Parsudih Raid: गदड़ा स्कूल में छिपे थे हथियारबंद अपराधी, तड़के 3:30 बजे पुलिस ने घेरा, रौशन पाका समेत तीन गिरफ्तार, टली बड़ी वारदात
जमशेदपुर के परसुडीह पुलिस ने गदड़ा भूमिज टोला स्कूल में छापेमारी कर हथियार के साथ तीन अपराधियों को दबोचा है। रौशन पाका, गोलू बंगाली और आनंद पॉल की गिरफ्तारी और पुलिस के खौफनाक एनकाउंटर जैसे ऑपरेशन की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/परसुडीह, 8 अप्रैल 2026 – लौहनगरी में अपराध के खिलाफ जारी महासंग्राम में परसुडीह थाना पुलिस ने बुधवार के तड़के एक सनसनीखेज कामयाबी हासिल की है। गदड़ा भूमिज टोला स्थित एक प्राथमिक विद्यालय के अंधेरे में बैठकर किसी बड़ी खूनी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहे तीन कुख्यात अपराधियों को पुलिस ने रंगे हाथ दबोच लिया। जब पूरा शहर गहरी नींद में था, तब पुलिस ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' की तर्ज पर स्कूल परिसर की घेराबंदी कर हथियारबंद गुर्गों को सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से लोडेड पिस्तौल बरामद हुई है, जिससे साफ है कि शहर में आज कोई बड़ी वारदात होने वाली थी।
तड़के 3:30 बजे का 'हंट': जब पुलिस ने स्कूल को चारों तरफ से घेरा
बुधवार की भोर करीब 3 बजे परसुडीह थाना प्रभारी को एक सटीक गुप्त सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार, गदड़ा भूमिज टोला प्राथमिक विद्यालय के सुनसान परिसर में कुछ बाहरी युवक हथियारों के साथ जुटे हैं।
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घेराबंदी और रेड: सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम ने तड़के 3:30 बजे विद्यालय परिसर को चारों तरफ से घेर लिया।
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भागने की कोशिश नाकाम: पुलिस की आहट पाते ही अपराधी दीवार फांदकर भागने की फिराक में थे, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हें जमीन पर पटक दिया।
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बरामदगी: तलाशी के दौरान पुलिस ने एक लोडेड पिस्तौल और कुछ मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
गिरफ्तार चेहरों का 'क्रिमिनल कुंडली': कौन हैं ये तीन गुर्गे?
पुलिस के हत्थे चढ़े तीनों आरोपी शहर के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं और इनका नेटवर्क काफी गहरा बताया जा रहा है।
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रौशन सिंह उर्फ पाका: गदड़ा ड्राइवर कॉलोनी का रहने वाला यह युवक इलाके में दहशत का दूसरा नाम माना जाता है।
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रौशन कुमार उर्फ गोलू बंगाली: बारिगोड़ा निवासी गोलू पर पहले भी कई संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने का संदेह रहा है।
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आनंद पॉल: राहड़गोड़ा का रहने वाला आनंद इस गैंग के लिए सूचनाएं और रसद जुटाने का काम करता था।
अपराधियों का सुरक्षित पनाहगाह?
परसुडीह और गदड़ा का इलाका भौगोलिक रूप से शहर के किनारे स्थित है, जिसका फायदा अक्सर अपराधी उठाते रहे हैं।
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सुनसान सरकारी भवन: गदड़ा का यह प्राथमिक विद्यालय रात के वक्त पूरी तरह सुनसान हो जाता है। पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि शहर के बाहरी इलाकों में स्थित ऐसे सरकारी स्कूल अपराधियों के लिए 'प्लानिंग सेंटर' बन जाते हैं।
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पुलिस की पैनी नजर: परसुडीह थाना पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में गदड़ा, राहड़गोड़ा और बारिगोड़ा जैसे इलाकों में गश्त बढ़ाई है। यही कारण है कि अपराधी अब सड़कों के बजाय स्कूलों और खंडहरों में छिपने को मजबूर हैं।
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टाटा-ओडिशा हाईवे का प्रभाव: परसुडीह का यह क्षेत्र हाईवे से सटे होने के कारण अपराधियों को वारदात के बाद भागने का आसान रास्ता देता है।
जेल की सलाखें और 'मास्टरमाइंड' की तलाश
गिरफ्तारी के बाद परसुडीह पुलिस अब इस मामले की जड़ तक पहुँचने में जुटी है।
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प्राथमिकी दर्ज: थाना प्रभारी के बयान पर आर्म्स एक्ट और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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अपराधिक इतिहास: पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या रौशन पाका और उसके साथियों का संबंध किसी बड़े अंतरराज्यीय गैंग से है। पुलिस को शक है कि ये लोग किसी ठेकेदार या व्यापारी की हत्या या रंगदारी की योजना बना रहे थे।
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पिस्तौल की फॉरेंसिक जांच: बरामद हथियार कहां से खरीदा गया और इसका पहले किसी वारदात में इस्तेमाल हुआ है या नहीं, इसकी जांच के लिए इसे लैब भेजा जाएगा।
परसुडीह पुलिस की इस मुस्तैदी ने जमशेदपुर को एक संभावित बड़ी वारदात से बचा लिया है। स्कूल जैसे विद्या के मंदिर में हथियारों के साथ अपराधियों का जमावड़ा समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। रौशन पाका, गोलू बंगाली और आनंद पॉल की गिरफ्तारी से निश्चित रूप से गदड़ा और आसपास के इलाकों में अपराध पर लगाम लगेगी। फिलहाल, पुलिस इन तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी कर रही है और शहर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
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