Jamshedpur Attack: जमशेदपुर में थाना से लौट रहे वकील पर जानलेवा हमला, लोहे की रॉड से सिर फाड़ा, MGM में इलाज
जमशेदपुर के सुभाष कॉलोनी में अधिवक्ता दिलीप गोराई पर जानलेवा हमला हुआ है। दीदी जशोदा पाल को घर छोड़ने जाते समय उन पर लोहे की रॉड से वार किया गया। उलीडीह थाना में सनहा दर्ज कराने के बाद यह हमला हुआ, जो एक गंभीर पारिवारिक विवाद से जुड़ा है। दिलीप गोराई के सिर में गहरी चोट आई है और उनके सिर पर कई टांके लगाए गए हैं।
जमशेदपुर, 19 नवंबर 2025 – जमशेदपुर के उलीडीह थाना क्षेत्र के सुभाष कॉलोनी से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां मंगलवार शाम अधिवक्ता दिलीप गोराई पर जानलेवा हमला किया गया। यह हमला उस वक्त हुआ जब वह अपनी दीदी जशोदा पाल को थाना में सनहा (Sanha) दर्ज कराने के बाद उन्हें घर छोड़ने जा रहे थे। हमले में दिलीप गोराई के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उन्हें MGM अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने उनके सिर पर कई टांके लगाए हैं। सवाल यह है कि क्या थाना में दर्ज कराए गए सनहा का बदला लेने के लिए यह हमला किया गया था, और क्या इस तरह के हमले कानून के रक्षकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े नहीं करते हैं?
थाना से लौटते ही हमला: रॉड से सिर पर वार
अधिवक्ता दिलीप गोराई ने उलीडीह थाना में दिए अपने आवेदन में पूरे घटनाक्रम का ब्योरा दिया है।
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सनहा दर्ज: दिलीप गोराई अपनी दीदी जशोदा पाल और भांजी चित्रा पाल को लेकर थाना गए थे, जहां एक सनहा दर्ज कराया गया था। पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज यह सनहा संभवतः किसी पारिवारिक या व्यक्तिगत विवाद से जुड़ा हो सकता है।
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हमले का स्थान: सनहा दर्ज कराने के बाद जब दिलीप गोराई अपनी दीदी को उनके घर छोड़ने जा रहे थे, तभी सुभाष कॉलोनी पहुंचते ही उन पर घातक हमला हुआ।
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हमलावर: गोराई के अनुसार, जशोदा पाल के ससुर अवनिकांत पाल, देवर संदीप पाल, प्रीति पाल और संदीप पाल का साला वहां आ धमके और उन पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया।
गंभीर चोटें: MGM अस्पताल में भर्ती
हमले में अधिवक्ता दिलीप गोराई को गंभीर चोटें आईं। लोहे की रॉड से हुए वार के कारण उनका सिर फट गया और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गहरे जख्म आए।
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चिकित्सा: स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें संभाला और इलाज के लिए एमजीएम (MGM) अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने बताया कि सिर में गहरी चोट है, जिसके चलते कई टांके लगाने पड़े हैं। साथ ही उनके शरीर के कई हिस्सों में सूजन और जख्म पाए गए हैं।
यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाती है कि एक मामूली विवाद भी किस कदर जानलेवा हमले में बदल सकता है। दिलीप गोराई के आवेदन पर उलीडीह थाना पुलिस ने अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा सकती है। यह मामला दिखाता है कि व्यक्तिगत विवादों को सुलझाने में हिंसा का सहारा लेना कितना खतरनाक हो सकता है।
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