Bokaro Aid: बोकारो में कुष्ठ रोगियों को मिली बड़ी राहत, MCR चप्पल वितरण कार्यक्रम शुरू, झारखंड में 4 अन्य जिलों में भी वितरण
बोकारो के मनसा सिंह गेट कुष्ठ कॉलोनी में MCR चप्पल वितरण कार्यक्रम शुरू हुआ है, जो बहुत महत्वपूर्ण है। ये विशेष चप्पलें कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं क्योंकि ये पैरों पर दबाव कम करती हैं। Sasakawa India Leprosy Foundation (SILF) और LEPRA समिति ने मिलकर एक संवेदनशील और उपयोगी पहल की शुरुआत की है। यह राज्यव्यापी अभियान देवघर, धनबाद और बोकारो के बाद जल्द ही जमशेदपुर और अन्य जिलों में पहुंचेगा।
बोकारो, 19 नवंबर 2025 – झारखंड के बोकारो जिले से कुष्ठ प्रभावित लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। मनसा सिंह गेट कुष्ठ कॉलोनी में सोमवार को MCR (Micro Cellular Rubber) चप्पल वितरण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। यह पहल Sasakawa India Leprosy Foundation (SILF), नई दिल्ली के सहयोग से चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य कुष्ठ रोगियों को चलने-फिरने में सहूलियत देना और उनके जीवन को आसान बनाना है। MCR चप्पलें विशेष रूप से इसलिए डिज़ाइन की जाती हैं क्योंकि कुष्ठ से प्रभावित पैरों में अक्सर संवेदनशीलता कम हो जाती है और इन चप्पलों से पैरों पर दबाव कम पड़ता है। सवाल यह है कि क्या यह राज्यव्यापी अभियान झारखंड के सभी ज़रूरतमंद कुष्ठ प्रभावित लोगों तक समय पर पहुंच पाएगा?
MCR चप्पल: एक उपहार या ज़रूरत?
कुष्ठ रोग (Leprosy) से प्रभावित व्यक्तियों के लिए साधारण चप्पल पहनना अक्सर मुश्किल और दर्दनाक होता है, जिसके चलते विशेष रूप से डिजाइन की गई MCR चप्पलों की आवश्यकता होती है।
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लाभ: Associations of people affected by leprosy (APAL INDIA) के झारखंड लीडर मधुसूदन तिवारी ने बताया कि MCR चप्पल पैरों पर दबाव को समान रूप से वितरित करती हैं, जिससे कुष्ठ से हुए घावों या विकृतियों पर दबाव कम पड़ता है और चलने में काफी सहूलियत मिलती है। यह उनके दैनिक जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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सहयोग: चप्पलों के निर्माण और वितरण की जिम्मेदारी LEPRA समिति को सौंपी गई है, जो SILF के सहयोग से इस महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम दे रही है।
झारखंड का राज्यव्यापी अभियान: देवघर से शुरुआत
यह MCR चप्पल वितरण कार्यक्रम केवल बोकारो तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एक राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा है।
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आरंभ: इस अभियान की शुरुआत 9 अक्टूबर 2025 को देवघर जिले से की गई थी। देवघर में सफलतापूर्वक वितरण के बाद, कार्यक्रम धनबाद और अब बोकारो में जारी है।
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अगला चरण: मधुसूदन तिवारी ने बताया कि जल्द ही इस कार्यक्रम का विस्तार जमशेदपुर और झारखंड के अन्य कुष्ठ कॉलोनियों में भी किया जाएगा, ताकि अधिकतम ज़रूरतमंदों तक यह लाभ पहुंच सके।
आभार और संवेदनशील पहल
कुष्ठ कॉलोनियों में रहने वाले लोगों ने Sasakawa India Leprosy Foundation (SILF) और LEPRA समिति के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
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धन्यवाद: मधुसूदन तिवारी एवं झारखंड के सभी कुष्ठ कॉलोनी वासियों ने इस संवेदनशील और उपयोगी पहल के लिए समितियों का दिल से धन्यवाद किया। यह पहल न केवल भौतिक सहयोग देती है, बल्कि कुष्ठ प्रभावितों को सामाजिक और मनोवैज्ञानिक समर्थन भी प्रदान करती है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
इस तरह के सामाजिक सहयोग कार्यक्रम कुष्ठ प्रभावित समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके जीवन की गुणवत्ता सुधारने में मील का पत्थर साबित होते हैं।
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