Jamtara Fire: मिहिजाम में आग का तांडव, बिचाली के ढेर से उठी लपटों ने मचाई तबाही, चित्तरंजन से पहुंचीं दमकल की गाड़ियां
जामताड़ा के मिहिजाम में बुधवार को बिचाली के ढेर में लगी भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। चित्तरंजन और जामताड़ा से पहुंचीं दमकल की गाड़ियों और स्थानीय लोगों की जद्दोजहद की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप इलाके में हुए इस बड़े नुकसान की जानकारी मिस कर देंगे।
जामताड़ा/मिहिजाम, 18 फरवरी 2026 – जामताड़ा जिले के मिहिजाम नगर क्षेत्र स्थित कुर्मी पारा इलाके में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक रिहायशी इलाके के बीचों-बीच आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। स्थानीय निवासी रुपेश यादव के परिसर में रखी बिचाली (धान का पुआल) के विशाल ढेर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि आसपास के घरों पर भी खतरा मंडराने लगा। इस हादसे में हजारों रुपये की बिचाली जलकर खाक हो गई है।
कुर्मी पारा में हाहाकार: दोपहर का वो खौफनाक मंजर
बुधवार की दोपहर जब लोग अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, तभी अचानक धुएं का काला गुबार आसमान में छा गया।
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भड़की लपटें: रुपेश यादव द्वारा पशुओं के चारे के लिए इकट्ठा की गई बिचाली के ढेर ने आग पकड़ ली थी। बिचाली सूखी होने के कारण आग ने पलक झपकते ही पूरे ढेर को अपनी चपेट में ले लिया।
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मच गई भगदड़: आग की तपिश इतनी ज्यादा थी कि मोहल्ले के लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय युवाओं ने बाल्टियों से पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग बेकाबू हो चुकी थी।
दो शहरों से बुलाई गई दमकल की गाड़ियां
आग की भयावहता को देखते हुए तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी गई।
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चित्तरंजन और जामताड़ा से मदद: आग बुझाने के लिए पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन और जामताड़ा जिला मुख्यालय से दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
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घंटों की मशक्कत: दमकल कर्मियों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को और फैलने से रोका। अगर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो पास के घने बसे घर भी इसकी जद में आ सकते थे।
मिहिजाम अग्निकांड: एक नजर में (Event Details)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| स्थान | कुर्मी पारा, मिहिजाम (जामताड़ा) |
| पीड़ित | रुपेश यादव |
| नुकसान | हजारों की बिचाली जलकर राख |
| दमकल गाड़ियां | 02 (चित्तरंजन और जामताड़ा से) |
| हताहत | कोई नहीं (जनहानि नहीं हुई) |
कैसे लगी आग? लापरवाही या महज हादसा
प्रशासन अब इस बात की जांच कर रही है कि बिचाली के ढेर में आग आखिर लगी कैसे?
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आशंका: शुरुआती कयास लगाए जा रहे हैं कि किसी ने जलती हुई बीड़ी या माचिस की तीली लापरवाही से फेंक दी होगी।
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चिंगारी का खेल: कुछ लोग इसे बिजली के शॉर्ट सर्किट या पास में हो रहे किसी छोटे काम की चिंगारी से भी जोड़कर देख रहे हैं।
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बड़ा आर्थिक झटका: रुपेश यादव के लिए यह एक बड़ी क्षति है, क्योंकि साल भर के पशु चारे का स्टॉक राख हो चुका है।
प्रशासन की जांच शुरू
मिहिजाम पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मौके का मुआयना किया है। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सूखे पुआल और ज्वलनशील पदार्थों के पास आग का प्रयोग न करें।
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