Jamtara Theft: पोसोई में सांड चोरों की शामत, ग्रामीणों ने घेराबंदी कर 3 को दबोचा, मवेशी तस्करी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश होने की उम्मीद
जामताड़ा के पोसोई गांव में सांड चोरी करते पकड़े गए तीन आरोपियों और ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है। लगातार बढ़ती मवेशी चोरी और पुलिस की गिरफ्त में आए सोनबाद व रामपुर के युवकों का पूरा विवरण विस्तार से पढ़िए वरना आप इस गंभीर अपराध और इलाके में बढ़ते तनाव की जानकारी से चूक जाएंगे।
जामताड़ा, 30 जनवरी 2026 – झारखंड के जामताड़ा जिला अंतर्गत पोसोई गांव में शुक्रवार को उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब ग्रामीणों ने सांड चोरी के आरोप में तीन संदिग्धों को रंगे हाथ धर दबोचा। मवेशी चोरी की बढ़ती वारदातों से आजिज आ चुके ग्रामीणों का गुस्सा इस कदर फूटा कि इलाके में कुछ देर के लिए सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव की स्थिति बन गई। गनीमत रही कि सूचना मिलते ही जामताड़ा पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला और तीनों आरोपियों को उग्र भीड़ से बचाकर थाने ले गई।
पोसोई में 'पब्लिक रेड': चोरों को भागने का नहीं मिला मौका
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले काफी समय से पोसोई, मोहड़ा और नाराडीह जैसे इलाकों में मवेशियों के गायब होने का सिलसिला जारी था। शुक्रवार को जब तीन युवक एक सांड को संदिग्ध तरीके से ले जाने की कोशिश कर रहे थे, तब ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ गई।
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पकड़े गए आरोपी: पुलिस कस्टडी में लिए गए लोगों की पहचान सोनबाद निवासी बिंदु दा और राहुल दा, तथा रामपुर निवासी विशेश्वर सोरेन के रूप में हुई है।
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पुलिस की एंट्री: जामताड़ा पुलिस के पदाधिकारी संतोष गोस्वामी दल-बल के साथ गांव पहुँचे। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए तुरंत तीनों को हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए थाना लाया गया।
व्यापार या तस्करी? बयानों में उलझा मामला
हिरासत में लिए गए युवकों ने पुलिस के सामने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि वे मवेशियों की खरीद-बिक्री का वैध काम करते हैं। हालांकि, ग्रामीण इस दलील को मानने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीण मिलन मंडल ने आक्रोश जताते हुए कहा कि इलाके में मवेशी चोरी का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो रात के अंधेरे में किसानों की संपत्ति पर हाथ साफ कर रहा है।
जामताड़ा मवेशी चोरी मामला: मुख्य विवरण (Quick Case Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Details) |
| स्थान | पोसोई गांव, जामताड़ा |
| पकड़े गए लोग | बिंदु दा, राहुल दा (सोनबाद) और विशेश्वर सोरेन (रामपुर) |
| आरोप | सांड चोरी और अवैध तस्करी का प्रयास |
| पुलिस अधिकारी | संतोष गोस्वामी (जामताड़ा थाना) |
| वर्तमान स्थिति | आरोपी हिरासत में, जांच जारी |
पुलिस की रडार पर 'अंतरराज्यीय गिरोह'
पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि पकड़े गए युवकों का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड क्या है। जामताड़ा पुलिस के अनुसार, यदि इनके तार किसी बड़े संगठित मवेशी तस्करी गिरोह से जुड़े पाए जाते हैं, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कानून अपने हाथ में न लें और किसी भी संदिग्ध की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
साख पर सवाल
जामताड़ा में मवेशी चोरी केवल एक आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि एक बड़ी सुरक्षा चुनौती है। पोसोई के ग्रामीणों ने अपनी सतर्कता से एक बड़ी वारदात तो रोक दी, लेकिन सवाल अब भी वही है—क्या मुख्य सरगना कभी पकड़ा जाएगा?
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