Jamshedpur Fraud: रेलवे में नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी, चौथा आरोपी बोकारो से गिरफ्तार!
रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का चौथा आरोपी बोकारो से गिरफ्तार! जानिए कैसे करते थे फर्जीवाड़ा और पुलिस ने कैसे पकड़ा।
अगर आप रेलवे में नौकरी पाने के सपने देख रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! झारखंड में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का एक और सदस्य बोकारो से गिरफ्तार हो चुका है। यह गिरोह नकली मेडिकल टेस्ट और जॉइनिंग लेटर देकर लोगों को ठगता था।
बिष्टुपुर थाना पुलिस ने इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, और अब चौथे आरोपी को बोकारो से धर दबोचा गया। इस गिरोह ने कई बेरोजगार युवाओं से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठग लिए।
पुलिस ने कैसे पकड़ा चौथा आरोपी?
गिरफ्तार आरोपी आसनसोल के एक अस्पताल में कर्मचारी है, और उसकी पत्नी भी वहीं नर्स के तौर पर काम करती है। आरोपी फर्जी मेडिकल टेस्ट और जॉइनिंग के पेपर उपलब्ध कराता था, जिससे बेरोजगार युवाओं को यकीन दिलाया जाता था कि उनकी रेलवे में नौकरी पक्की हो चुकी है।
अब तक गिरफ्तार आरोपी:
मनीष कुमार (मुख्य आरोपी, बोकारो चास)
राजदीप कुमार (कसमार थाना क्षेत्र, बोकारो)
मंतोष कुमार (बोकारो निवासी)
नया आरोपी (आसनसोल अस्पताल कर्मचारी)
लाखों रुपये की ठगी, लेकिन नौकरी किसी को नहीं!
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को रेलवे की नौकरी का लालच देकर मोटी रकम ऐंठता था।
राघव मछुवा (रेलवे कर्मचारी) से 4 लाख रुपये
तकबुल अंसारी से 10 लाख रुपये
निजाम अंसारी से 7 लाख रुपये
इन पैसों के बदले आरोपियों ने फर्जी रोल नंबर, जॉइनिंग लेटर और मेडिकल सर्टिफिकेट तक दे दिए!
ठगी का मास्टर प्लान – कैसे फंसाते थे बेरोजगारों को?
पहले विश्वास जीतते थे – गिरोह के लोग किसी रेलवे कर्मचारी के जरिए पीड़ितों से संपर्क करते थे।
फर्जी डॉक्यूमेंट्स का खेल – नकली मेडिकल रिपोर्ट, जॉइनिंग लेटर और रोल नंबर देकर विश्वास दिलाते थे।
आसनसोल में भेजते थे – नौकरी के इंतजार में बेरोजगार युवाओं को किराए के लॉज में ठहराया जाता था।
फिर मोबाइल बंद कर देते थे – जब पैसे मिल जाते थे, तो आरोपी नंबर बंद कर फरार हो जाते थे।
राघव मछुवा के बेटे के साथ भी ऐसा ही हुआ! उसे आसनसोल में गुप्ता लॉज में ठहराया गया, लेकिन महीनों इंतजार के बाद भी नौकरी नहीं मिली। जब उसने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने बहाने बनाना शुरू कर दिया।
भारत में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के बड़े मामले
2019 – उत्तर प्रदेश: रेलवे में नौकरी के नाम पर 300 से ज्यादा युवाओं से ठगी, 5 करोड़ रुपये वसूले गए।
2021 – बिहार: एक गिरोह रेलवे और बैंक में नौकरी दिलाने के नाम पर 50 से ज्यादा युवाओं से ठगी कर चुका था।
2023 – झारखंड: फर्जी कॉल सेंटर बनाकर रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 12 करोड़ रुपये ठग लिए गए।
पुलिस की चेतावनी – अगर कोई नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगे, तो सावधान रहें!
झारखंड पुलिस का बयान:
“रेलवे या किसी सरकारी नौकरी में चयन पूरी तरह से मेरिट के आधार पर होता है। अगर कोई एजेंट या व्यक्ति पैसे लेकर नौकरी दिलाने का दावा करता है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।”
जनता का सवाल – ठगों पर और सख्ती क्यों नहीं?
रेलवे की फर्जी नौकरी का यह खेल सालों से चल रहा है, लेकिन अब भी बेरोजगार ठगे जा रहे हैं!
पुलिस आरोपियों को पकड़ रही है, लेकिन पीड़ितों का पैसा कब वापस मिलेगा?
ठगों को सजा दिलाने के लिए क्या सख्त कानून बनाए जाने चाहिए?
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