्रमण करने वाले व्यक्तियों को चेतावनी दी गई है।
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स्वास्थ्य सावधानी: भोर की हवा फेफड़ों और हृदय के लिए हानिकारक हो सकती है। बुजुर्गों और बच्चों को पूरी तरह ऊनी वस्त्रों में ढककर रखने की आवश्यकता है। धूप निकलने के बाद ही बाहरी कार्यों को करने का सुझाव दिया गया है।
बाजारों में भी गर्म कपड़ों की मांग अचानक बढ़ गई है। प्रशासन द्वारा विभिन्न चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की जा रही है ताकि बेघर लोगों को कुछ राहत मिल सके। आने वाले कुछ दिन झारखंड के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं।
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