Ulidih Theft: 30 हजार की नकद चोरी! जमशेदपुर के उलीडीह में जेरॉक्स की दुकान में रात में वारदात, ताला तोड़कर चोर हुए फरार, बाकी सामान को छोड़कर सिर्फ नकद ले जाने से उलझा मामला, पुलिस ने सीसीटीवी खंगालना शुरू किया
जमशेदपुर के उलीडीह थाना क्षेत्र के कुंवर सिंह रोड स्थित एक जेरॉक्स दुकान में देर रात चोरी की घटना हुई। अज्ञात चोरों ने ताला तोड़कर दराज में रखे 30 हजार रुपये नकद चुरा लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सिर्फ नकदी की चोरी होने पर गहन जांच शुरू कर दी है।
जमशेदपुर में सर्दियों का मौसम शुरू होने के साथ ही आपराधिक गतिविधियों में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। इस बार शहर के उलीडीह थाना क्षेत्र के कुंवर सिंह रोड स्थित एक जेरॉक्स दुकान को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया है। 11 अक्टूबर की देर रात हुई इस चोरी की घटना ने सिर्फ एक पीड़ित को ही नुकसान नहीं पहुंचाया है, बल्कि इलाके के छोटे दुकानदारों में सुरक्षा को लेकर एक बड़ा डर पैदा कर दिया है।
इतिहास में चोरी और छोटी-मोटी लूट की वारदातें अक्सर उन इलाकों में अधिक होती हैं जहां पुलिस की गश्त कमजोर होती है। यह मामला विशेष रूप से उलझा हुआ लगता है क्योंकि चोरों ने दुकान के महत्वपूर्ण और कीमती सामानों को छोड़कर सिर्फ नकद रकम ले जाने को प्राथमिकता दी है। यह किसी भी संभावित भीतरी सूत्र (Inside Source) की ओर इशारा करता है।
ताला तोड़कर नकद पर किया 'ऑपरेशन'
राजेंद्र नगर, कुंवर सिंह रोड के निवासी राकेश कुमार ने बताया कि उनकी दुकान 'एफ वर्ड' नाम से चलती है। 11 अक्टूबर की रात वह दुकान बंद करके रोजाना की तरह घर चले गए थे।
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चोरी का खुलासा: अगले दिन, यानी 12 अक्टूबर की सुबह जब वह दुकान पर पहुंचे, तो देखा कि दुकान का ताला टूटा हुआ है और दराज में रखे पूरे 30 हजार रुपये गायब हैं। इस बड़ी नकद राशि का दुकान में रातभर छोड़ा जाना भी जांच का एक अहम विषय बन गया है।
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सिर्फ नकदी पर निशाना: राकेश कुमार ने चौंकाने वाली जानकारी दी कि चोरों ने दुकान में मौजूद जेरॉक्स मशीन या अन्य सामानों को हाथ भी नहीं लगाया है। सिर्फ नकद लेकर फरार होना किसी ऐसे व्यक्ति की संलिप्तता की ओर संकेत करता है, जिसे पता था कि नकद कहां रखी गई है।
पुलिस ने शुरू की गहन जांच
चोरी की सूचना मिलते ही उलीडीह थाना पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
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मामला दर्ज: भुक्तभोगी राकेश कुमार के लिखित आवेदन पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
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सीसीटीवी की मदद: पुलिस अब चोरों की पहचान करने के लिए आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज को गहनता से खंगाल रही है। यह तकनीक चोरों के भागने के रास्ते और उनकी संख्या का पता लगाने में अहम हो सकती है।
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जांच के पहलु: पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में सिर्फ नकदी की चोरी होने के पहलु पर गंभीरता से जांच की जा रही है। यह देखना बाकी है कि क्या पुलिस शीघ्र ही मामले का उद्भेदन करके दुकानदारों के बीच भरोसा कायम कर पाती है।
आपकी राय में, सिर्फ नकदी की चोरी होने पर, चोरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के अलावा कौन से दो सबसे संभावित जांच पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए?
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